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Saharanpur News: बिजली कनेक्शन है नहीं और भेजा 17 लाख रुपये का नोटिस
Sat, 18 Nov 2023 11:27 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 18 Nov 2023 11:27 PM IST
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सहारनपुर, देवबंद। विद्युत निगम का गजब कारनामा सामने आया है। बिजली कनेक्शन न होने के बाद भी एक फ्रूट व्यापारी को निगम अधिकारियों ने बिजली चोर बना दिया। इतना ही नहीं उसे राजस्व निर्धारण का 17 लाख रुपये का नोटिस भी भेज दिया गया। चार साल से वह अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। पीडि़त ने अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
नगर के फ्रूट व्यापारी मोहम्मद दिलशाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि नवीन मंडी स्थल में उसकी फलों की दुकान है। 15 जून 2019 को विद्युत निगम अधिकारियों ने मंडी में चेकिंग अभियान चलाया था। इस दौरान उसका नाम भी बिजली चोरी में लिखकर ले गए थे। जबकि आज तक उसने प्रतिष्ठान में बिजली का प्रयोग ही नहीं किया और न ही विद्युत कनेक्शन लगा हुआ है। इसकी जानकारी होने पर उसने निगम के जेई को इस बारे में जानकारी दी।
जेई ने गलती स्वीकार करते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए दी गई तहरीर से उसका नाम हटवा दिया था। लेकिन उसके बाद भी उसे राजस्व निर्धारण का 17 लाख रुपये का नोटिस भेज दिया गया। दिलशाद के मुताबिक वह पिछले चार साल से अधिकारियों के लगातार चक्कर काट रहा है। लेकिन आज तक मामले का निपटारा नहीं हुआ। जिसकी वजह से वह बीमार भी रहने लगा है। पीडि़त ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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नगर के फ्रूट व्यापारी मोहम्मद दिलशाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि नवीन मंडी स्थल में उसकी फलों की दुकान है। 15 जून 2019 को विद्युत निगम अधिकारियों ने मंडी में चेकिंग अभियान चलाया था। इस दौरान उसका नाम भी बिजली चोरी में लिखकर ले गए थे। जबकि आज तक उसने प्रतिष्ठान में बिजली का प्रयोग ही नहीं किया और न ही विद्युत कनेक्शन लगा हुआ है। इसकी जानकारी होने पर उसने निगम के जेई को इस बारे में जानकारी दी।
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जेई ने गलती स्वीकार करते हुए कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए दी गई तहरीर से उसका नाम हटवा दिया था। लेकिन उसके बाद भी उसे राजस्व निर्धारण का 17 लाख रुपये का नोटिस भेज दिया गया। दिलशाद के मुताबिक वह पिछले चार साल से अधिकारियों के लगातार चक्कर काट रहा है। लेकिन आज तक मामले का निपटारा नहीं हुआ। जिसकी वजह से वह बीमार भी रहने लगा है। पीडि़त ने मुख्यमंत्री से मामले की जांच कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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