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Saharanpur News: 52 दिनों बाद साल खत्म, अब तक नहीं मिली एमआरआई मशीन
Sun, 09 Nov 2025 12:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 09 Nov 2025 12:46 AM IST
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सहारनपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसबीडी जिला अस्पताल में एमआरआई भवन बना है, लेकिन अभी तक एमआरआई मशीन नहीं आई है। इससे मरीजों को महंगी जांच के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। 52 दिन बाद साल खत्म हो जाएगा।
पिछले साल शासन से एमआरआई मशीन राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसबीडी जिला अस्पताल को स्वीकृत हुई थी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में तैयारी शुरू हो गई थी।
उम्मीद जताई जा रही थी कि अब जल्द ही मशीन आ जाएगी। दिन बीते, महीने बीते और अब साल बीतने को तैयार है, लेकिन मशीन का सिर्फ इंतजार ही किया जा रहा है।
इसे लेकर शासन में अधिकारी पत्राचार भी कर चुके हैं। क्योंकि हादसों में घायल होने के बाद ज्यादातर मरीज निजी अस्पताल में जाने के बजाय जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ही जाते हैं। न्यूरो सर्जन नहीं होने के कारण घायलों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। इनमें कई मरीजों को एमआरआई की जरूरत होती है।
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n सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड का मिल रहा लाभ : जिला अस्पताल में फिलहाल मरीजों को सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी लैब में विभिन्न जांचों की सुविधा निशुल्क मिल रही है। बड़ी संख्या में मरीज इन सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। एक रेडियोलॉजिस्ट है।
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पिछले साल शासन से एमआरआई मशीन राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसबीडी जिला अस्पताल को स्वीकृत हुई थी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में तैयारी शुरू हो गई थी।
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उम्मीद जताई जा रही थी कि अब जल्द ही मशीन आ जाएगी। दिन बीते, महीने बीते और अब साल बीतने को तैयार है, लेकिन मशीन का सिर्फ इंतजार ही किया जा रहा है।
इसे लेकर शासन में अधिकारी पत्राचार भी कर चुके हैं। क्योंकि हादसों में घायल होने के बाद ज्यादातर मरीज निजी अस्पताल में जाने के बजाय जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ही जाते हैं। न्यूरो सर्जन नहीं होने के कारण घायलों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। इनमें कई मरीजों को एमआरआई की जरूरत होती है।
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n सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड का मिल रहा लाभ : जिला अस्पताल में फिलहाल मरीजों को सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी लैब में विभिन्न जांचों की सुविधा निशुल्क मिल रही है। बड़ी संख्या में मरीज इन सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। एक रेडियोलॉजिस्ट है।