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समान नागरिक संहिता मौलिक अधिकारों के खिलाफ : मदनी
Mon, 19 Jun 2023 10:19 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 19 Jun 2023 10:19 PM IST
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मौलाना अरशद मदनी
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जमीयत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा सड़कों पर उतरकर नहीं संविधान के दायरे में करेंगे विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि समान नागरिक संहिता मौलिक अधिकारों के खिलाफ है, इसका सड़कों पर उतरकर नहीं बल्कि संविधान के दायरे में रहकर विरोध किया जाएगा।
सोमवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि समान नागरिक संहिता सिर्फ मुसलमानों का नहीं बल्कि सभी भारतीयों का मसला है। हिंदुस्तान एक धर्मनिरपेक्ष देश है। संविधान ने हर एक नागरिक को पूरी धार्मिक स्वतंत्रता दी है। समान नागरिक संहिता संविधान के अनुच्छेद 25, 29 और 30 में दी गई धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का हनन है, जो अस्वीकार्य है।
मौलाना ने कहा कि संविधान के अध्याय 3 के तहत उल्लेखित मूल अनुच्छेद में किसी को भी बदलाव करने का अधिकार नहीं है, चाहे संसद हो या सुप्रीम कोर्ट। जमीयत धार्मिक मामलों और इबादत से जुड़े किसी भी मामले पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगी।
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जमीयत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा सड़कों पर उतरकर नहीं संविधान के दायरे में करेंगे विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि समान नागरिक संहिता मौलिक अधिकारों के खिलाफ है, इसका सड़कों पर उतरकर नहीं बल्कि संविधान के दायरे में रहकर विरोध किया जाएगा।
सोमवार को जारी बयान में मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि समान नागरिक संहिता सिर्फ मुसलमानों का नहीं बल्कि सभी भारतीयों का मसला है। हिंदुस्तान एक धर्मनिरपेक्ष देश है। संविधान ने हर एक नागरिक को पूरी धार्मिक स्वतंत्रता दी है। समान नागरिक संहिता संविधान के अनुच्छेद 25, 29 और 30 में दी गई धार्मिक स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का हनन है, जो अस्वीकार्य है।
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मौलाना ने कहा कि संविधान के अध्याय 3 के तहत उल्लेखित मूल अनुच्छेद में किसी को भी बदलाव करने का अधिकार नहीं है, चाहे संसद हो या सुप्रीम कोर्ट। जमीयत धार्मिक मामलों और इबादत से जुड़े किसी भी मामले पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगी।
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