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पत्नी हंता को आजीवन कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 11 Jun 2016 12:12 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : file photo
सहारनपुर में पारिवारिक कलह में हुए झगड़े के बाद पत्नी की हत्या करने वाले पति को अपर सत्र न्यायाधीश ने शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीन साल पहले नागल के कोटा गांव में हुई घटना में ग्राम चौकीदार की सूचना पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
14 अप्रैल 2013 को कोटा गांव निवासी चौकीदार गुलाम साबिर पुत्र इस्माइल ने थाने में तहरीर दी थी कि नौशाद ने अपने अपनी पत्नी फरजाना की हत्या कर दी।
उसने बताया कि पति-पत्नी में किसी बात पर झगड़ा हुआ था और कहासुनी के दौरान नौशाद ने अपनी पत्नी फरजाना पर किसी चीज से हमला कर दिया, जिससे फरजाना की मौत हो गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो लाश कमरे में पड़ी थी।
पुलिस ने मौके से उस चीज को भी बरामद किया जिससे हमला किया गया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मो. फारूख ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बबीता रानी ने अभियुक्त नौशाद को भादंसं की धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा और सात हजार रुपये का अर्थदंड दिया। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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14 अप्रैल 2013 को कोटा गांव निवासी चौकीदार गुलाम साबिर पुत्र इस्माइल ने थाने में तहरीर दी थी कि नौशाद ने अपने अपनी पत्नी फरजाना की हत्या कर दी।
उसने बताया कि पति-पत्नी में किसी बात पर झगड़ा हुआ था और कहासुनी के दौरान नौशाद ने अपनी पत्नी फरजाना पर किसी चीज से हमला कर दिया, जिससे फरजाना की मौत हो गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो लाश कमरे में पड़ी थी।
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पुलिस ने मौके से उस चीज को भी बरामद किया जिससे हमला किया गया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मो. फारूख ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बबीता रानी ने अभियुक्त नौशाद को भादंसं की धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा और सात हजार रुपये का अर्थदंड दिया। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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