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Sambhal News: डीबीटी का लाभ पाने से वंचित रह गए 13305 विद्यार्थी
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बहजोई (संवाद)। आधार कार्ड न होने व संशोधन के अभाव समेत बैंकों व शिक्षकों की लापरवाही से बीते वर्ष करीब 13 हजार विद्यार्थी डीबीटी का लाभ लेने से वंचित रह गए। इससे विद्यार्थियों को डीबीटी से मिलने वाली धनराशि के माध्यम से जूता, मोजा, ड्रेस व स्वेटर आदि उपलब्ध कराने की शासन की मंशा को करारा झटका लगा है।बीते वर्ष 2024-25 में बेसिक शिक्षा विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत 1,58,540 विद्यार्थियों का पंजीकरण किया गया था। इसकी तुलना में विभाग की ओर से 1,45,235 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की धनराशि भेजी गई थी। बावजूद इसके आधार कार्ड न होने व संशोधन के अभाव समेत बैंकों व शिक्षकों की लापरवाही के कारण 13305 विद्यार्थियों को डीबीटी की धनराशि से वंचित रहना पड़ा था।
विभाग के एमआईएस प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि शेष रहे 13305 विद्यार्थियों को डीबीटी न मिलने का मुख्य कारण था कि इनमें से 6396 विद्यार्थियों के अभिभावकों के आधार कार्ड बैंक में सीड नहीं थे। वहीं, 1536 विद्यार्थियों के अभिभावकों पर आधार कार्ड नहीं थे। साथ ही 4291 विद्यार्थियों के अभिभावकों के आधार कार्ड में संशोधन नहीं हुआ था। इसके अलावा 1082 विद्यार्थियों का डाटा शिक्षकों की ओर से सत्यापन होकर देरी से मिला था।
एमआईएस प्रभारी का कहना है कि इस बार वर्ष 2025-26 में पंजीकृत सभी विद्यार्थियों को डीबीटी का लाभ समय से उपलब्ध हो सके। इसके लिए समय से विद्यार्थियों के अभिभावकों के आधार कार्ड बनवाने समेत संशोधित व संबंधित बैंकों में सीड कराने तथा शिक्षकों की ओर से भी डाटा सत्यापन कर जल्द उपलब्ध कराने पर पूरा जोर दिया जा रहा है।
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विभाग के एमआईएस प्रभारी विक्रम सिंह ने बताया कि शेष रहे 13305 विद्यार्थियों को डीबीटी न मिलने का मुख्य कारण था कि इनमें से 6396 विद्यार्थियों के अभिभावकों के आधार कार्ड बैंक में सीड नहीं थे। वहीं, 1536 विद्यार्थियों के अभिभावकों पर आधार कार्ड नहीं थे। साथ ही 4291 विद्यार्थियों के अभिभावकों के आधार कार्ड में संशोधन नहीं हुआ था। इसके अलावा 1082 विद्यार्थियों का डाटा शिक्षकों की ओर से सत्यापन होकर देरी से मिला था।
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एमआईएस प्रभारी का कहना है कि इस बार वर्ष 2025-26 में पंजीकृत सभी विद्यार्थियों को डीबीटी का लाभ समय से उपलब्ध हो सके। इसके लिए समय से विद्यार्थियों के अभिभावकों के आधार कार्ड बनवाने समेत संशोधित व संबंधित बैंकों में सीड कराने तथा शिक्षकों की ओर से भी डाटा सत्यापन कर जल्द उपलब्ध कराने पर पूरा जोर दिया जा रहा है।
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