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महिला सीओ को मस्जिद में जाने से रोका
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 07 Feb 2017 11:54 PM IST
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दारूल उलूम का भ्रमण कर बाहर आते पुलिस अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद में विधानसभा चुनाव में ड्यूटी के दौरान सीओ (ट्रेनी) को रशीदिया मस्जिद में अंदर जाने से रोक दिया गया। कर्मचारियों ने महिलाओं का प्रवेश वर्जित होने की बात कहते हुए उन्हें भीतर जाने से ही रोक दिया।
विधानसभा चुनाव के मद्देनजर देवबंद में भेजी गई पीपीएस (ट्रेनी) वंदना सिंह मंगलवार को कोतवाल चमन सिंह चावड़ा समेत अन्य अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ दारुल उलूम क्षेत्र का भ्रमण कर रहीं थीं।
जब वह रशीदिया मस्जिद के सामने पहुंची तो उन्होंने मस्जिद देखने की इच्छा जताई। जिसके चलते सभी लोग मसजिद के अंदर जाने लगे। इस दौरान मस्जिद का एक कर्मचारी दौड़कर उनके पास पहुंचा और उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
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कारण पूछा तो बताया कि महिलाओं के अंदर जाने पर पाबंदी लगी हुई। इसके बाद वह वहां से वापस लौट गए। दारुल उलूम के नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने बताया कि प्रबंधन ने विचार विमर्श करने के बाद कई वर्ष पूर्व मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी।
उन्हें पहले से सीओ के आने की खबर होती तो ऐसा नहीं होता। कोतवाल चमन सिंह चावड़ा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि वे मस्जिद के मुख्यद्वार पर पहुंचे ही थे। इसी दौरान एक कर्मचारी ने महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगी होने की बात बताई। जिसके बाद वे वापस लौट गए।
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विधानसभा चुनाव के मद्देनजर देवबंद में भेजी गई पीपीएस (ट्रेनी) वंदना सिंह मंगलवार को कोतवाल चमन सिंह चावड़ा समेत अन्य अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ दारुल उलूम क्षेत्र का भ्रमण कर रहीं थीं।
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जब वह रशीदिया मस्जिद के सामने पहुंची तो उन्होंने मस्जिद देखने की इच्छा जताई। जिसके चलते सभी लोग मसजिद के अंदर जाने लगे। इस दौरान मस्जिद का एक कर्मचारी दौड़कर उनके पास पहुंचा और उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
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कारण पूछा तो बताया कि महिलाओं के अंदर जाने पर पाबंदी लगी हुई। इसके बाद वह वहां से वापस लौट गए। दारुल उलूम के नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी ने बताया कि प्रबंधन ने विचार विमर्श करने के बाद कई वर्ष पूर्व मस्जिद में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी।
उन्हें पहले से सीओ के आने की खबर होती तो ऐसा नहीं होता। कोतवाल चमन सिंह चावड़ा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि वे मस्जिद के मुख्यद्वार पर पहुंचे ही थे। इसी दौरान एक कर्मचारी ने महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगी होने की बात बताई। जिसके बाद वे वापस लौट गए।