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Saharanpur News: चार साल से थी आस, एक निर्णय ने कर दिया निराश

Sun, 08 Oct 2023 11:30 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sun, 08 Oct 2023 11:30 PM IST
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There was hope for four years, but one decision disappointed
एबीडी क्षेत्र में शामिल रही पुराना कलसिया रोड की कॉलोनी की कच्ची गली
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना के तहत एबीडी (एरिया बेस्ट डवलेपमेंट) में शामिल वार्डों की जनता और पार्षद चार साल से स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकास की आस कर रहे थे, लेकिन एबीडी का कांसेप्ट खत्म कर दिए जाने से उन्हें निराशा हाथ लगी है। योजना के तहत पूर्व से संचालित 102 परियोजनाओं के अलावा कोई परियोजना शामिल नहीं होनी है। ऐसे में उन्हें आगे कोई उम्मीद भी स्मार्ट सिटी योजना से नहीं रह गई है।
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स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन वर्ष 2019 में हुआ था। उस समय महानगर के 21 वार्डों जो कि पुराने शहर का क्षेत्र हैं, को एबीडी में शामिल किया गया था। शुरू में भी उक्त वार्डों को लेकर कुछ आपत्ति जताई गई थी, क्योंकि कई वार्ड ऐसे हैं, जिनकी गलियां काफी संकुचित हैं और वहां सीवर आदि का कार्य या अन्य विकास करना मुश्किल था। लेकिन तत्कालीन अधिकारियों ने 21 वार्डों को एबीडी में शामिल किया था। तब से उक्त वार्डों में नगर निगम द्वारा विकास कार्य इसलिए नहीं कराए गए, क्योंकि वहां स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकास होना है।
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विभिन्न समस्याओं को लेकर संबंधित वार्डों के पार्षद और जनता अधिकारियों से मिलती रही, लेकिन उन्हें हर बार यह कहकर लौटा दिया जाता था कि उनके क्षेत्र में स्मार्ट सिटी योजना के तहत कार्य होगा। लेकिन अब जबकि स्मार्ट सिटी योजना की ज्यादातर परियोजनाएं मार्च-अप्रैल 2024 तक पूर्ण हो रही हैं तो एबीडी के कांसेप्ट को खत्म कर दिया गया है। हालांकि एबीडी में रखे गए कईं वार्डों में सीवर लाइन आदि डाली जा चुकी है, लेकिन कई वार्ड अधूरे ही रह गए हैं। इससे संबंधित पार्षद परेशान हैं। उनका कहना है कि बीते चार साल में उनके क्षेत्र को स्मार्ट सिटी में कोई लाभ नहीं मिला है।
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- पार्षदों की पीड़ा
- पार्षद प्रतिनिधि सईद सिद्दीकी ने बताया कि उनके वार्ड में महानगर का खास क्षेत्र आता है, जिसमें अरबी मदरसा भी शामिल है। उन्होंने बताया कि बीते चार साल से वह विकास कार्याें के लिए भटक रहे हैं। उनको यह कहकर लौटा दिया जाता है कि उनका वार्ड एबीडी में है और स्मार्ट सिटी योजना से ही कार्य होगा। लेकिन अब उनके वार्ड को एबीडी से भी बाहर कर दिया गया है।
- वार्ड 30 के पार्षद नीरज शर्मा ने बताया कि बीते चार साल में उनके वार्ड में स्मार्ट सिटी योजना से कोई खास काम नहीं हुआ है। पार्क विकसित किया गया था, जिसमें घास उगी है और गंदगी फैली है। स्मार्ट सिटी का कुछ कार्य ठेकेदार बीच ही में छोड़कर चला गया है, जिससे और परेशानी हो रही है।
- वार्ड 22 के पार्षद सुखवीर वर्मा ने बताया कि उनके वार्ड की एक गली में सीवर लाइन डाली गई है। बाकी गलियों में लाइन डालने से मना कर दिया गया है, जबकि पूरे वार्ड में सीवर लाइन डालने की जरूरत है। इस संबंध में कई महीने पहले महापौर को पत्र दिया गया था। फिर से मांग की गई है।



- स्मार्ट सिटी योजना के तहत 21 वार्डों को एबीडी में शामिल किया गया था, लेकिन अब एबीडी के कांसेप्ट को खत्म कर दिया गया है। योजना के तहत कुल 102 परियोजनाएं हैं, जिनमें से 26 पूर्ण हो चुकीं हैं। शेष परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है। कोई नई परियोजना इसमें शामिल नहीं होनी है। - अमरेंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।
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