{"_id":"cf0cd365b81bae33989d5490c2dffa29","slug":"to-pay-outstanding-war-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बकाया भुगतान के लिए जंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बकाया भुगतान के लिए जंग
ब्यूरो/अमर उजाला, गागलहेड़ी
Updated Tue, 02 Feb 2016 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गन्ने का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाए जाने से खफा भाकियू कार्यकर्ताओं ने सोमवार को चार घंटे तक दून हाईवे जाम रख कर अपनी नाराजगी का इजहार किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान प्रदेश सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने तक चैन से नहीं बैठेंगे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम (एफ) को सौंपकर हाईवे पर जाम खत्म कर दिया।
सोमवार की सुबह 11.30 बजे भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार की अगुवाई में किसान नारेबाजी करते हुए ज्योतिबा फूले चौक पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी किसान सहारनपुर-देहरादून हाईवे पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान हुई सभा में विनय कुमार ने कहा कि सपा सरकार किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है।
यदि किसानों का धैर्य जवाब दे गया, तो सपा लखनऊ की गद्दी पर नहीं टिक सकेगी। खुद को धरतीपुत्र कहने वाले मुलायम सिंह यादव के बेटे मुख्यमंत्री किसानों के हितों के मुद्दे पर चुप्पी साधे हैं। हर साल कीटनाशक और खाद आदि के दाम बढ़ने के बाद भी गन्ना समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया जाना किसान विरोधी कदम है।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष चौधरी चरण सिंह और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सरदार मनमोहन सिंह ने कहा कि दया शुगर मिल का वर्ष 2011 से भुगतान रुका हुआ है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी अभी तक केवल एक ही आरोपी को पुलिस पुलिस गिरफ्तार कर सकी है। चार घंटे तक चले चक्काजाम के बाद दुपहर बाद 3.30 बजे पहुंचे एडीएम (एफ) सैयद निजामुद्दीन को किसानों ने सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
इसमें किसानों की काटी गई आरसी को वापिस लेने, बकाया भुगतान, वर्ष 2016-17 के पेराई सत्र का भुगतान हरियाणा की तर्ज पर देने, बिजली 16 घंटे देने आदि मांगें शामिल हैं। इसके बाद एडीएम ने किसानों को दो फरवरी को जिलाधिकारी से वार्ता कराने का आमंत्रण देकर धरना खत्म कराया। इसके बाद किसानों ने जाम समाप्त कर दिया।
इस मौके पर भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष चौधरी मेवाराम, अशोक कुमार, चौधरी संजय, चौधरी जगपाल सिंह, बेहट तहसील अध्यक्ष चौधरी सुदेशपाल सिंह, जिला प्रवक्ता चौधरी रघुबीर सिंह, अनूप सिंह, महिपाल सिंह, ईश्वर चंद आर्य, प्रदीप राणा, सुमेरचंद, राजपाल सिंह, निर्भय सिंह, केहर सिंह, रोहताश, तेजपाल, डॉ राजबीर सिंह, मनोज कुमार, विक्रम सिंह, जिले सिंह, डा नरेश यादव आदि शामिल रहे।
जाम में पिसे मुसाफिर
भाकियू के चक्का जाम से यात्रियों को होने वाली परेशानी से निपटने के लिए वैसे तो प्रशासन ने छुटमलपुर के फतेहपुर और सहारनपुर में वाया कलसिया होते हुए यातायात डायवर्ट करा दिया था, लेकिन इसके बाद भी सहारनपुर से छुटमलपुर के बीच और नागल और भगवानपुर से गागलहेड़ी की तरफ आने वाले यात्रियों को खासी परेशानी उठानी। उन्हें दो से तीन किमी पैदल चलकर वाहन पकड़ने पड़े।
सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हुई। करीब चार घंटे तक भाकियू कार्यकर्ताओं ने कस्बे में हाईवे को जाम रखा। भाकियू के धरने के चलते सोमवार को कस्बे में साप्ताहिक बंदी जैसा नजारा दिखाई दिया। ज्यादातर दुकानदारों का सामान पुलिस ने बाहर नहीं निकलने दिया।
किसान विरोधी प्रदेश सरकार
भाजपा नेता धीरज रूहेला के आवास पर आयोजित बैठक में भाजपा किसान मोचा के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान विरोधी है। इसलिए तीन वर्षों से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन विधान सभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी ही अपनी जीत दर्ज कर परचम लहराएंगे। केंद्र की भाजपा सरकार ने जनता के लिए फसल दुर्घटना बीमा, जन धन योजना, एक वर्ष में 58 लाख शौचालयों का निर्माण, केन्द्रीय पुलिस में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण, 12 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख का दुर्घटना बीमा जैसी योजनाएं चलाकर सबका साथ सबका विकास की नीति अपनायी है। इस दौरान विश्वास कुमार, जीवन लाल पंडित, मोहित रूहेला, सुनील कुमार, शिवकुमार, महेश कुमार आदि रहे।
स्कूल, कॉलेज बंद कराए
भाकियू के चक्का जाम को लेकर पुलिस प्रशासन सुबह से अलर्ट नजर आया। एसपी सिटी की अगुवाई में पुलिस अधिकारियों ने कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ सुबह ही कस्बे में डेरा डाल दिया था। इंटर कॉलेज सहित सभी शिक्षण संस्थाएं बंद करा दी गई।
