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अमन की दुआ के लिए उठे हजारों हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Mon, 26 Jun 2017 12:51 AM IST
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देवबंद की रशीदिया मस्जिद में उमड़े लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में मुकद्दस रमजान की 28वीं शब के साथ ही मस्जिदों और घरों में चल रही तरावीह का भी समापन हो गया। देवबंद में एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में तरावीह पूर्ण होने के अवसर पर दुआ में शिरकत करने दूर दराज से आए हजारों लोगों ने बारगाह में हाथ उठाकर दुआएं मांगी।
मस्जिद रशीदिया में तरावीह पूर्ण कराने के उपरांत जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि अल्लाह ताआला ने जिस तरह रमजान माह में हम सबको अपनी रहमतों और फजीलतों से नवाजा, वो उस खुदा का अपने बंदों के लिए खास तोहफा है।
उन्होंने कहा कि रमजान माह इस्लाम की मजबूत बुनियादों में से एक बुनियाद है। मौलाना मदनी ने आपसी सौहार्द, देश की शांति, भाईचारगी और एकता व अखंडता के लिए दुआ कराई। दुआ में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आए हजारों अकीदतमंद सुबह से ही यहां पहुंचने लगे थे।
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जिन्होंने एक साथ अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर रो-रोकर दुआएं मांगी। जामा मस्जिद में कारी अफ्फान ने रमजान की फजीलत बयान करते हुए कौम की तरक्की, देश में शांति व आपसी सौहार्द के लिए दुआ कराई।
दुआ के बाद लोगों ने बाजारों में जाकर ईद-उल-फितर के लिए जमकर खरीदारी की। देर रात तक बाजारों में दिन जैसा माहौल देखने को मिला। उधर, मुकद्दस रमजान माह की 28वीं शब में एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में तरावीह मुकम्मल होने के अवसर पर दुआ का आयोजन हुआ।
जिसमें शामिल होने के लिए दिल्ली, मुंबई, गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और मेरठ समेत अन्य स्थानों से हजारों की तादाद में लोग मस्जिद रशीदिया पहुंचे थे।
लेकिन नगर पालिका की लापरवाही के चलते जहां नालियों से बाहर निकाला गंदा पानी और कूड़ा लोगों की परेशानी का सबब बन रहा था। वहीं, मदनी परिवार के यहां चल रहे निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली बजरी ओर रेत सड़क पर पड़े होने की वजह से मस्जिद में आने वाले लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।
कई बाइक सवार तो बजरी के ऊपर से गुजरते वक्त गिरकर घायल भी हुए। इस लापरवाही को लेकर बाहर से आने वाले मेहमान भी इसकी निंदा करते नजर आए।
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मस्जिद रशीदिया में तरावीह पूर्ण कराने के उपरांत जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि अल्लाह ताआला ने जिस तरह रमजान माह में हम सबको अपनी रहमतों और फजीलतों से नवाजा, वो उस खुदा का अपने बंदों के लिए खास तोहफा है।
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उन्होंने कहा कि रमजान माह इस्लाम की मजबूत बुनियादों में से एक बुनियाद है। मौलाना मदनी ने आपसी सौहार्द, देश की शांति, भाईचारगी और एकता व अखंडता के लिए दुआ कराई। दुआ में शामिल होने के लिए दूर-दूर से आए हजारों अकीदतमंद सुबह से ही यहां पहुंचने लगे थे।
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जिन्होंने एक साथ अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर रो-रोकर दुआएं मांगी। जामा मस्जिद में कारी अफ्फान ने रमजान की फजीलत बयान करते हुए कौम की तरक्की, देश में शांति व आपसी सौहार्द के लिए दुआ कराई।
दुआ के बाद लोगों ने बाजारों में जाकर ईद-उल-फितर के लिए जमकर खरीदारी की। देर रात तक बाजारों में दिन जैसा माहौल देखने को मिला। उधर, मुकद्दस रमजान माह की 28वीं शब में एशिया की प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया में तरावीह मुकम्मल होने के अवसर पर दुआ का आयोजन हुआ।
जिसमें शामिल होने के लिए दिल्ली, मुंबई, गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और मेरठ समेत अन्य स्थानों से हजारों की तादाद में लोग मस्जिद रशीदिया पहुंचे थे।
लेकिन नगर पालिका की लापरवाही के चलते जहां नालियों से बाहर निकाला गंदा पानी और कूड़ा लोगों की परेशानी का सबब बन रहा था। वहीं, मदनी परिवार के यहां चल रहे निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली बजरी ओर रेत सड़क पर पड़े होने की वजह से मस्जिद में आने वाले लोगों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा था।
कई बाइक सवार तो बजरी के ऊपर से गुजरते वक्त गिरकर घायल भी हुए। इस लापरवाही को लेकर बाहर से आने वाले मेहमान भी इसकी निंदा करते नजर आए।