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Saharanpur News: लाठी-डंडे लेकर गुलदार की तलाश में खेतों की ओर निकले ग्रामीण
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- ग्रामीणों में दहशत का माहौल, अकेले नहीं जा रहे खेतों पर, वन विभाग बता रहा फिशिंग कैट
संवाद न्यूज एजेंसी
चिलकाना (सहारनपुर)। गांव नथमलपुर के जंगल में लगातार तीसरे दिन गुलदार के दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार को ग्रामीण इकट्ठा होकर लाठियां लेकर गुलदार की तलाश में खेतों में पहुंच गए, लेकिन उन्हें गुलदार नहीं मिला। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने भी खेतों में जाकर स्थिति की जानकारी ली।
सोमवार सुबह गांव नथमलपुर निवासी दो सगे भाई वकील तथा शकील ट्रैक्टर से अपने खेत जा रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें गन्ने के खेत में खड़े गुलदार को देखा। दोनों ट्रैक्टर लेकर गांव आ गए और ग्रामीणों को गुलदार होने की सूचना दी। इसके बाद ग्राम प्रधान राकेश सैनी के साथ गांव के सोनू, अफजल, इस्लाम, आबिद, वकील अहमद, जाकिर, इनाम, दीपक, राजेंद्र आदि बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर खेतों में गुलदार को खोजने गए। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के वनरक्षक महेंद्र सिंह सैनी भी टीम के साथ गांव पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों के साथ गुलदार की तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। ग्रामीणों को पग चिह्न मिले हैं। ग्राम प्रधान ने वन रक्षक से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाने की मांग की। ग्राम प्रधान ने बताया कि लोगों में डर का माहौल है। लोग खेतों में जाने से भी डर रहे हैं। समूह बना कर ही खेतों की तरफ जा रहे हैं।
उधर, वनरक्षक महेंद्र सिंह सैनी ने बताया कि प्रथम दृष्टया खेतों में दिखाई देने वाला जानवर फिशिंग कैट प्रतीत हो रहा है। यह नदी के आस पास पाया जाता है तथा पानी के अंदर घुस कर जलीय जीवों को मार कर खाता है। इससे मनुष्यों को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने अपने अधिकारियों को इससे अवगत करा दिया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चिलकाना (सहारनपुर)। गांव नथमलपुर के जंगल में लगातार तीसरे दिन गुलदार के दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार को ग्रामीण इकट्ठा होकर लाठियां लेकर गुलदार की तलाश में खेतों में पहुंच गए, लेकिन उन्हें गुलदार नहीं मिला। ग्रामीणों की सूचना के बाद वन विभाग की टीम ने भी खेतों में जाकर स्थिति की जानकारी ली।
सोमवार सुबह गांव नथमलपुर निवासी दो सगे भाई वकील तथा शकील ट्रैक्टर से अपने खेत जा रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें गन्ने के खेत में खड़े गुलदार को देखा। दोनों ट्रैक्टर लेकर गांव आ गए और ग्रामीणों को गुलदार होने की सूचना दी। इसके बाद ग्राम प्रधान राकेश सैनी के साथ गांव के सोनू, अफजल, इस्लाम, आबिद, वकील अहमद, जाकिर, इनाम, दीपक, राजेंद्र आदि बड़ी संख्या में लोग लाठी-डंडे लेकर खेतों में गुलदार को खोजने गए। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के वनरक्षक महेंद्र सिंह सैनी भी टीम के साथ गांव पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों के साथ गुलदार की तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। ग्रामीणों को पग चिह्न मिले हैं। ग्राम प्रधान ने वन रक्षक से गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाने की मांग की। ग्राम प्रधान ने बताया कि लोगों में डर का माहौल है। लोग खेतों में जाने से भी डर रहे हैं। समूह बना कर ही खेतों की तरफ जा रहे हैं।
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उधर, वनरक्षक महेंद्र सिंह सैनी ने बताया कि प्रथम दृष्टया खेतों में दिखाई देने वाला जानवर फिशिंग कैट प्रतीत हो रहा है। यह नदी के आस पास पाया जाता है तथा पानी के अंदर घुस कर जलीय जीवों को मार कर खाता है। इससे मनुष्यों को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने अपने अधिकारियों को इससे अवगत करा दिया है।
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