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Saharanpur News: महिला अस्पताल व सीएचसी सरसावा को मिले मेडिकल कॉलेज से दो चिकित्सक
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-तीन महीने तक मरीजों के इलाज में सहायक चिकित्सक के तौर पर करेंगे काम
-राजकीय मेडिकल कॉलेज में कर रहे पीजी की पढ़ाई, मरीजों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे सरकारी अस्पतालों के लिए राहत भरी खबर है। जिला महिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा को राजकीय मेडिकल कॉलेज से दो रेजीडेंट चिकित्सक मिले हैं। ये रेजीडेंट डॉक्टर अगले तीन महीने तक दोनों अस्पतालों में मरीजों के इलाज में सहायक चिकित्सक के तौर पर काम करेंगे।
नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने जिला रेजीडेंसी कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को अब नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर मरीजों का इलाज करना होगा।
जिला महिला अस्पताल को एक पैथोलॉजिस्ट और सरसावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को एक मेडीसिन रेजीडेंट डॉक्टर मिला है। दोनों ही रेजीडेंट डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचकर काम शुरू कर दिया है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. इंद्रा सिंह ने बताया कि इससे पीजी छात्रों को इलाज में आसानी होगी।
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-- जिला अस्पताल में अब छह दिन देखें जाएंगे त्वचा रोगी
एसबीडी जिला अस्पताल में त्वचा रोगी अब छह दिन देखें जाएंगे। अभी तक ओपीडी सप्ताह में सोमवार, मंगलवार और बुधवार को ही चलती थी, जबकि बृहस्पतिवार, शुक्रवार व शनिवार को ओपीडी बंद रहती थी। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. केवी सिंह यहां अटैच हैं। उनकी मूल तैनाती शामली में हैं। इसलिए वह तीन दिन शामली में रहते हैं। प्रमुख अधीक्षक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने बताया कि नए चिकित्सक डॉ. अंशु शर्मा की तैनाती हो गई है, जो हरौड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से आए हैं। इनके आने से त्वचा रोगियों को अब बाहर निजी अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।
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-- रेजीडेंट चिकित्सक के लिए पत्र लिखेंगे
एसबीडी जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने बताया कि जिस प्रकार जिला महिला अस्पताल व सरसावा सीएचसी को राजकीय मेडिकल कॉलेज से दो रेजीडेंट चिकित्सक मिले हैं, उसी प्रकार हमें भी रेजीडेंट चिकित्सक मिल जाएं तो मरीजों को खासी राहत मिलेगी। क्योंकि, अस्पताल में चिकित्सकों के 61 पद सृजित हैं, उनमें से 25 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। रेजीडेंट चिकित्सक के लिए शासन को पत्र लिखेंगे।
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-राजकीय मेडिकल कॉलेज में कर रहे पीजी की पढ़ाई, मरीजों को मिलेगी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे सरकारी अस्पतालों के लिए राहत भरी खबर है। जिला महिला अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा को राजकीय मेडिकल कॉलेज से दो रेजीडेंट चिकित्सक मिले हैं। ये रेजीडेंट डॉक्टर अगले तीन महीने तक दोनों अस्पतालों में मरीजों के इलाज में सहायक चिकित्सक के तौर पर काम करेंगे।
नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने जिला रेजीडेंसी कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को अब नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर मरीजों का इलाज करना होगा।
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जिला महिला अस्पताल को एक पैथोलॉजिस्ट और सरसावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को एक मेडीसिन रेजीडेंट डॉक्टर मिला है। दोनों ही रेजीडेंट डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचकर काम शुरू कर दिया है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. इंद्रा सिंह ने बताया कि इससे पीजी छात्रों को इलाज में आसानी होगी।
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एसबीडी जिला अस्पताल में त्वचा रोगी अब छह दिन देखें जाएंगे। अभी तक ओपीडी सप्ताह में सोमवार, मंगलवार और बुधवार को ही चलती थी, जबकि बृहस्पतिवार, शुक्रवार व शनिवार को ओपीडी बंद रहती थी। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. केवी सिंह यहां अटैच हैं। उनकी मूल तैनाती शामली में हैं। इसलिए वह तीन दिन शामली में रहते हैं। प्रमुख अधीक्षक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने बताया कि नए चिकित्सक डॉ. अंशु शर्मा की तैनाती हो गई है, जो हरौड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से आए हैं। इनके आने से त्वचा रोगियों को अब बाहर निजी अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा।
एसबीडी जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने बताया कि जिस प्रकार जिला महिला अस्पताल व सरसावा सीएचसी को राजकीय मेडिकल कॉलेज से दो रेजीडेंट चिकित्सक मिले हैं, उसी प्रकार हमें भी रेजीडेंट चिकित्सक मिल जाएं तो मरीजों को खासी राहत मिलेगी। क्योंकि, अस्पताल में चिकित्सकों के 61 पद सृजित हैं, उनमें से 25 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। रेजीडेंट चिकित्सक के लिए शासन को पत्र लिखेंगे।