{"_id":"61f97c38d0db1d252f10ba9a","slug":"when-surendra-kapil-s-ticket-was-changed-overnight-saharanpur-news-mrt575456670","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब रातों रात बदल गया था सुरेंद्र कपिल का टिकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब रातों रात बदल गया था सुरेंद्र कपिल का टिकट
विज्ञापन
पूर्व विधायक सुरेन्द्र कपिल
- फोटो : SAHARANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। इन दिनों विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चरम पर है। ऐसे में लोग पुराने समय के चुनावी दौर को भी याद करते हैं। पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल रुड़की से टिकट मांगने दिल्ली गए थे, तब अचानक हुई मुलाकात के बाद संजय गांधी व कमलनाथ ने रातों रात उनका टिकट बदल दिया और फिर वह सहारनपुर से चुनाव लड़कर विधायक बने थे।
यह बात 1980 के विधानसभा चुनाव की है। सहारनपुर जिले में उस समय 11 विधानसभा सीटें थीं। देहरादून, रुड़की और हरिद्वार भी जनपद का हिस्सा था। कांग्रेस नेता सुरेंद्र कपिल रुड़की से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। तब, यूथ कांग्रेस ने उनके नाम का प्रस्ताव भी भेजा था। एक दिन सुरेंद्र कपिल टिकट लेने के लिए दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कोठी पर पहुंचे, वहां पर कोर कमेटी की बैठक चल रही थी। तब, यूपी से पैनल में उम्मीदवारों के नाम दिल्ली पहुंच चुके थे। सुरेंद्र कपिल बताते हैं पूरा दिन टिकट मिलने के इंतजार में बीत गया। उनके साथ सहारनपुर से हसन अब्बास काजमी गए थे। उस दिन सुरेंद्र कपिल की तबियत अचानक खराब हो गई, जिस वजह से वह इंदिरा गांधी की कोठी के पास एक नीम के पेड़ के नीचे तौलिया बिछाकर लेट गए। रात साढ़े 12:30 बजे उनके ऊपर एक कार की लाइट पड़ी। वह जैसे ही उठे तो उन्होंने देखा कि कार संजय गांधी चला रहे हैं और बराबर में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बैठे हुए हैं। गाड़ी उनके पास आकर रुकी। कमलनाथ से सुरेंद्र कपिल पहले से परिचित थे। तब, कमलनाथ ने उनसे पूछा यहां कैसे आए हो, तो सुरेंद्र कपिल ने बताया कि वह टिकट लेने आए हैं और रुड़की से चुनाव लड़ना चाहते थे। तब, संजय गांधी व कमलनाथ ने कहा कि तुम सहारनपुर से चुनाव लड़ो। यह बात कहकर दोनों नेता कोठी में अंदर चले गए। सुबह के तीन बज चुके थे, तब कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई कोठी से बाहर निकलीं, जिन्होंने सुरेंद्र कपिल से कहा कि जाओ सहारनपुर से चुनाव लड़ो, तुम्हारा टिकट हो चुका है। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी आ गए और उन्होंने भी सहारनपुर से चुनाव लड़ने की बात कही। इसके बाद उनसे कहा कि यूपी भवन से अपना टिकट ले लो और जनपद की सभी सीटों की 11 टिकट लेकर जाओ। तब, सुरेंद्र कपिल ने सबके टिकट लाने से मना दिया किया। क्योंकि, उन्हें आशंका थी कि जिनके टिकट कट गए, वह लोग उनसे नाराज न हो जाएं। इसके बाद सुरेंद्र कपिल अपने सहित तीन प्रत्याशियों के टिकट लेकर आए थे और चुनाव लड़ कर सहारनपुर से विधायक बने थे।
विज्ञापन
यह बात 1980 के विधानसभा चुनाव की है। सहारनपुर जिले में उस समय 11 विधानसभा सीटें थीं। देहरादून, रुड़की और हरिद्वार भी जनपद का हिस्सा था। कांग्रेस नेता सुरेंद्र कपिल रुड़की से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। तब, यूथ कांग्रेस ने उनके नाम का प्रस्ताव भी भेजा था। एक दिन सुरेंद्र कपिल टिकट लेने के लिए दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कोठी पर पहुंचे, वहां पर कोर कमेटी की बैठक चल रही थी। तब, यूपी से पैनल में उम्मीदवारों के नाम दिल्ली पहुंच चुके थे। सुरेंद्र कपिल बताते हैं पूरा दिन टिकट मिलने के इंतजार में बीत गया। उनके साथ सहारनपुर से हसन अब्बास काजमी गए थे। उस दिन सुरेंद्र कपिल की तबियत अचानक खराब हो गई, जिस वजह से वह इंदिरा गांधी की कोठी के पास एक नीम के पेड़ के नीचे तौलिया बिछाकर लेट गए। रात साढ़े 12:30 बजे उनके ऊपर एक कार की लाइट पड़ी। वह जैसे ही उठे तो उन्होंने देखा कि कार संजय गांधी चला रहे हैं और बराबर में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ बैठे हुए हैं। गाड़ी उनके पास आकर रुकी। कमलनाथ से सुरेंद्र कपिल पहले से परिचित थे। तब, कमलनाथ ने उनसे पूछा यहां कैसे आए हो, तो सुरेंद्र कपिल ने बताया कि वह टिकट लेने आए हैं और रुड़की से चुनाव लड़ना चाहते थे। तब, संजय गांधी व कमलनाथ ने कहा कि तुम सहारनपुर से चुनाव लड़ो। यह बात कहकर दोनों नेता कोठी में अंदर चले गए। सुबह के तीन बज चुके थे, तब कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई कोठी से बाहर निकलीं, जिन्होंने सुरेंद्र कपिल से कहा कि जाओ सहारनपुर से चुनाव लड़ो, तुम्हारा टिकट हो चुका है। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी आ गए और उन्होंने भी सहारनपुर से चुनाव लड़ने की बात कही। इसके बाद उनसे कहा कि यूपी भवन से अपना टिकट ले लो और जनपद की सभी सीटों की 11 टिकट लेकर जाओ। तब, सुरेंद्र कपिल ने सबके टिकट लाने से मना दिया किया। क्योंकि, उन्हें आशंका थी कि जिनके टिकट कट गए, वह लोग उनसे नाराज न हो जाएं। इसके बाद सुरेंद्र कपिल अपने सहित तीन प्रत्याशियों के टिकट लेकर आए थे और चुनाव लड़ कर सहारनपुर से विधायक बने थे।
विज्ञापन