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पुवांरका में ही बनेगा विश्वविद्यालय, शासन ने दिए जमीन खरीदने के आदेश
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सहारनपुर। राज्य विश्वविद्यालय पुवांरका में ही बनेगा। शासन की ओर से विशेष सचिव रामबहादुर सिंह ने जूनियर हाई स्कूल पुवांरका और राजकीय महाविद्यालय पुवांरका की जमीन हस्तांतरित कराने के साथ ही स्थानीय किसानों की भूमि खरीदने के आदेश दिए हैं। आदेश के अनुपालन में डीएम ने एडीएम-प्रशासन को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में करीब दो दशक से राज्य विश्वविद्यालय की मांग उठ रही है। युवाओं के साथ ही स्थानीय महाविद्यालयों के प्राचार्य और नेतागण विश्वविद्यालय के लिए अपने स्तर से प्रयास करते रहे हैं। वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय को हरी झंडी दी थी। शासन के आदेश पर 26 फरवरी 2019 को तत्कालीन कमिश्नर सीपी त्रिपाठी और डीएम आलोक कुमार पांडेय ने विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए जनपद के राजकीय महाविद्यालयों का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने राजकीय महाविद्यालय कपूरी गोविंदपुर और राजकीय महाविद्यालय पुवांरका में सुविधाओं का जायजा लिया था। राजकीय महाविद्यालय कपूरी गोविंदपुर के शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर होने की वजह से उसे छोड़ दिया गया था। दोनों अधिकारियों ने राजकीय महाविद्यालय पुवांरका को विश्वविद्यालय के रूप में चयनित करना उचित समझा था। कमिश्नर ने महाविद्यालय परिसर में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के लिए अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश) को संस्तुति की थी।
इन वजहों से किया गया चयन
-राजकीय महाविद्यालय पुंवारका शहर से मात्र 12 किलोमीटर दूर है।
-महाविद्यालय पहुंचने के लिए डामर रोड बनी है।
-महाविद्यालय का कुल क्षेत्रफल 2.033 हेक्टेयर है।
-0.800 हेक्टेयर भूमि पर है महाविद्यालय का भवन, 1.591 हेक्टेयर खाली है।
-महाविद्यालय भवन के किनारे भी 2.033 हेक्टेयर भूमि खाली पड़ी है।
यह होनी है कार्रवाई
विश्वविद्यालय के लिए शासन जूनियर हाई स्कूल पुवांरका और राजकीय महाविद्यालय पुवांरका के नाम दर्ज कुल 10.93 एकड़ भूमि को हस्तांतरित करेगा। साथ ही किसानों की 39.07 एकड़ भूमि खरीदेगा। जमीन खरीदने के बाद प्रशासन को यथोचित प्रस्ताव प्राथमिकता के आधार पर शासन को उपलब्ध कराना है।
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दिल्ली रोड पर बनाने की थी मांग
विश्वविद्यालय के लिए संघर्ष करते आ रहे अनेक लोग विश्वविद्यालय दिल्ली रोड पर बनाने के पक्ष में थे। डॉक्टर केके शर्मा का मानना था कि यदि विश्वविद्यालय दिल्ली रोड पर बनता है तो इससे मुजफ्फरनगर, शामली और हरियाणा के छात्र भी पढ़ने आ सकेंगे। यह भी तर्क था कि दिल्ली रोड पर हाईवे बन रहा है, जिससे विश्वविद्यालय जाने और आने में लोगों को परेशानी नहीं रहा करेगी। इसके अलावा रामपुर मनिहारान के कुछ लोग गोचर महाविद्यालय को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की मांग कर रहे थे।
शासन ने पुवांरका में विश्वविद्यालय के लिए जमीन हस्तांतरित करने के साथ ही जमीन खरीदने के आदेश शासन को दिए हैं। यह अच्छा कदम है। हमारी मांग यही है कि शासन और प्रशासन इस गति से काम करे कि अगले सत्र से विश्वविद्यालय का संचालन शुरू हो सके, जिससे युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर ना जाना पड़े।
