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प्रशासन को 29 मई तक का अल्टीमेटम
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 12 May 2016 01:07 AM IST
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सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देने जाते राष्ट्रीय दलित क्रांति मोर्चा पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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घड़कौली की घटना के बाद उपजा दलित और ठाकुरों का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। राष्ट्रीय दलित क्रांति मोर्चा ने ठाकुर समाज के लोगों पर दलित विरोधी नारेबाजी करने का आरोप लगाया है।
मोर्चा पदाधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 29 मई तक का समय प्रशासन को दिया है। अन्यथा की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बलवंत सिंह चार्वाक के नेतृत्व में डीएम से मिलने पहुंचे मोर्चा पदाधिकारियों ने डीएम की गैरमौजूदगी में सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात की। बताया कि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर ठाकुर समाज के कुछ लोगों ने दलित विरोधी नारेबाजी की।
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साथ ही हथियारों का प्रदर्शन किया, जो पूरी तरह से कानून के खिलाफ है। कहा कि दलित समाज गौतम बुद्घ और डॉ. अंबेडकर के बनाए संविधान में भरोसा रखता है। मगर यदि उसे ललकारने का काम किया गया तो वह चुप नहीं बैठेगा।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 29 मई तक का समय प्रशासन को दिया। अन्यथा की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी दी। मिलने वालों में ज्योतिराम, शीशपाल, धर्मवीर सिंह, नाथीराम, रवि कटारिया, संजय, बबलू, राजकुमार, डॉ. गुलशन, रणघीर आदि थे।
दलित उत्थान संघर्ष समिति ने भी जनपद में दलित उत्पीड़न की घटनाएं होने की बात करते हुए प्रशासन से रोक लगाने की मांग की। कहा कि समिति दलितों के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेगी। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष हरपाल सिंह के निधन पर शोक भी व्यक्त किया गया। बैठक में विश्वास कुमार, सोवेंद्र, रमेश, महीपाल, नरेंद्र, सोमपाल, सुरेश, नरेश, शैलेंद्र, रविंद्र, ओमसिंह आदि थे।
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मोर्चा पदाधिकारियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 29 मई तक का समय प्रशासन को दिया है। अन्यथा की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष बलवंत सिंह चार्वाक के नेतृत्व में डीएम से मिलने पहुंचे मोर्चा पदाधिकारियों ने डीएम की गैरमौजूदगी में सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात की। बताया कि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर ठाकुर समाज के कुछ लोगों ने दलित विरोधी नारेबाजी की।
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साथ ही हथियारों का प्रदर्शन किया, जो पूरी तरह से कानून के खिलाफ है। कहा कि दलित समाज गौतम बुद्घ और डॉ. अंबेडकर के बनाए संविधान में भरोसा रखता है। मगर यदि उसे ललकारने का काम किया गया तो वह चुप नहीं बैठेगा।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए 29 मई तक का समय प्रशासन को दिया। अन्यथा की स्थिति में आंदोलन करने की चेतावनी दी। मिलने वालों में ज्योतिराम, शीशपाल, धर्मवीर सिंह, नाथीराम, रवि कटारिया, संजय, बबलू, राजकुमार, डॉ. गुलशन, रणघीर आदि थे।
दलित उत्थान संघर्ष समिति ने भी जनपद में दलित उत्पीड़न की घटनाएं होने की बात करते हुए प्रशासन से रोक लगाने की मांग की। कहा कि समिति दलितों के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेगी। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष हरपाल सिंह के निधन पर शोक भी व्यक्त किया गया। बैठक में विश्वास कुमार, सोवेंद्र, रमेश, महीपाल, नरेंद्र, सोमपाल, सुरेश, नरेश, शैलेंद्र, रविंद्र, ओमसिंह आदि थे।