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Saharanpur News: एमबीबीएस चिकित्सकों के भर्ती मामले में अनियमितता, शासन में शिकायत
Sat, 22 Aug 2026 01:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 22 Aug 2026 01:23 AM IST
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सहारनपुर। स्वास्थ्य विभाग में एमबीबीएस चिकित्सकों की भर्ती के मामले में अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि साक्षात्कार के समय मेडिकल काउंसिल का पंजीकरण नहीं होने के बाद भी चयन कर लिया गया, जो नियम के विरुद्ध है।
मामले की शिकायत शासन तक भी पहुंची, जिसके बाद जिलाधिकारी ने जांच बिठा दी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व पूरे प्रकरण की जांच करेंगे। इसमें स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी जांच के दायरे में हैं।
शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने चिकित्सकों की चयन प्रक्रिया में आरक्षण व्यवस्था, मेडिकल काउंसिल पंजीकरण और चयन समिति की निष्पक्षता से जुड़े नियमों के पालन पर सवाल उठाए हैं। 16 जनवरी 2025 को एमबीबीएस चिकित्सकों के किए गए चयन में नियमों की अनदेखी और अनियमितता का आरोप लगाया है।
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शिकायत में कहा गया कि चयनित एक महिला अभ्यर्थी अनुसूचित श्रेणी से आती हैं। आरोप है कि चयन प्रक्रिया के समय अभ्यर्थी के पास उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल का पंजीकरण भी उपलब्ध नहीं था।
आरोप है कि चयन होने के बाद में उनका पंजीकरण कराया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के बिना कोई चिकित्सक मरीजों का उपचार नहीं कर सकता। ऐसे में बिना वैध पंजीकरण के चयन या वेतन भुगतान की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आती है।
मामले की शासन में की गई, जिसके बाद शिकायत जिलाधिकारी के पास पहुंची। इसके बाद जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व सलिल कुमार पटेल को जांच सौंपी है।
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मामले की शिकायत शासन तक भी पहुंची, जिसके बाद जिलाधिकारी ने जांच बिठा दी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व पूरे प्रकरण की जांच करेंगे। इसमें स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी जांच के दायरे में हैं।
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शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने चिकित्सकों की चयन प्रक्रिया में आरक्षण व्यवस्था, मेडिकल काउंसिल पंजीकरण और चयन समिति की निष्पक्षता से जुड़े नियमों के पालन पर सवाल उठाए हैं। 16 जनवरी 2025 को एमबीबीएस चिकित्सकों के किए गए चयन में नियमों की अनदेखी और अनियमितता का आरोप लगाया है।
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शिकायत में कहा गया कि चयनित एक महिला अभ्यर्थी अनुसूचित श्रेणी से आती हैं। आरोप है कि चयन प्रक्रिया के समय अभ्यर्थी के पास उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल का पंजीकरण भी उपलब्ध नहीं था।
आरोप है कि चयन होने के बाद में उनका पंजीकरण कराया गया। शिकायत में यह भी कहा गया कि मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के बिना कोई चिकित्सक मरीजों का उपचार नहीं कर सकता। ऐसे में बिना वैध पंजीकरण के चयन या वेतन भुगतान की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आती है।
मामले की शासन में की गई, जिसके बाद शिकायत जिलाधिकारी के पास पहुंची। इसके बाद जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व सलिल कुमार पटेल को जांच सौंपी है।