- डॉक्टर केके शर्मा, कन्वीनर, सहारनपुर स्टेट यूनिवर्सिटी कॉअर्डिनेशन कमेटी।
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जनपद में करीब दो दशक से राज्य विश्वविद्यालय की मांग उठ रही है। युवाओं के साथ ही स्थानीय महाविद्यालयों के प्राचार्य और नेतागण विश्वविद्यालय के लिए अपने स्तर से प्रयास करते रहे हैं। वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय को हरी झंडी दी थी। शासन के आदेश पर 26 फरवरी 2019 को तत्कालीन कमिश्नर सीपी त्रिपाठी और डीएम आलोक कुमार पांडेय ने विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए जनपद के राजकीय महाविद्यालयों का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने राजकीय महाविद्यालय कपूरी गोविंदपुर और राजकीय महाविद्यालय पुवांरका में सुविधाओं का जायजा लिया था। राजकीय महाविद्यालय कपूरी गोविंदपुर के शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर होने की वजह से उसे छोड़ दिया गया था। दोनों अधिकारियों ने राजकीय महाविद्यालय पुवांरका को विश्वविद्यालय के रूप में चयनित करना उचित समझा था। कमिश्नर ने महाविद्यालय परिसर में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के लिए अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश) को संस्तुति की थी।
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इन वजहों से किया गया चयन
-राजकीय महाविद्यालय पुंवारका शहर से मात्र 12 किलोमीटर दूर है।
-महाविद्यालय पहुंचने के लिए डामर रोड बनी है।
-महाविद्यालय का कुल क्षेत्रफल 2.033 हेक्टेयर है।
-0.800 हेक्टेयर भूमि पर है महाविद्यालय का भवन, 1.591 हेक्टेयर खाली है।
-महाविद्यालय भवन के किनारे भी 2.033 हेक्टेयर भूमि खाली पड़ी है।
यह होनी है कार्रवाई
विश्वविद्यालय के लिए शासन जूनियर हाई स्कूल पुवांरका और राजकीय महाविद्यालय पुवांरका के नाम दर्ज कुल 10.93 एकड़ भूमि को हस्तांतरित करेगा। साथ ही किसानों की 39.07 एकड़ भूमि खरीदेगा। जमीन खरीदने के बाद प्रशासन को यथोचित प्रस्ताव प्राथमिकता के आधार पर शासन को उपलब्ध कराना है।
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दिल्ली रोड पर बनाने की थी मांग
विश्वविद्यालय के लिए संघर्ष करते आ रहे अनेक लोग विश्वविद्यालय दिल्ली रोड पर बनाने के पक्ष में थे। डॉक्टर केके शर्मा का मानना था कि यदि विश्वविद्यालय दिल्ली रोड पर बनता है तो इससे मुजफ्फरनगर, शामली और हरियाणा के छात्र भी पढ़ने आ सकेंगे। यह भी तर्क था कि दिल्ली रोड पर हाईवे बन रहा है, जिससे विश्वविद्यालय जाने और आने में लोगों को परेशानी नहीं रहा करेगी। इसके अलावा रामपुर मनिहारान के कुछ लोग गोचर महाविद्यालय को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करने की मांग कर रहे थे।
शासन ने पुवांरका में विश्वविद्यालय के लिए जमीन हस्तांतरित करने के साथ ही जमीन खरीदने के आदेश शासन को दिए हैं। यह अच्छा कदम है। हमारी मांग यही है कि शासन और प्रशासन इस गति से काम करे कि अगले सत्र से विश्वविद्यालय का संचालन शुरू हो सके, जिससे युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर ना जाना पड़े।
- डॉक्टर केके शर्मा, कन्वीनर, सहारनपुर स्टेट यूनिवर्सिटी कॉअर्डिनेशन कमेटी।