एसपी सिटी महेंद्र यादव, सीओ सदर सुनिति, सीओ मुख्यालय आनंद पांडेय और एलआईयू के सीओ गागलहेड़ी, कोतवाली देहात, सदर बाजार और बिहारीगढ़ थानों की पुलिस बल के साथ ही पीएसी को लेकर सुबह ही कस्बे में पहुंच गए थे। सबसे पहले सीओ ने एसओ नरेंद्र शर्मा को साथ लेकर कस्बे की सभी शिक्षण संस्थाओं में जाकर अवकाश घोषित कराया और बच्चों को उनके घर भिजवाया।
विज्ञापन
सोमवार की सुबह 11.30 बजे भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी विनय कुमार की अगुवाई में किसान नारेबाजी करते हुए ज्योतिबा फूले चौक पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी किसान सहारनपुर-देहरादून हाईवे पर जाम लगाकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान हुई सभा में विनय कुमार ने कहा कि सपा सरकार किसानों के सब्र की परीक्षा ले रही है।
विज्ञापन
यदि किसानों का धैर्य जवाब दे गया, तो सपा लखनऊ की गद्दी पर नहीं टिक सकेगी। खुद को धरतीपुत्र कहने वाले मुलायम सिंह यादव के बेटे मुख्यमंत्री किसानों के हितों के मुद्दे पर चुप्पी साधे हैं। हर साल कीटनाशक और खाद आदि के दाम बढ़ने के बाद भी गन्ना समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया जाना किसान विरोधी कदम है।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष चौधरी चरण सिंह और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सरदार मनमोहन सिंह ने कहा कि दया शुगर मिल का वर्ष 2011 से भुगतान रुका हुआ है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी अभी तक केवल एक ही आरोपी को पुलिस पुलिस गिरफ्तार कर सकी है। चार घंटे तक चले चक्काजाम के बाद दुपहर बाद 3.30 बजे पहुंचे एडीएम (एफ) सैयद निजामुद्दीन को किसानों ने सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
इसमें किसानों की काटी गई आरसी को वापिस लेने, बकाया भुगतान, वर्ष 2016-17 के पेराई सत्र का भुगतान हरियाणा की तर्ज पर देने, बिजली 16 घंटे देने आदि मांगें शामिल हैं। इसके बाद एडीएम ने किसानों को दो फरवरी को जिलाधिकारी से वार्ता कराने का आमंत्रण देकर धरना खत्म कराया। इसके बाद किसानों ने जाम समाप्त कर दिया।
इस मौके पर भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष चौधरी मेवाराम, अशोक कुमार, चौधरी संजय, चौधरी जगपाल सिंह, बेहट तहसील अध्यक्ष चौधरी सुदेशपाल सिंह, जिला प्रवक्ता चौधरी रघुबीर सिंह, अनूप सिंह, महिपाल सिंह, ईश्वर चंद आर्य, प्रदीप राणा, सुमेरचंद, राजपाल सिंह, निर्भय सिंह, केहर सिंह, रोहताश, तेजपाल, डॉ राजबीर सिंह, मनोज कुमार, विक्रम सिंह, जिले सिंह, डा नरेश यादव आदि शामिल रहे।
जाम में पिसे मुसाफिर
भाकियू के चक्का जाम से यात्रियों को होने वाली परेशानी से निपटने के लिए वैसे तो प्रशासन ने छुटमलपुर के फतेहपुर और सहारनपुर में वाया कलसिया होते हुए यातायात डायवर्ट करा दिया था, लेकिन इसके बाद भी सहारनपुर से छुटमलपुर के बीच और नागल और भगवानपुर से गागलहेड़ी की तरफ आने वाले यात्रियों को खासी परेशानी उठानी। उन्हें दो से तीन किमी पैदल चलकर वाहन पकड़ने पड़े।
सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हुई। करीब चार घंटे तक भाकियू कार्यकर्ताओं ने कस्बे में हाईवे को जाम रखा। भाकियू के धरने के चलते सोमवार को कस्बे में साप्ताहिक बंदी जैसा नजारा दिखाई दिया। ज्यादातर दुकानदारों का सामान पुलिस ने बाहर नहीं निकलने दिया।
किसान विरोधी प्रदेश सरकार
भाजपा नेता धीरज रूहेला के आवास पर आयोजित बैठक में भाजपा किसान मोचा के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान विरोधी है। इसलिए तीन वर्षों से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन विधान सभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी ही अपनी जीत दर्ज कर परचम लहराएंगे। केंद्र की भाजपा सरकार ने जनता के लिए फसल दुर्घटना बीमा, जन धन योजना, एक वर्ष में 58 लाख शौचालयों का निर्माण, केन्द्रीय पुलिस में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण, 12 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख का दुर्घटना बीमा जैसी योजनाएं चलाकर सबका साथ सबका विकास की नीति अपनायी है। इस दौरान विश्वास कुमार, जीवन लाल पंडित, मोहित रूहेला, सुनील कुमार, शिवकुमार, महेश कुमार आदि रहे।
स्कूल, कॉलेज बंद कराए
भाकियू के चक्का जाम को लेकर पुलिस प्रशासन सुबह से अलर्ट नजर आया। एसपी सिटी की अगुवाई में पुलिस अधिकारियों ने कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ सुबह ही कस्बे में डेरा डाल दिया था। इंटर कॉलेज सहित सभी शिक्षण संस्थाएं बंद करा दी गई।
एसपी सिटी महेंद्र यादव, सीओ सदर सुनिति, सीओ मुख्यालय आनंद पांडेय और एलआईयू के सीओ गागलहेड़ी, कोतवाली देहात, सदर बाजार और बिहारीगढ़ थानों की पुलिस बल के साथ ही पीएसी को लेकर सुबह ही कस्बे में पहुंच गए थे। सबसे पहले सीओ ने एसओ नरेंद्र शर्मा को साथ लेकर कस्बे की सभी शिक्षण संस्थाओं में जाकर अवकाश घोषित कराया और बच्चों को उनके घर भिजवाया।