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संभल नगर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ मुखर हुए सभासद, धरना-प्रदर्शन, शासन तक शिकायत

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 03 Jun 2019 01:53 AM IST
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संभल नगर पालिकाध्यक्ष के खिलाफ मुखर हुए सभासद, धरना-प्रदर्शन, शासन तक शिकायत
संभल। इन दिनों नगर पालिका में सब कुछ ठीक ठाक नहीं हो रहा है। नगर पालिकाध्यक्ष आरिफा शकील के खिलाफ अचानक कुछ सभासदों का मुखर होना इस बात का संदेश दे रहा है कि कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। खास बात यह है कि नगर पालिका में ईओ, कार्यालय अधीक्षक की कुर्सी खाली चल रही है। हालांकि जिला प्रशासन ने एसडीएम संभल को ईओ का अतिरिक्त प्रभार दे रखा है।
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वहीं कार्यालय अधीक्षक पद पर भी कार्यवाहक अधीक्षक की तैनाती कर जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। इससे व्यवस्थाएं ध्वस्त हो रही हैं। नगर पालिका के ही सभासद इस मामले में अब शासन तक शिकायत कर रहे हैैं। भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल के आवास के सामने सभासदों ने धरना देकर समस्याओं का समाधान कराने के लिए शासन तक पैरवी करने की मांग की है। वहीं, समाधान न होने की स्थिति में कमिश्नर कार्यालय पर धरना देने का निर्णय लिया है।
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नगर पालिका परिषद संभल के 22 सभासद पालिकाध्यक्ष के खिलाफ आंदोलन में कूद पड़े हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल को दिए पत्र में कहा है कि पालिकाध्यक्ष की वजह से जान बूझकर विकास कार्यों में अनदेखी और जनसमस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। वार्ड संख्या छह हिंदु बाहुल्य है। विकास कार्यों की अनदेखी के साथ यहां संविधान के साथ खुला मजाक किया जा रहा है। यमतीर्थ के जीर्णोद्घार के लिए धन आवंटित होने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो सका। महाराणा प्रताप पार्क का अमृत योजना में चयन हुआ लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुुआ।
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भूमिगत पाइपलाइन का निर्माण कार्य अधर में लटका है। जिससे हादसे हो रहे हैं। जल निकासी की समस्या सिर का दर्द बन गई है। पथ प्रकाश और जलापूर्ति ठप्प है। कहीं कहीं गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। इसके साथ ही विभिन्न समस्याएं ऐसी हैं जिनका समाधान किया जाना है लेकिन नहीं हो रहा है। बोर्ड की बैठक में रखने के बाद भी नजरअंदाज किया जा रहा है। मुुख्यमंत्री को भेजे पत्र में सभासदों ने पालिकाध्यक्ष आरिफा शकील उनके प्रतिनिधि शकील अहमद, कार्यवाहक कार्यालय अधीक्षक शाहबुद्दीन की मिली भगत से 14वें वित्त आयोग की निधि का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया है। तमाम तथ्यों से उल्लेखित पत्र पर सीएम से संज्ञान लेने की मांग के साथ उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
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