फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   world cancer day.

विश्व कैंसर दिवस विशेष

Tue, 04 Feb 2020 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 04 Feb 2020 12:03 AM IST
विज्ञापन
world cancer day.
न दवा न डॉक्टर, जो भी मरीज मिला, कर दिया रेफर
विज्ञापन

सहारनपुर। कैंसर एक ऐसी बीमारी, जिसका नाम सुनते ही इंसान की रूह कांप जाए। वर्ष 2019 से 2021 तक विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्व कैंसर दिवस की थीम ‘मैं हूं और मैं रहूंगा’ रखी है। अगर बात की जाए सहारनपुर की तो मंडल मुख्यालय होने के बावजूद जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज तक में कैंसर के इलाज के नाम पर न तो चिकित्सक हैं और न दवा। जब भी कैंसर का कोई मरीज सामने आता है तो उसे बस रेफर कर दिया जाता है।
तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन, बढ़ता वायु प्रदूषण, मिलावटी खाद्य पदार्थ और फल व सब्जियों के उत्पादन में केमिकलयुक्त कीटनाशक का प्रयोग कैंसर की प्रमुख वजह हैं। देश और दुनिया के साथ सहारनपुर जैसे छोटे शहरों, जहां देहात क्षेत्रों में शिक्षा और जागरूकता का अभाव है, कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। 2019 में अप्रैल से दिसंबर तक 19 लोग इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल ने जांच में कैंसर की पुष्टि तो की, लेकिन मेडिकल कॉलेज तक में कैंसर के इलाज के लिए डॉक्टर और दवाएं नहीं होने की वजह से मरीजों को रेफर कर दिया गया। रेफर करने के बाद मरीज दूसरे शहरों में भटकने और महंगा इलाज कराने पर मजबूर हुए।
विज्ञापन

कैंसर की रोकथाम को व्यवस्था
तंबाकू को कैंसर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। ऐसे में जिला अस्पताल में तंबाकू मुक्त परामर्श केंद्र स्थापित है। वर्तमान में यहां पहुंचने वाले मरीजों की डा. बुशरा अंसारी प्रतिदिन काउंसिलिंग करती हैं और तंबाकू उत्पाद छुड़ाने के लिए जरूरी दवाएं देती हैं। इसके अलावा कैंसर की सामान्य जांच की सुविधा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैंसर से बचाव के तरीके
-तंबाकू से बने उत्पादों और शराब का सेवन न करें।
-लाल मीट न खाएं और नियमित व्यायाम करें।
-डिब्बों में बंद रेडीमेड खाना न खाएं।
-नियमित रूप से व्यायाम करें और सफाई का ध्यान रखें।
वर्जन
सहारनपुर के सरकारी अस्पतालों में अभी तक कैंसर के इलाज की कोई सुविधा नहीं है। जो भी मरीज हमारे पास आते हैं, हम उनकी जांचें कराकर पुष्टि होने के बाद रेफर कर देते हैं। बीते साल 19 मरीजों को रेफर किया था। कैंसर न फैले, इसके लिए विभाग समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है।
- डॉक्टर एके त्रिपाठी, नोडल अधिकारी।
ब्रेस्ट और योनी कैंसर को लेकर सजग हों महिलाएं
वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूता रोग विशेषज्ञ ने कैंसर की पहचान और बचाव के टिप्स दिए
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। महिलाओं में ब्रेस्ट और योनी कैंसर लगातार बढ़ रहा है। चिकित्सकों की मानें तो देरी से बच्चे पैदा करना या बच्चे न होना, पीरियड्स का गड़बड़ाना भी कैंसर की वजह बन सकता है। ऐसे में जरूरी है कि महिलाएं कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचने के लिए सावधानियां बरतें।

वरिष्ठ महिला एवं प्रसूता रोग विशेषज्ञ डा. नैना मिगलानी का कहना है कि यदि हम अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें और समय-समय पर डॉक्टर की सलाह से चेकअप कराते रहें तो बीमारी का समय से पता चलने पर इलाज भी संभव है। दुनिया में अनेक लोग कैंसर को हराकर सुखी जीवन जी रहे हैं। कैंसर का शुरुआती स्टेज यानी पहली या दूसरी स्टेज में पता चलने पर सर्जरी या रेडियो व कीमोथैरेपी से जड़ से खत्म किया जा सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण
-ब्रेस्ट में गांठ का होना।
-ब्रेस्ट से रक्त या किसी तरल पदार्थ का निकलना।
-ब्रेस्ट की बनावट में बदलाव आना।
इन महिलाओं को अधिक खतरा
-30 साल की उम्र के बाद बच्चा होना।
-जिन महिलाओं केे बच्चे नहीं होते।
- 12 साल से पहले पीरियड होना या 55 साल के बाद भी पीरियड होते रहना।
- बच्चों को स्तनपान नहीं कराना।
योनी कैंसर के लक्षण
- पीरियड का गड़बड़ाना और पेट में दर्द होना।
- ज्यादा बच्चे पैदा करना।
-16 साल से पहले या 40 साल के बाद शादी करना।
-फैमिली हिस्ट्री यानी परिवार में किसी अन्य को हुआ हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed