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शादी में गए थे, कफन में लौटे
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 11 Oct 2016 11:45 PM IST
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अस्पताल में भर्ती।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के देवबंद से शादी समारोह में गए चंदेना कोली गांव के विनोद और उसकी पत्नी बबीता को क्या मालूम था कि घर में जिन चार बच्चों से वह शाम को घर लौटने का वादा करके जा रहे हैं, उन्हें अब कभी भी ममता का आंचल और पिता का प्यार नहीं मिलेगा।
चंदेना कोली गांव निवासी विनोद (40), पत्नी बबीता (38), बेटे जोशी (9) और भाई अशोक के बेटे अभिजीत को बाइक पर लेकर खजूरी गांव स्थित रिश्तेदारी में हो रहे शादी समारोह में शामिल होने के लिए गया था।
लौटते समय गागलहेड़ी- नागल के बीच हुई सड़क हादसे में मौत ने उन्हें ऐसा घेरा कि एक ही झटके में चारों लोग कभी न खुलने वाली गहरी नींद में सो गए। विनोद और उसकी पत्नी बबीता अपनी तीन मासूम बेटियों और एक बेटे को घर पर मुस्कुराता हुआ छोड़कर गए थे।
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वादा किया था कि शाम तक घर वापस आ जाएंगे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। किसे पता था कि घर से रंगबिरंगी कपड़े पहनकर निकल रहे चारों लोग सफेद कफन में लिपटकर वापस लौटेंगे।
परिवार के लोगों का तो बुरा हाल है ही साथ ही विनोद के बच्चे भी सुबक-सुबक कर ममता का आंचल और पिता का प्यार छिनने का मातम मना रहे थे। एक साथ चार मौत से पूरे चंदेना कोली गांव भी सदमे में है।
मृतक विनोद चार भाईयों में सबसे बड़ा था जो मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहा था। अलग रहने के बावजूद वह माता पिता और भाईयों का पूरा ख्याल रखता था।
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चंदेना कोली गांव निवासी विनोद (40), पत्नी बबीता (38), बेटे जोशी (9) और भाई अशोक के बेटे अभिजीत को बाइक पर लेकर खजूरी गांव स्थित रिश्तेदारी में हो रहे शादी समारोह में शामिल होने के लिए गया था।
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लौटते समय गागलहेड़ी- नागल के बीच हुई सड़क हादसे में मौत ने उन्हें ऐसा घेरा कि एक ही झटके में चारों लोग कभी न खुलने वाली गहरी नींद में सो गए। विनोद और उसकी पत्नी बबीता अपनी तीन मासूम बेटियों और एक बेटे को घर पर मुस्कुराता हुआ छोड़कर गए थे।
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वादा किया था कि शाम तक घर वापस आ जाएंगे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। किसे पता था कि घर से रंगबिरंगी कपड़े पहनकर निकल रहे चारों लोग सफेद कफन में लिपटकर वापस लौटेंगे।
परिवार के लोगों का तो बुरा हाल है ही साथ ही विनोद के बच्चे भी सुबक-सुबक कर ममता का आंचल और पिता का प्यार छिनने का मातम मना रहे थे। एक साथ चार मौत से पूरे चंदेना कोली गांव भी सदमे में है।
मृतक विनोद चार भाईयों में सबसे बड़ा था जो मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहा था। अलग रहने के बावजूद वह माता पिता और भाईयों का पूरा ख्याल रखता था।