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लब्बेक या हुसैन की सदाओं के साथ निकले मातमी जुलूस
Updated Sat, 30 Sep 2017 12:53 AM IST
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हुसैन की सदाओं के साथ निकले मातमी जुलूस
संभल/सिरसी। आठवें मौहर्रम पर अजादारी का सिलसिला और तेज हो गया लब्बेक या हुसैन की सदाओं के साथ मातमी जुलूस निकाले गए। सबीले लगाकर कर्बला वालों की प्यास को याद किया गया। इसी के साथ मजलिस मातम का सिलसिला देर रात तक चलता है।
क़दीमी जुलूस इमाम बारगाह हजरत क़ासिम और मौहल्ला सादात स्थित बड़ा दरवाजा से निकाले गए जुलूस में सैंकड़ो अलमो के साथ या हुसैन,या हुसैन और नारये हैदरी की सदाओं के बीच जुलजुनाह बरामद किया गया ।जिसमें मातमी अंजुमनों ने मातम व नौहा ख्वानी कर शौहदाए कर्बला को खिराजे अक़ीदत पेश की। बड़ा दरवाजा की मजलिस में मौलाना इक़्तेदार मेहंदी ने खिताब फ़रमाया इमाम बारगाह दालान से दोपहर में रोशन चौकी का क़दीमी जुलूस निकाला गया। जो मरकजी इमामबारगाह सहित अनेक इमामबारगाहों में होती हुई इमामबारगाह बाजार पहुंची। देर रात मौहल्ला बाजार से हजरत अब्बास अलैहिस्सलाम का क़दीमी जुलजुनाह निकाला गया। अजादारो ने जुलूस में शामिल होकर कर्बला के शहीदों को खिराजे अक़ीदत पेश की और मन्नते मांगी मौहल्ला शर्की में अजाखाना रईसुल हसन मरहूम से भी आठवी मौहर्रम का क़दीमी जुलजुनाह निकाला गया। जिसमें मातमी अंजुमनो ने मातम व नौहा ख्वानी की। मौहल्ला मुंशियान में आयोजित आठवीं मौहर्रम की मजलिस को मौलाना सिब्ते हैदर ने ख़िताब फ़रमाया व मर्सिया ख्वानी गदिरूल हसन ने अपने हमनवाओं के साथ की इसी इमामबारगाह से रात नौ बजे हजरत अब्बास अलमदार की याद में ताबूत का जुलूस निकाला गया। जो इमामबारगाह इमाम रजा पहुंचकर संपन्न हुआ। आठवीं मौहर्रम पर प्यासों की याद में दिन भर सबीले लगी रहीं और लंगर जारी रहे नज्रो - नियाज का सिलसिला भी देर रात तक जारी रहा। कर्बला के शहीदों व उनके परिवार के बच्चो तथा महिलाओं पर यजीदी लश्कर ने सात मौहर्रम से पानी बंद कर दिया था।
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संभल/सिरसी। आठवें मौहर्रम पर अजादारी का सिलसिला और तेज हो गया लब्बेक या हुसैन की सदाओं के साथ मातमी जुलूस निकाले गए। सबीले लगाकर कर्बला वालों की प्यास को याद किया गया। इसी के साथ मजलिस मातम का सिलसिला देर रात तक चलता है।
क़दीमी जुलूस इमाम बारगाह हजरत क़ासिम और मौहल्ला सादात स्थित बड़ा दरवाजा से निकाले गए जुलूस में सैंकड़ो अलमो के साथ या हुसैन,या हुसैन और नारये हैदरी की सदाओं के बीच जुलजुनाह बरामद किया गया ।जिसमें मातमी अंजुमनों ने मातम व नौहा ख्वानी कर शौहदाए कर्बला को खिराजे अक़ीदत पेश की। बड़ा दरवाजा की मजलिस में मौलाना इक़्तेदार मेहंदी ने खिताब फ़रमाया इमाम बारगाह दालान से दोपहर में रोशन चौकी का क़दीमी जुलूस निकाला गया। जो मरकजी इमामबारगाह सहित अनेक इमामबारगाहों में होती हुई इमामबारगाह बाजार पहुंची। देर रात मौहल्ला बाजार से हजरत अब्बास अलैहिस्सलाम का क़दीमी जुलजुनाह निकाला गया। अजादारो ने जुलूस में शामिल होकर कर्बला के शहीदों को खिराजे अक़ीदत पेश की और मन्नते मांगी मौहल्ला शर्की में अजाखाना रईसुल हसन मरहूम से भी आठवी मौहर्रम का क़दीमी जुलजुनाह निकाला गया। जिसमें मातमी अंजुमनो ने मातम व नौहा ख्वानी की। मौहल्ला मुंशियान में आयोजित आठवीं मौहर्रम की मजलिस को मौलाना सिब्ते हैदर ने ख़िताब फ़रमाया व मर्सिया ख्वानी गदिरूल हसन ने अपने हमनवाओं के साथ की इसी इमामबारगाह से रात नौ बजे हजरत अब्बास अलमदार की याद में ताबूत का जुलूस निकाला गया। जो इमामबारगाह इमाम रजा पहुंचकर संपन्न हुआ। आठवीं मौहर्रम पर प्यासों की याद में दिन भर सबीले लगी रहीं और लंगर जारी रहे नज्रो - नियाज का सिलसिला भी देर रात तक जारी रहा। कर्बला के शहीदों व उनके परिवार के बच्चो तथा महिलाओं पर यजीदी लश्कर ने सात मौहर्रम से पानी बंद कर दिया था।
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