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Saharanpur News: स्टाफ नर्स ने मरीज को सीटी स्कैन के लिए प्राइवेट क्लीनिक भेजा, बैठी जांच
Sun, 26 Jan 2025 12:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sun, 26 Jan 2025 12:32 AM IST
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में भर्ती महिला मरीज को प्राइवेट क्लीनिक भेजने का मामला सामने आया है। स्टाफ नर्स पर मरीज को गुमराह कर बाहरी व्यक्ति के साथ निजी क्लीनिक में सीटी स्कैन कराने का आरोप लगा है। इस मामले की परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को शिकायत की, जिसके बाद प्रबंधन ने चार सदस्यीय टीम गठित कर जांच शुरू कर दी।
दरअसल, छजपुरा के रहने वाले जोनी कुमार अपने साले कुलदीप की पत्नी रीना निवासी फरकपुर को 21 जनवरी को एसबीडी जिला अस्पताल लेकर आया था। गंभीर हालत में महिला को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टर ने मरीज की जांच कराई। जोनी का आरोप है कि कुछ देर बाद एक स्टाफ नर्स ने मरीज के परिजनों को गुमराह किया। उसे हायर सेंटर का पर्चा देकर एक बाहरी व्यक्ति के साथ प्राइवेट क्लीनिक में सीटी स्कैन कराने के लिए भेज दिया।
आरोप है कि अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा होने के बाद भी बाहर भेजा गया, जिससे मरीज को आर्थिक नुकसान हुआ। घटना के बाद जब मरीज के परिजनों को पता चला तो निजी क्लीनिक में सीटी स्कैन कराया गया है तो उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की। पता लगने पर अस्पताल प्रबंधन में खलबली मच गई। इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।
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-- अस्पताल में निशुल्क है सीटी स्कैन की सुविधा
एसबीडी जिला अस्पताल में सीटी स्कैन जांच निशुल्क होती है। प्रतिदिन 30 से 60 मरीजों के सीटी स्कैन होते हैं। 20 जनवरी को 55, 21 जनवरी को 42, 22 को 44, 23 को 29 और 24 जनवरी को 37 मरीजों की सीटी स्कैन जांच हुई।
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-- वर्जन
मरीज को प्राइवेट क्लीनिक में भेजने का मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में मरीजों को असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. रामानंद, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल
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दरअसल, छजपुरा के रहने वाले जोनी कुमार अपने साले कुलदीप की पत्नी रीना निवासी फरकपुर को 21 जनवरी को एसबीडी जिला अस्पताल लेकर आया था। गंभीर हालत में महिला को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टर ने मरीज की जांच कराई। जोनी का आरोप है कि कुछ देर बाद एक स्टाफ नर्स ने मरीज के परिजनों को गुमराह किया। उसे हायर सेंटर का पर्चा देकर एक बाहरी व्यक्ति के साथ प्राइवेट क्लीनिक में सीटी स्कैन कराने के लिए भेज दिया।
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आरोप है कि अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा होने के बाद भी बाहर भेजा गया, जिससे मरीज को आर्थिक नुकसान हुआ। घटना के बाद जब मरीज के परिजनों को पता चला तो निजी क्लीनिक में सीटी स्कैन कराया गया है तो उन्होंने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से की। पता लगने पर अस्पताल प्रबंधन में खलबली मच गई। इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।
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एसबीडी जिला अस्पताल में सीटी स्कैन जांच निशुल्क होती है। प्रतिदिन 30 से 60 मरीजों के सीटी स्कैन होते हैं। 20 जनवरी को 55, 21 जनवरी को 42, 22 को 44, 23 को 29 और 24 जनवरी को 37 मरीजों की सीटी स्कैन जांच हुई।
मरीज को प्राइवेट क्लीनिक में भेजने का मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल में मरीजों को असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. रामानंद, प्रमुख अधीक्षक, एसबीडी जिला अस्पताल