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Saharanpur News: पत्नी ने भी तोड़ा दम, पति-बेटियां गंभीर

Wed, 15 Jan 2025 12:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Wed, 15 Jan 2025 12:29 AM IST
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Wife also died, husband and daughters are serious
सहारनपुर में दिल्ली रोड ​स्थित नर्सिंग होम पर रजनी की मौत के बाद गमजदा परिजन
सहारनपुर। कर्ज से परेशान होकर जहर निगलने वाले परिवार के पांच सदस्यों में से सोमवार देर रात पत्नी रजनी (32) ने भी दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि रजनी तीन से चार माह की गर्भवती भी थी। पति और उसकी दो बेटियाें की हालत गंभीर बनी हुई है। पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार दोपहर शव का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है कि किस-किस फाइनेंस कंपनी से लोन ले रखा था और किसकी तरफ से इतना दबाव था कि परिवार को यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
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शरीर के अंदरूनी हिस्सों ने काम करना कर दिया था बंद : दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में सोमवार रात करीब डेढ़ बजे रजनी ने भी दम तोड़ दिया। परिवार में दूसरे मौत से गांव में भी गमगीन माहौल है। डॉक्टरों के अनुसार, जहरीले पदार्थ की वजह से शरीर के अंदरूनी हिस्सों ने काम करना बंद कर दिया था, जो मौत का कारण बना। मंगलवार सुबह भीम आर्मी के राष्ट्रीय महासचिव कमल वालिया अस्पताल में पहुंचे, जहां पर उन्होंने परिजनों से बात की। आरोप लगाया कि एंबुलेंस में देरी के कारण समय से बेहतर उपचार नहीं मिल पाया। यह भी मौत की वजह बनी।
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सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। देर शाम तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई थी, जिसके बाद यह पता चलेगा कि उन्होंने सल्फास खाया था या फिर कोई अन्य जहरीला पदार्थ। कर्ज लेकर नहीं किया रोजगार कई लोगों से मांगी थी आर्थिक मदद : प्राथमिक जांच में आया कि विकास मोची का काम करता था, जिसने चार से पांच फाइनेंस कंपनियों से ब्याज पर कर्ज लिया था। हालांकि इस कर्ज से कोई अन्य रोजगार शुरू करने की बजाय बाइक, एलईडी और फ्रिज आदि सुविधाओं पर खर्च किया। वह किस्त नहीं चुका सका और कर्ज पांच लाख तक पहुंच गया।
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ग्रामीणों की मानें तो किस्त के रुपये जमा करने के लिए विकास ने कुछ लोगों से आर्थिक मदद भी मांगी थी, लेकिन वह कर्ज की दलदल में इतना फंस चुका था । ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन पर कंपनी के कर्मचारी दबाव डाल रहे थे। दंपती को दिव्यांग पेंशन और राशन भी मिल रहा था। विकास के भाई अमित ने बताया कि फाइनेंस कंपनियों ने गांव में मकड़जाल फैलाया हुआ है।
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