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चुनाव आचार संहिता लगने से लटक गया एक अरब रुपये की आय-व्यय का बजट
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चंदौसी। आदर्श चुनाव आचार संहिता लगने से नगर पालिका परिषद बोर्ड की सोमवार को प्रस्तावित अनुमानित बजटीय बैठक स्थगित करनी पड़ी, जिससे 2019-20 का 53.53 करोड़ की आय और 52.38 करोड़ के व्यय का बजट लटक गया है। अब यह बजट लोकसभा चुनाव के बाद 23 मई के बाद ही हो सकेगी।
नगर पालिका परिषद चंदौसी बोर्ड की बजटीय बैठक होने में काफी विलंब हो गया। सभी को मालूम ही था कि चुनाव आचार संहिता लगने वाली है लेकिन इसके बावजूद पालिका प्रशासन बजट पर गंभीर नहीं हो सकी।
11 मार्च को बोर्ड की बैठक में वित्तीय वर्ष-2019-20 के बजट को हरी झंडी देनी थी लेकिन एजेंडा भी जारी कर दिया गया था। लेकिन उससे 18 घंटे पहले ही चुनाव आयोग ने लोकतंत्र के महापर्व की तारीखों का ऐलान कर दिया और चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। इस कारण बोर्ड की बैठक को स्थगित करना पड़ गया। इस बजट में पालिका ने 20.50 करोड़ रुपये तो पालिका कर्मचारियों, पालिका संसाधनों पर व्यय करने की योजना बनाई थी।
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जल कल विभाग पर 1.75 करोड़, पथ प्रकाश पर 1.69 करोड, निर्माण पर 4.25 करोड़, स्वास्थ्य पर 1.35 करोड़, कार्यालय प्रबंधन पर 39 लाख, 14वें वित्त आयोग से 14.84 करोड़, अमृत योजना के तहत तीन करोड़, स्वच्छ भारत योजना के तहत एक करोड़ रुपये व्यय सहित कुल 52.38 करोड़ रुपये व्यय करने की योजना तैयार की थी। जबकि इसी वित्तीय वर्ष में 83.83 करोड़ रुपये की आय अर्जित करने की योजना थी। कुल मिलाकर 1.14 करोड़ रुपये के लाभ का बजट पारित किया जाना था लेकिन अब यह बजट पालिका लोकसभा चुनाव के बाद ही पारित कर पाएगी। करीब दो महीने तक नगरवासियों को इसके लिए इंतजार करना होगा।
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नगर पालिका परिषद चंदौसी बोर्ड की बजटीय बैठक होने में काफी विलंब हो गया। सभी को मालूम ही था कि चुनाव आचार संहिता लगने वाली है लेकिन इसके बावजूद पालिका प्रशासन बजट पर गंभीर नहीं हो सकी।
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11 मार्च को बोर्ड की बैठक में वित्तीय वर्ष-2019-20 के बजट को हरी झंडी देनी थी लेकिन एजेंडा भी जारी कर दिया गया था। लेकिन उससे 18 घंटे पहले ही चुनाव आयोग ने लोकतंत्र के महापर्व की तारीखों का ऐलान कर दिया और चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। इस कारण बोर्ड की बैठक को स्थगित करना पड़ गया। इस बजट में पालिका ने 20.50 करोड़ रुपये तो पालिका कर्मचारियों, पालिका संसाधनों पर व्यय करने की योजना बनाई थी।
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जल कल विभाग पर 1.75 करोड़, पथ प्रकाश पर 1.69 करोड, निर्माण पर 4.25 करोड़, स्वास्थ्य पर 1.35 करोड़, कार्यालय प्रबंधन पर 39 लाख, 14वें वित्त आयोग से 14.84 करोड़, अमृत योजना के तहत तीन करोड़, स्वच्छ भारत योजना के तहत एक करोड़ रुपये व्यय सहित कुल 52.38 करोड़ रुपये व्यय करने की योजना तैयार की थी। जबकि इसी वित्तीय वर्ष में 83.83 करोड़ रुपये की आय अर्जित करने की योजना थी। कुल मिलाकर 1.14 करोड़ रुपये के लाभ का बजट पारित किया जाना था लेकिन अब यह बजट पालिका लोकसभा चुनाव के बाद ही पारित कर पाएगी। करीब दो महीने तक नगरवासियों को इसके लिए इंतजार करना होगा।