{"_id":"57e81b334f1c1b5612574185","slug":"two-deaths-with-fever","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुखार से छात्र समेत दो की मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुखार से छात्र समेत दो की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 26 Sep 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
zfgsdfgrse
- फोटो : Getty Images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में बुखार से हो रही मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब एक छात्र समेत दो लोगों की बुखार से मौत हो गई। छात्र मेरठ के अस्पताल में भर्ती था। क्षेत्र में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा 25 के पार पहुंच गया है।
मोहल्ला कायस्थवाड़ा निवासी शिवकुमार कौशिक का पुत्र हार्दिक कौशिक (18) नगर स्थित श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था। परिजनों के मुताबिक चार दिन पूर्व हार्दिक को बुखार आया था।
जांच में मलेरिया बताया गया। शनिवार की दोपहर में हार्दिक की हालत फिर से बिगड़ने लगी। जिसे मुजफ्फरनगर ले जाया गया। वहां से चिकित्सकों ने मेरठ रेफर कर दिया। जहां रात में उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत दिमागी बुखार से होना बताई जा रही है।
विज्ञापन
वहीं, मोहल्ला खानकाह निवासी बुजुर्ग अलाउद्दीन (68) दो दिन से बुखार से पीड़ित था। जिसका प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था लेकिन रविवार को उसने भी दम तोड़ दिया।
बता दें कि डेंगू, वायरल, टाइफाइड, बुखार का क्षेत्र में जबरदस्त प्रकोप है। अब तक बुखार से 25 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग बुखार का प्रकोप कम होने के दावे कर रहा है जबकि बुखार से मौत लगातार जारी है।
सीएचसी प्रभारी डा. वीके मिश्रा ने बताया कि टीमें लगातार घर-घर जाकर लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाव को जागरूक कर रही है। पानी से भरे बर्तनों को खाली करवाया जा रहा है। उन्हीं बर्तनों में डेंगू का लार्वा पनप रहा है।
विज्ञापन
मोहल्ला कायस्थवाड़ा निवासी शिवकुमार कौशिक का पुत्र हार्दिक कौशिक (18) नगर स्थित श्री गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था। परिजनों के मुताबिक चार दिन पूर्व हार्दिक को बुखार आया था।
विज्ञापन
जांच में मलेरिया बताया गया। शनिवार की दोपहर में हार्दिक की हालत फिर से बिगड़ने लगी। जिसे मुजफ्फरनगर ले जाया गया। वहां से चिकित्सकों ने मेरठ रेफर कर दिया। जहां रात में उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत दिमागी बुखार से होना बताई जा रही है।
विज्ञापन
वहीं, मोहल्ला खानकाह निवासी बुजुर्ग अलाउद्दीन (68) दो दिन से बुखार से पीड़ित था। जिसका प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था लेकिन रविवार को उसने भी दम तोड़ दिया।
बता दें कि डेंगू, वायरल, टाइफाइड, बुखार का क्षेत्र में जबरदस्त प्रकोप है। अब तक बुखार से 25 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग बुखार का प्रकोप कम होने के दावे कर रहा है जबकि बुखार से मौत लगातार जारी है।
सीएचसी प्रभारी डा. वीके मिश्रा ने बताया कि टीमें लगातार घर-घर जाकर लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाव को जागरूक कर रही है। पानी से भरे बर्तनों को खाली करवाया जा रहा है। उन्हीं बर्तनों में डेंगू का लार्वा पनप रहा है।