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व्यापारी: एमएसपी की गारंटी तो चाहते हैं, पर भारत बंद में सहयोग नहीं
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व्यापारी विवेक मनोचा
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। कृषि कानूनों के विरोध में आज भारत बंद का एलान है। आंदोलन को लेकर व्यापारी संगठन एमएसपी के प्रावधान का तो समर्थन करते हैं, लेकिन कानूनों की वापसी नहीं चाहते। अधिकांश व्यापारी संगठन भारत बंद के समर्थन में नहीं हैं। उनका कहना है कि व्यापारियों और किसानों का चोली दामन का साथ है। यदि किसान खुशहाल होगा तभी व्यापार में भी रौनक आएगी।
किसानों के भारत बंद को समर्थन नहीं है। संगठन की राय में इन कानूनों में सिर्फ न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का संशोधन होना चाहिए। हम कृषि कानूनों को रद्द करने के पक्ष में नहीं है। सरकार को किसानों से वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए। - विमल विरमानी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल।
संगठन किसान आंदोलन का पूर्णतया समर्थन करता है। किसान और व्यापारी एक दूसरे के पूरक हैं। मंगलवार को तो वैसे ही सहारनपुर नगर में साप्ताहिक बंदी रहती है। आंदोलन में संगठन की हमदर्दी किसानों के साथ है। किसान खुशहाल होंगे तो व्यापार भी बढ़िया होगा। - विवेक मनोचा, महानगर अध्यक्ष, सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल।
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सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए। उन्हें भरोसे में लेेकर ही कृषि कानूनों को लागू करना चाहिए। किसानों को फसल का लाभकारी मूल्य मिलेगा तभी बाजार में रौनक आएगी। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी मिलनी चाहिए। भारत बंद को लेकर व्यापारी अपने विवेक से निर्णय लें। - राधेश्याम नारंग, प्रांतीय अध्यक्ष , व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश।
हमारा संगठन भारत बंद के समर्थन में नहीं है। इससे लोगों को परेशानी होगी। कृषि कानूनों से किसानों को फायदा होगा। वे मंडी से बाहर भी अपनी उपज बेच सकेंगे। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। मंडी के व्यापारी भी ऐसा ही चाहते हैं। - राजकुमार बंसल, अध्यक्ष, गुड़ खांडसारी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन।
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किसानों के भारत बंद को समर्थन नहीं है। संगठन की राय में इन कानूनों में सिर्फ न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी का संशोधन होना चाहिए। हम कृषि कानूनों को रद्द करने के पक्ष में नहीं है। सरकार को किसानों से वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए। - विमल विरमानी, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल।
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संगठन किसान आंदोलन का पूर्णतया समर्थन करता है। किसान और व्यापारी एक दूसरे के पूरक हैं। मंगलवार को तो वैसे ही सहारनपुर नगर में साप्ताहिक बंदी रहती है। आंदोलन में संगठन की हमदर्दी किसानों के साथ है। किसान खुशहाल होंगे तो व्यापार भी बढ़िया होगा। - विवेक मनोचा, महानगर अध्यक्ष, सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल।
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सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए। उन्हें भरोसे में लेेकर ही कृषि कानूनों को लागू करना चाहिए। किसानों को फसल का लाभकारी मूल्य मिलेगा तभी बाजार में रौनक आएगी। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी मिलनी चाहिए। भारत बंद को लेकर व्यापारी अपने विवेक से निर्णय लें। - राधेश्याम नारंग, प्रांतीय अध्यक्ष , व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश।
हमारा संगठन भारत बंद के समर्थन में नहीं है। इससे लोगों को परेशानी होगी। कृषि कानूनों से किसानों को फायदा होगा। वे मंडी से बाहर भी अपनी उपज बेच सकेंगे। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। मंडी के व्यापारी भी ऐसा ही चाहते हैं। - राजकुमार बंसल, अध्यक्ष, गुड़ खांडसारी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन।

व्यापारी राधेश्याम नारंग- फोटो : SAHARANPUR

व्यापारी विमल विरमानी- फोटो : SAHARANPUR

व्यापारी राजकुमार बंसल- फोटो : SAHARANPUR