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Saharanpur News: वैक्सीन का स्टॉक खत्म, बढ़ा खतरा, अब दो बूंदों का सहारा
Sat, 22 Nov 2025 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 22 Nov 2025 12:40 AM IST
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सहारनपुर। जनपदीय कोल्ड चेन में फ्रैक्शनल इनएक्टिवेटेड पोलियो वैक्सीन (एफआईपीवी) का स्टॉक खत्म हो गया है। इसके चलते नियमित टीकाकरण सत्रों में बच्चों को यह वैक्सीन नहीं लग पा रही है। अब मासूम ड्रॉप की दो बूंद के सहारे हैं।
जिला अस्पताल परिसर में जिला स्तरीय कोल्ड चेन है। यह सभी टीकों का भंडारण केंद्र है। यहां से सभी स्वास्थ्य केंद्रों को वैक्सीन व टीके की सप्लाई होती है। केंद्रों पर वैक्सीन की खपत बढ़ गई थी। इसलिए कोल्ड चेन में पिछले काफी दिनों से एफआईपीवी वैक्सीन नहीं है। यह वैक्सीन जन्म के आठवें व 14वें सप्ताह और बूस्टर डोज के रूप में 9-12 महीने की उम्र में लगाई जाती है। इसके अलावा पल्स पोलियो अभियान के दौरान भी कुछ बच्चों को इसकी अतिरिक्त डोज दी जाती है। इससे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढ़ती है। अभी कोल्ड चेन में पिलाने वाली पोलियो ड्रॉप है। नियमित टीकाकरण में बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाई जा रही है। स्थानीय स्तर से कोई डिमांड नहीं गई है। शासन से ही वैक्सीन का स्टॉक भेजा जाएगा।
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-- पोलियो से मुक्त है जिला
जिला पोलियो मुक्त घोषित है। फिर भी सरकार ने ओरल पोलियो वैक्सीन के साथ-साथ आईपीवी को भी शामिल है। बाद में लागत कम करने के लिए फ्रैक्शनल डोज (एफआईपीवी) शुरू की गई, जिसमें पूरे डोज की जगह सिर्फ 0.1 मिलीलीटर इंजेक्शन त्वचा के अंदर दिया जाता है।
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एफआईपीवी वैक्सीन की कमी है। जल्द ही वैक्सीन आने की उम्मीद है। ओरल पोलियो खुराक पिलाई जा रही है। अभिभावक घबराएं नहीं और अपने बच्चे का नियमित टीकाकरण जरूर करवाएं।
- डॉ. मुकेश कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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जिला अस्पताल परिसर में जिला स्तरीय कोल्ड चेन है। यह सभी टीकों का भंडारण केंद्र है। यहां से सभी स्वास्थ्य केंद्रों को वैक्सीन व टीके की सप्लाई होती है। केंद्रों पर वैक्सीन की खपत बढ़ गई थी। इसलिए कोल्ड चेन में पिछले काफी दिनों से एफआईपीवी वैक्सीन नहीं है। यह वैक्सीन जन्म के आठवें व 14वें सप्ताह और बूस्टर डोज के रूप में 9-12 महीने की उम्र में लगाई जाती है। इसके अलावा पल्स पोलियो अभियान के दौरान भी कुछ बच्चों को इसकी अतिरिक्त डोज दी जाती है। इससे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढ़ती है। अभी कोल्ड चेन में पिलाने वाली पोलियो ड्रॉप है। नियमित टीकाकरण में बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाई जा रही है। स्थानीय स्तर से कोई डिमांड नहीं गई है। शासन से ही वैक्सीन का स्टॉक भेजा जाएगा।
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जिला पोलियो मुक्त घोषित है। फिर भी सरकार ने ओरल पोलियो वैक्सीन के साथ-साथ आईपीवी को भी शामिल है। बाद में लागत कम करने के लिए फ्रैक्शनल डोज (एफआईपीवी) शुरू की गई, जिसमें पूरे डोज की जगह सिर्फ 0.1 मिलीलीटर इंजेक्शन त्वचा के अंदर दिया जाता है।
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एफआईपीवी वैक्सीन की कमी है। जल्द ही वैक्सीन आने की उम्मीद है। ओरल पोलियो खुराक पिलाई जा रही है। अभिभावक घबराएं नहीं और अपने बच्चे का नियमित टीकाकरण जरूर करवाएं।
- डॉ. मुकेश कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी