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स्मार्ट सिटी के लिए प्रेजेंटेशन फिर फ्लॉप
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 05 Mar 2017 12:17 AM IST
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स्मार्ट सिटी
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सहारनपुर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत शनिवार को लखनऊ में हुई सेकेंड प्रेजेंटेशन में भी सहारनपुर का शो फ्लॉप ही रहा है। योजना के प्रदेश स्तरीय अधिकारियों को फिर से प्रस्ताव में कमियां नजर आई हैं, जिन्हें दूर करने के निर्देश सहारनपुर के अधिकारियों को दिए गए हैं।
इससे पहले 27 जनवरी को लखनऊ में हुई प्रेजेंटेेशन में भी सहारनपुर के प्रस्ताव में खामियां निकली थी। मगर सेकेंड प्रेजेंटेशन से पहले सुधार के लिए मिले एक महीने में स्मार्ट सिटी की टीम उन खामियां को दूर नहीं कर सकी।
स्मार्ट सिटी योजना का चौथा चरण चल रहा है। तीन साल पहले शुरू की गई स्मार्ट सिटी योजना में पहले चरण में कुल 98 शहरों केे लिया गया था, जिनमें सहारनपुर भी शामिल था।
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पिछले तीन चरणों में सहारनपुर को लगातार मायूसी हाथ लगी है। पूर्व के चरणों में लखनऊ में हुई प्रेजेंटेशन में यहां के अधिकारी बेहतरीन प्रदर्शन की बात कहकर वाहवाही लूटते रहे। मगर नतीजा हमेशा विफलता के रूप में सामने आया।
आलम यह रहा कि पहले चरण में सहारनपुर का स्थान 98 शहरों में से 92वां रहा। वर्तमान में चौथा चरण चल रहा है। नियमानुसार केंद्र सरकार ने कंसलटेंट एजेंसी भी बदल दी है, मगर सहारनपुर चौथे चरण में भी सुधार की स्थिति में नहीं है।
27 जनवरी 2017 को लखनऊ में हुई चौथे चरण की फर्स्ट प्रेजेंटेेशन में सहारनपुर के प्रस्ताव में कई खामियां निकाली गई थी, जिन्हें दूर करने के निर्देश मिले थे।
फर्स्ट और सेकेंड प्रेजेंटेशन के बीच पूरे 34 दिन सुधार के लिए मिले। मगर शनिवार को लखनऊ में हुई सेकेंड प्रेजेंटेशन में भी सहारनपुर के प्रस्ताव में खामियां निकालते हुए दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी सहारनपुर दूसरे चरण में भी योजना की शर्तों पर खरा नहीं उतर सका है।
कमिश्नर की फटकार का भी असर नहीं, प्रस्ताव में पीडब्ल्यूडी, एसडीए, विद्युत निगम, पुलिस विभाग, डूडा, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, खेल विभाग समेत अनेक विभागों का ब्यौरा दिया जाना था। इसके लिए स्मार्ट सिटी की टीम ने विभागाध्यक्षों से संपर्क किया था।
आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक विभागों ने ब्योरा नहीं दिया। 27 फरवरी को सहारनपुर में हुई लोकल प्रेजेंटेशन में भी यह मुद्दा उठा था, जिस पर कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त कर नगर निगम और स्मार्ट सिटी टीम को फटकार लगाई थी।
फिर भी 27 फरवरी के बाद भी उनकी बात पर अमल नहीं किया गया, जिसका नतीजा यह रहा कि फिर से प्रस्ताव में कमी रह गई। सेकेंड प्रेजेंटेशन में पेश किए गए प्रस्ताव में बड़ी खामी केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का ब्यौरा न देना रहा है।
निर्देश मिले हैं कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार की विभिन्न विभागों से जुड़ी जो भी योजनाएं चल रही हैं उनकी प्रोग्रेस रिपोर्ट यानी वह किस स्थिति में हैं इसका विस्तार से जिक्र किया जाए। इसके अलावा तीन और ऐसे बिंदु बताए गए हैं, जिन पर काम करने को कहा गया है।
