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ट्रिपल राइडिंग मतलब मौत की सवारी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 11 Jul 2016 12:14 AM IST
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बाइक पर मौत का सफर
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर शहर में ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट पहने बाइक चलाना और बिना नंबर के वाहन सड़कों पर दौड़ाना फैशन सा बन गया है। वाहन चेकिंग के नाम पर यातायात विभाग खानापूर्ति करता आ रहा है।
विभाग की लापरवाही से ट्रिपल राइडिंग और ट्रिपल राइडिंग की वजह से सड़क हादसे होना जारी है। रविवार को रामपुर मनिहारान के जानखेड़ा गांव के पास हुए सड़क हादसे की भी वजह ट्रिपल राइडिंग ही बनी, जिसमें दो की जान चली गई, जबकि तीसरा गंभीर घायल है।
यातायात विभाग शहर में यातायात के नियमों का पालन कराने में विफल रहा है। चौराहों पर यातायात पुलिस के सामने से युवक तीन और चार लोगों को बाइक पर बैठाकर फर्राटे के साथ निकल जाते हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी रह जाती है।
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पिछले तीन महीने में जनपद में 40 से अधिक लोगों की सड़क हादसे में जान चली गई। ज्यादातर हादसों की वजह ट्रिपल राइडिंग और हेलमेट न पहने होना था।
इसी तरह के आंकड़े यातायात विभाग के पास भी हैं, मगर इसके बाद भी विभाग की ओर से ट्रिपल राइडिंग रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
हैरत की बात यह है कि एक दुपहिया वाहन पर तीन ही नहीं, चार और पांच तक सवारी देखी जा सकती हैं। कभी-कभी केवल शाम के समय कुछ देर वाहन चेकिंग कर खानापूर्ति कर दी जाती है।
उधर यह जानकारी हैरत होगी कि अपनी पुलिस ने हेलमेट को केवल पुलिस लाइन में अनिवार्य किया हुआ है। पुलिस लाइन के गेट पर हेलमेट चेक करने के लिए 24 घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, जो सख्ती के साथ नियम का पालन करा रहे हैं।
यदि पुलिस चाहे तो यह सख्ती पूरे शहर और जनपद में हो सकती है, मगर इच्छा शक्ति की कमी के कारण व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।
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विभाग की लापरवाही से ट्रिपल राइडिंग और ट्रिपल राइडिंग की वजह से सड़क हादसे होना जारी है। रविवार को रामपुर मनिहारान के जानखेड़ा गांव के पास हुए सड़क हादसे की भी वजह ट्रिपल राइडिंग ही बनी, जिसमें दो की जान चली गई, जबकि तीसरा गंभीर घायल है।
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यातायात विभाग शहर में यातायात के नियमों का पालन कराने में विफल रहा है। चौराहों पर यातायात पुलिस के सामने से युवक तीन और चार लोगों को बाइक पर बैठाकर फर्राटे के साथ निकल जाते हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी रह जाती है।
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पिछले तीन महीने में जनपद में 40 से अधिक लोगों की सड़क हादसे में जान चली गई। ज्यादातर हादसों की वजह ट्रिपल राइडिंग और हेलमेट न पहने होना था।
इसी तरह के आंकड़े यातायात विभाग के पास भी हैं, मगर इसके बाद भी विभाग की ओर से ट्रिपल राइडिंग रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
हैरत की बात यह है कि एक दुपहिया वाहन पर तीन ही नहीं, चार और पांच तक सवारी देखी जा सकती हैं। कभी-कभी केवल शाम के समय कुछ देर वाहन चेकिंग कर खानापूर्ति कर दी जाती है।
उधर यह जानकारी हैरत होगी कि अपनी पुलिस ने हेलमेट को केवल पुलिस लाइन में अनिवार्य किया हुआ है। पुलिस लाइन के गेट पर हेलमेट चेक करने के लिए 24 घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, जो सख्ती के साथ नियम का पालन करा रहे हैं।
यदि पुलिस चाहे तो यह सख्ती पूरे शहर और जनपद में हो सकती है, मगर इच्छा शक्ति की कमी के कारण व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।