UP: तीन उपनिरीक्षकों समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के मुकदमे का आदेश, मुठभेड़ में गई थी जीशान की जान
Saharanpur News : तीन उप-निरीक्षकों समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या के मुकदमे के आदेश दिए गए हैं। मुठभेड़ में जीशान हैदर की मौत हो गई थी। इसी मामले में यह आदेश आया है।
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सहारनपुर में देवबंद क्षेत्र के गांव थीतकी में पुलिस और गो-तस्करों के बीच करीब डेढ़ साल पूर्व हुई मुठभेड़ में जीशान हैदर की मौत हो गई। इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने तीन उप-निरीक्षकों सहित 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
पांच सितंबर 2021 को पुलिस मुठभेड़ में गांव थीतकी निवासी जीशान हैदर के पैर में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मामले में मृतक की पत्नी अफरोज ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर तीन उप-निरीक्षकों सहित 12 पुलिसकर्मियों पर पति को फोन कर घर से बुलाकर ले जाने और खेत में गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया था।
इस मामले में सुनवाई करते हुए शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट ने उप-निरीक्षक यशपाल सिंह, असगर अली, ओमवीर सिंह, कांस्टेबल सुखपाल सिंह, भरत सिंह, विपिन कुमार, प्रमोद कुमार, राजबीर सिंह, नीटू यादव, देवेंद्र कुमार, ब्रजेश कुमार, अंकित कुमार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कोतवाली देवबंद इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से मामला दर्ज आख्या देने के भी आदेश दिए। इंस्पेक्टर देवबंद ह्रदय नारायण सिंह का कहना है कि अभी आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश मिलते ही न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए मामला दर्ज किया जाएगा।
अदालत पर पूरा भरोसा, मिलेगा इंसाफ : ईसा रजा
जीशान हैदर के चचेरे भाई सय्यद ईसा रजा ने कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है। इसलिए वह कानूनी लड़ाई को हिम्मत के साथ लड़ रहे हैं। इस अवधि में एक समय ऐसा भी आया जब कुछ लोगों ने मामले में फैसला करने का दबाव बनाया, लेकिन वह कानूनी लड़ाई लड़ते रहे। उन्होंने इंसाफ पाने के लिए अदालत का सहारा लिया है।
सच की हमेशा होती है जीत : अफरोज
जीशान हैदर की पत्नी अफरोज ने अदालत द्वारा सुनवाई करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश देने पर खुशी जताई। अफरोज ने कहा कि अदालत ने उनके हक में सुनवाई कर यह साबित कर दिया कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है। उनके तीन पुत्र हैं। पुलिस की वजह से तीनों बेटों के सिर से पिता का साया उठ गया।
तहकीकात करने में जुटी पुलिस
अदालत ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए गए। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है। सूत्र बताते हैं कि अधिकारी भी इस मामले की एक बार फिर से तहकीकात करने में जुट गए हैं।
यह था मामला
पांच सितंबर 2021 को रात को गोकशी की सूचना पर पुलिस ने थीतकी गांव के जंगल में दबिश दी थी। अफरोज का आरोप है कि जीशान को घर से बुलाया गया था। इसके बाद जीशान के पैर में गोली मारी गई और अत्यधिक खून बहने पर अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। पुलिस का कहना था कि जीशान ने हाथ में तमंचा ले रखा था, जिससे गोली चलने पर वह खुद घायल हुआ और उसकी मौत हुई। मामले में जीशान की पत्नी अफरोज ने एसएसपी को तहरीर देकर तीन उपनिरीक्षकों सहित 12 पुलिसकर्मियों पर पति की हत्या करने का आरोप लगाया था। बताया था कि पुलिस उसके पति को घर से बुलाकर ले गई थी।
क्राइम ब्रांच और मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी ने जांच की
अफरोज का कहना है कि मृतक जीशान के चचेरे भाई व सपा नेता सैय्यद ईसा रजा मामले को लखनऊ तक ले गए, जिसके बाद इसकी जांच क्राइम ब्रांच सहारनपुर और मुजफ्फरनगर एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय को सौंपी गई थी। मामले में राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने प्रकरण से जुड़े सभी पुलिसकर्मियों को कई बार लखनऊ बुलाकर तलब भी किया है। वहीं, मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत की गई थी।
अभी आदेश नहीं मिला है। न ही कोतवाली देबवंद में आदेश पहुंचा है। न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए तत्काल प्रभाव से रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। - डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी