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तरल उर्वरकों से कम लागत में अधिक उपज ली जा सकती है

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2019 01:50 AM IST
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तरल उर्वरकों से कम लागत में अधिक उपज ली जा सकती है
चंदौसी। अभी तक सहकारिता क्षेत्र को यूरिया की आपूर्ति करने वाली (कृषक भारती कोआपरेटिव लिमिटेड) कृभको ने अब पहली बार निजी क्षेत्र को भी यूरिया की आपूर्ति करना शुरू कर दिया है। उप कृषि निदेशक हीरा लाल जीना की मौजूदगी में मंगलवार को आयोजित विक्रेता संगोष्ठी में विक्रेताओं के साथ-साथ किसानों को भी जैव उर्वरकों के प्रयोग के लिए भी प्रेरित किया गया। कम लागत में अधिक उत्पादन के टिप्स दिए गए।
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कृभको के वरिष्ठ प्रबंधक गजेंद्र कुमार ने जैविक खेती करने पर जोर देते हुए उत्पादों की जानकारी दी। तरल जैव उर्वरक की विशेषता बताते हुए कहा कि इसमें मौजूद असंख्य जीवित जीवाणु वायुमंडल से नाइट्रोजन ग्रहण करके पौधों को उपलब्ध कराते हैं। फास्फेट घोलक जीवाणु भूमि में अघुलनशील फास्फेट को एक एंजाइम के द्वारा घुलनशील अवस्था में ले आता है। जिससे किसान को कम लागत में ही अधिक उपज प्राप्त होती है।
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इनका कोई रसायनिक दुष्प्रभाव भी नहीं है। साथ ही उन्होंने सभी से मिट्टी का परीक्षण कराकर ही उर्वरक का प्रयोग करने पर जोर दिया। सहायक प्रबंधक कृभको राकेश कुमार सिंह ने कृभको द्वारा भंडारित व जनपद में प्रस्तावित आवक संबंधी जानकारी देते हुए कहा कि अब डीएपी यूरिया के साथ-साथ एनपीके का भी आयात किया जा रहा है। जिसकी शीघ्र ही एक रैक चंदौसी आने वाली है।
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जनपद में किसी भी दशा में कृभको उर्वरकों की कमी नहीं होने दी जाएगी। विक्रेताओं से कहा कि कोई भी बिना पीओएस मशीन व अधिकार पत्र के उर्वरक न बेचे। गन्ना समिति सचिव रजपुरा डा. प्रदीप वर्मा ने जैविक खेती व सहफसली खेती करने के लिए प्रतिभागियों को प्रशिक्षत किया।
उप कृषि निदेशक हीरा सिंह जीना ने कहा कि किसान को जो तकनीकी जानकारी यहां दी जा रही है उसका प्रचार प्रसार करें और तकनीकी को उपयोग में लाएं। तभी किसान कम लागत में अधिक उपज ले सकता है।

कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी डा. नरेंद्र प्रताप सिंह, सहायक निबंधक (सहकारिता) प्रदीप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी कुलदीप सिंह के अलावा गन्ना विभाग, पीसीएफ, एग्रो, सीसीएस आदि के अधिकारी मौजूद रहे।
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