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दो हजार हेक्टेयर बढ़ा शरद कालीन गन्ना

Wed, 16 Nov 2016 12:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 16 Nov 2016 12:45 AM IST
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Two thousand hectares of sugarcane increased autumn Carpet
गन्ना लेकर जाते किसान - फोटो : Getty
सहारनपुर। विभाग और शुगर मिलों की कवायद कामयाब साबित हो रही है। मंडल में शरद कालीन गन्ना बुवाई में करीब दो हजार हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। जबकि अगेती प्रजाति का क्षेत्रफल बढ़कर 38 प्रतिशत से बढ़कर 56 फीसदी हो गया।
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इसके अलावा बुवाई की ट्रेंच विधि का भी किसानों ने खूब प्रयोग किया है। पिछला पेराई सीजन की समाप्ति के बाद से ही गन्ना विभाग और शुगर मिलों ने किसानों को शरद कालीन गन्ना बुवाई के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया था।
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इसमें कृषि वैज्ञानिकों की सहायता से किसानों को इसके फायदे बताए गए। जागरूकता अभियान के चलते इस बार किसानों में शरद कालीन गन्ने की बुवाई के प्रति रुझान बढ़ा।
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 मंडल में इसके रकबे में 1988 हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई है। इसके अलावा अगेती प्रजातियों  की बुवाई का एरिया बढ़ा है।  मंडल में जहां गत वर्ष 2323 हेक्टेयर क्षेत्रफल में शरद कालीन गन्ने की बुवाई हुई थी, वहीं इस बार इसका रकबा बढ़कर 4311 हेक्टेयर हो गया।


इसमें 3306 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ट्रेंच विधि से गन्ना बुवाई की गई। इससे जहां गन्ने की उत्पादकता बढे़गी, वहीं मिलों की शुगर रिकवरी में भी इजाफा होगा। उप गन्ना आयुक्त सत्येंद्र सिंह ने बताया कि शरद कालीन गन्ने से चीनी परता में भी करीब एक प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।
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