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दहशत बरकरार, मार्केट को एक करोड़ का फटका
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Fri, 31 Mar 2017 12:54 AM IST
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बवाल के चौबीस घंटे में ही शहर संभल अपनी रफ्तार पर लौटने लगा है। बादल गुंबद के नेजा मेले में भारी भीड़ उमड़ी। लेकिन मार्केट में ग्रामीण क्षेत्र के लोग बेहद कम आए। अन्य दिनों की तुलना में कारोबार आधा रहा। व्यापारियों से बातचीत के मुताबिक कारोबार को करीब एक करोड़ का फटका लगा है। उम्मीद है कि शुक्रवार से बाजार पूरी तरह से रफ्तार पर आ जाएगा।
बल्ला की पुलिया पर हुए बवाल के बाद नेजा मेला और संभल के मुख्य मार्केट में बुधवार को दोपहर भगदड़ और अफरातफरी भरा माहौल हो गया था। दुकानों को शटर धड़ाधड़ गिर गए थे। जो जहां था वहीं से अपने घरों और सुरक्षित स्थानों के लिए भागा था। बल्ला की पुलिया पर लगे जाम और पुलिस पर पथराव किए जाने की घटना की खबर दूर-दूर तक गई।
दुकानदारों का कहना है कि इसे लेकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले तमाम लोग डर गए। दुकानदारों ने तो अपनी दुकानें सुबह समय से खोलीं थीं और इसके बाद ग्राहकों के आने की उम्मीद थी लेकिन अन्य दिनों की तुलना में ग्राहक संख्या आधी भी नहीं रही। कारोबार भी कम हुआ। ऐसा माना जा रहा है कि बवाल का असर रहा लेकिन उम्मीद है कि शुक्रवार तक हालात सामान्य हो जाएंगे।
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कारोबार को एक दो दिन में मिलेगी रफ्तार
संभल। सर्राफा कमेटी के सचिव रूपेश सरार्फ का कहना है कि भले ही दो घंटे का बवाल रहा हो पर इसका असर बुधवार को पूरे दिन रहा। गुरुवार को भी ग्राहक कम आए। कारोबारी टर्नओवर को 24 घंटे में एक करोड़ रुपये का झटका लग चुका है। उन्होंने बताया कि संभल में करीब डेढ़ करोड़ रुपये प्रतिदिन का कारोबारी टर्नओवर है।
इस कारोबार में सर्राफा समेत सभी ट्रेड शामिल हैं। बाजार में गुरुवार को पचास प्रतिशत ग्राहक भी नहीं था। इससे ऐसा माना जारहा है कि करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान कारोबार को सिर्फ एक दिन में हुआ है। हालांकि शुक्रवार से हालात सुधरेंगे और जो कारोबार अभी घटा है उसकी भरपाई भी होगी लेकिन तत्काल तो झटका लगा ही है।
लोकल ग्राहक आया, बाहर के लोग नहीं आए
संभल। किराना व्यापारी बिलाल राजा ने कहा कि बुधवार को बाजार में भगदड़ हो गई थी। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में डर बैठ गया था। इसका असर बाजार पर रहा। इसीलिए गुरुवार को लोकल ग्राहक तो आया पर बाहर के लोग नहीं आए। सामान्य दिनों के मुकाबले 50 प्रतिशत से भी कम कारोबार हुआ। जो लोग गांवों से आते थे वे बाजार में नहीं आए। मार्केट में शहर के लोगों ने खरीदारी की है।
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बल्ला की पुलिया पर हुए बवाल के बाद नेजा मेला और संभल के मुख्य मार्केट में बुधवार को दोपहर भगदड़ और अफरातफरी भरा माहौल हो गया था। दुकानों को शटर धड़ाधड़ गिर गए थे। जो जहां था वहीं से अपने घरों और सुरक्षित स्थानों के लिए भागा था। बल्ला की पुलिया पर लगे जाम और पुलिस पर पथराव किए जाने की घटना की खबर दूर-दूर तक गई।
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दुकानदारों का कहना है कि इसे लेकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले तमाम लोग डर गए। दुकानदारों ने तो अपनी दुकानें सुबह समय से खोलीं थीं और इसके बाद ग्राहकों के आने की उम्मीद थी लेकिन अन्य दिनों की तुलना में ग्राहक संख्या आधी भी नहीं रही। कारोबार भी कम हुआ। ऐसा माना जा रहा है कि बवाल का असर रहा लेकिन उम्मीद है कि शुक्रवार तक हालात सामान्य हो जाएंगे।
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कारोबार को एक दो दिन में मिलेगी रफ्तार
संभल। सर्राफा कमेटी के सचिव रूपेश सरार्फ का कहना है कि भले ही दो घंटे का बवाल रहा हो पर इसका असर बुधवार को पूरे दिन रहा। गुरुवार को भी ग्राहक कम आए। कारोबारी टर्नओवर को 24 घंटे में एक करोड़ रुपये का झटका लग चुका है। उन्होंने बताया कि संभल में करीब डेढ़ करोड़ रुपये प्रतिदिन का कारोबारी टर्नओवर है।
इस कारोबार में सर्राफा समेत सभी ट्रेड शामिल हैं। बाजार में गुरुवार को पचास प्रतिशत ग्राहक भी नहीं था। इससे ऐसा माना जारहा है कि करीब एक करोड़ रुपये का नुकसान कारोबार को सिर्फ एक दिन में हुआ है। हालांकि शुक्रवार से हालात सुधरेंगे और जो कारोबार अभी घटा है उसकी भरपाई भी होगी लेकिन तत्काल तो झटका लगा ही है।
लोकल ग्राहक आया, बाहर के लोग नहीं आए
संभल। किराना व्यापारी बिलाल राजा ने कहा कि बुधवार को बाजार में भगदड़ हो गई थी। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में डर बैठ गया था। इसका असर बाजार पर रहा। इसीलिए गुरुवार को लोकल ग्राहक तो आया पर बाहर के लोग नहीं आए। सामान्य दिनों के मुकाबले 50 प्रतिशत से भी कम कारोबार हुआ। जो लोग गांवों से आते थे वे बाजार में नहीं आए। मार्केट में शहर के लोगों ने खरीदारी की है।