प्रेजेंटेशन ठीक रही है। हमारे प्रस्ताव को सराहा गया है, मगर दो-तीन कमियां रह गई हैं, जिन्हें दूर करने के निर्देश मिले हैं। लखनऊ से लौटते ही कमियों को दूर किया जाएगा। योजना में आगे की क्या प्रक्रिया रहेगी। इसकी जानकारी आठ मार्च तक मिलेगी।
- पीके मित्तल, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।
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इससे पहले 27 जनवरी को लखनऊ में हुई प्रेजेंटेेशन में भी सहारनपुर के प्रस्ताव में खामियां निकली थी। मगर सेकेंड प्रेजेंटेशन से पहले सुधार के लिए मिले एक महीने में स्मार्ट सिटी की टीम उन खामियां को दूर नहीं कर सकी।
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स्मार्ट सिटी योजना का चौथा चरण चल रहा है। तीन साल पहले शुरू की गई स्मार्ट सिटी योजना में पहले चरण में कुल 98 शहरों केे लिया गया था, जिनमें सहारनपुर भी शामिल था।
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पिछले तीन चरणों में सहारनपुर को लगातार मायूसी हाथ लगी है। पूर्व के चरणों में लखनऊ में हुई प्रेजेंटेशन में यहां के अधिकारी बेहतरीन प्रदर्शन की बात कहकर वाहवाही लूटते रहे। मगर नतीजा हमेशा विफलता के रूप में सामने आया।
आलम यह रहा कि पहले चरण में सहारनपुर का स्थान 98 शहरों में से 92वां रहा। वर्तमान में चौथा चरण चल रहा है। नियमानुसार केंद्र सरकार ने कंसलटेंट एजेंसी भी बदल दी है, मगर सहारनपुर चौथे चरण में भी सुधार की स्थिति में नहीं है।
27 जनवरी 2017 को लखनऊ में हुई चौथे चरण की फर्स्ट प्रेजेंटेेशन में सहारनपुर के प्रस्ताव में कई खामियां निकाली गई थी, जिन्हें दूर करने के निर्देश मिले थे।
फर्स्ट और सेकेंड प्रेजेंटेशन के बीच पूरे 34 दिन सुधार के लिए मिले। मगर शनिवार को लखनऊ में हुई सेकेंड प्रेजेंटेशन में भी सहारनपुर के प्रस्ताव में खामियां निकालते हुए दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। यानी सहारनपुर दूसरे चरण में भी योजना की शर्तों पर खरा नहीं उतर सका है।
कमिश्नर की फटकार का भी असर नहीं, प्रस्ताव में पीडब्ल्यूडी, एसडीए, विद्युत निगम, पुलिस विभाग, डूडा, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, खेल विभाग समेत अनेक विभागों का ब्यौरा दिया जाना था। इसके लिए स्मार्ट सिटी की टीम ने विभागाध्यक्षों से संपर्क किया था।
आरोप है कि आधा दर्जन से अधिक विभागों ने ब्योरा नहीं दिया। 27 फरवरी को सहारनपुर में हुई लोकल प्रेजेंटेशन में भी यह मुद्दा उठा था, जिस पर कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने नाराजगी व्यक्त कर नगर निगम और स्मार्ट सिटी टीम को फटकार लगाई थी।
फिर भी 27 फरवरी के बाद भी उनकी बात पर अमल नहीं किया गया, जिसका नतीजा यह रहा कि फिर से प्रस्ताव में कमी रह गई। सेकेंड प्रेजेंटेशन में पेश किए गए प्रस्ताव में बड़ी खामी केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का ब्यौरा न देना रहा है।
निर्देश मिले हैं कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार की विभिन्न विभागों से जुड़ी जो भी योजनाएं चल रही हैं उनकी प्रोग्रेस रिपोर्ट यानी वह किस स्थिति में हैं इसका विस्तार से जिक्र किया जाए। इसके अलावा तीन और ऐसे बिंदु बताए गए हैं, जिन पर काम करने को कहा गया है।
प्रेजेंटेशन ठीक रही है। हमारे प्रस्ताव को सराहा गया है, मगर दो-तीन कमियां रह गई हैं, जिन्हें दूर करने के निर्देश मिले हैं। लखनऊ से लौटते ही कमियों को दूर किया जाएगा। योजना में आगे की क्या प्रक्रिया रहेगी। इसकी जानकारी आठ मार्च तक मिलेगी।
- पीके मित्तल, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।