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नोटबंदी से मंदिर भी हुए डिजिटल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 31 Dec 2016 12:18 AM IST
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सहारनपुर में नोटबंदी के बाद अब मंदिर में भी दान देने के लिए खाता खुल गया है और कैश न दे पाने वाले श्रद्धालु पेटीएम से मंदिर में दान एवं चढ़ावा चढ़ाने लगे हैं। प्रसाद खरीदने के लिए भी पेटीएम से भुगतान शुरू किया गया है।
नोटबंदी के चलते देवों के मंदिरों में पिछले दो माह से चढ़ावा एवं दान काफी कम हो गया। जिससे मंदिरों के रखरखाव एवं देवों के साज श्रृंगार में मंदिर संचालकों को दिक्कतें आने लगीं। मंदिरों में चढ़ावा कम हो गया।
अब मंदिरों की रखरखाव कमेटियों ने मंदिर की व्यवस्था बनाए रखने के लिए पेटीएम की सुविधा शुरू कर दी है। शहर के बालाजी धाम मंदिर में श्रद्धालुओं को न सिर्फ चढ़ावा एवं दान के लिए पेटीएम की सुविधा दी गई है, बल्कि प्रसाद एवं अन्य सामग्री के लिए भुगतान पेटीएम से लेना शुरू कर दिया गया है।
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इसे देखकर हर कोई हैरान है। इसके लिए खाता भी खोला गया है। जिसमें पेटीएम से पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। शहर के प्रमुख मंदिरों को कैशलेस करने की तैयारी चल रही है।
सिद्धपीठ भूतेश्वर महादेव मंदिर धोबीघाट के प्रबंध समिति अध्यक्ष मुकेश गोयल का कहना है कि जल्द ही मंदिर में पेटीएम सिस्टम लागू करने के साथ स्वाइप मशीन लगवायी जाएगी, ताकि मंदिर को पूरी तरह कैशलेस किया जा सके।
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नोटबंदी के चलते देवों के मंदिरों में पिछले दो माह से चढ़ावा एवं दान काफी कम हो गया। जिससे मंदिरों के रखरखाव एवं देवों के साज श्रृंगार में मंदिर संचालकों को दिक्कतें आने लगीं। मंदिरों में चढ़ावा कम हो गया।
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अब मंदिरों की रखरखाव कमेटियों ने मंदिर की व्यवस्था बनाए रखने के लिए पेटीएम की सुविधा शुरू कर दी है। शहर के बालाजी धाम मंदिर में श्रद्धालुओं को न सिर्फ चढ़ावा एवं दान के लिए पेटीएम की सुविधा दी गई है, बल्कि प्रसाद एवं अन्य सामग्री के लिए भुगतान पेटीएम से लेना शुरू कर दिया गया है।
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इसे देखकर हर कोई हैरान है। इसके लिए खाता भी खोला गया है। जिसमें पेटीएम से पैसे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। शहर के प्रमुख मंदिरों को कैशलेस करने की तैयारी चल रही है।
सिद्धपीठ भूतेश्वर महादेव मंदिर धोबीघाट के प्रबंध समिति अध्यक्ष मुकेश गोयल का कहना है कि जल्द ही मंदिर में पेटीएम सिस्टम लागू करने के साथ स्वाइप मशीन लगवायी जाएगी, ताकि मंदिर को पूरी तरह कैशलेस किया जा सके।