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डीएम के निरीक्षण में मिली खामियां
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:48 AM IST
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निरीक्षण करते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में डीएम शफक्कत कमाल ने मंगलवार को तहसील सदर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान काम के प्रति अधिकारियों की लापरवाही मिलने पर नाराजगी प्रकट करते हुए फटकार लगाई।
उन्होंने नायब तहसीलदार के खिलाफ राजस्व परिषद को पत्र लिखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान तहसील अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
मंगलवार की पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे डीएम शफक्कत कमाल तहसील सदर पहुंचे। उन्होंने राजस्व कक्ष का निरीक्षण किया। तहसील दिवस में आई शिकायतों के निस्तारण की पत्रावलियों व पंजिका का निरीक्षण किया।
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लंबित शिकायतों के निस्तारण नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्घ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नगर क्षेत्र की भूमि संबंधी शिकायतों के निस्तारण में विभागों की लापरवाही मिलने पर नाराज हुए।
एसडीएम को जल्द ही नगर निगम, एसडीए और आवास विकास के अधिकारियों की बैठक उनकी अध्यक्षता में बुलाने को कहा। तहसीलदार के पेशकार द्वारा पत्रावली व्यवस्थित नहीं रखने पर कड़ी नाराजगी जताई।
गांवों में तालाबों पर कब्जा कर बनाए गए मकानों को हटाने के निर्देश एसडीएम और तहसीलदार को दिए गए। विरोध करने वाले कब्जाधारियों के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराने को कहा। डीएम ने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं करें, कब्जा हटाकर दिखाएं।
इस दौरान उन्होंने पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत 98 शहरी और 210 ग्रामीण क्षेत्रों के पेंडिंग आवेदन पत्रों के शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीएम प्रशासन एसके दुबे और एसडीएम सदर रामविलास यादव मौजूद थे।
डीएम ने बैनामा के दाखिल खारिज करने के मामले में पंजिकाओं का अवलोकन करते हुए देखा कि बैनामों के खतौनी में अंकन के लिये कई-कई तारीखें तहसीलदार व नायब तहसीलदार द्वारा लगाई जा रही हैं।
इसे देखकर वह नाराज हुए। कहा कि बैनामा के खतौनियों में दर्ज करने को शासन द्वारा 35 से 45 दिन का समय निर्धारित है। ऐसे में तारीख क्यों लगाई जा रही हैं? नायब तहसीलदार के विरुद्ध राजस्व परिषद को लिखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने उद्यानों की क्षतिपूर्ति के चेक किसानों को अब तक नहीं दिए जाने पर भी नाराजगी जताई। चेक वितरण के लिए गांवों में कैंप लगाने को कहा। एक सप्ताह के भीतर चेक वितरित करने के निर्देश एसडीएम और तहसीलदार को दिए गए।
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उन्होंने नायब तहसीलदार के खिलाफ राजस्व परिषद को पत्र लिखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान तहसील अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
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मंगलवार की पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे डीएम शफक्कत कमाल तहसील सदर पहुंचे। उन्होंने राजस्व कक्ष का निरीक्षण किया। तहसील दिवस में आई शिकायतों के निस्तारण की पत्रावलियों व पंजिका का निरीक्षण किया।
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लंबित शिकायतों के निस्तारण नहीं करने वाले अधिकारियों के विरुद्घ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नगर क्षेत्र की भूमि संबंधी शिकायतों के निस्तारण में विभागों की लापरवाही मिलने पर नाराज हुए।
एसडीएम को जल्द ही नगर निगम, एसडीए और आवास विकास के अधिकारियों की बैठक उनकी अध्यक्षता में बुलाने को कहा। तहसीलदार के पेशकार द्वारा पत्रावली व्यवस्थित नहीं रखने पर कड़ी नाराजगी जताई।
गांवों में तालाबों पर कब्जा कर बनाए गए मकानों को हटाने के निर्देश एसडीएम और तहसीलदार को दिए गए। विरोध करने वाले कब्जाधारियों के विरुद्घ एफआईआर दर्ज कराने को कहा। डीएम ने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं करें, कब्जा हटाकर दिखाएं।
इस दौरान उन्होंने पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत 98 शहरी और 210 ग्रामीण क्षेत्रों के पेंडिंग आवेदन पत्रों के शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एडीएम प्रशासन एसके दुबे और एसडीएम सदर रामविलास यादव मौजूद थे।
डीएम ने बैनामा के दाखिल खारिज करने के मामले में पंजिकाओं का अवलोकन करते हुए देखा कि बैनामों के खतौनी में अंकन के लिये कई-कई तारीखें तहसीलदार व नायब तहसीलदार द्वारा लगाई जा रही हैं।
इसे देखकर वह नाराज हुए। कहा कि बैनामा के खतौनियों में दर्ज करने को शासन द्वारा 35 से 45 दिन का समय निर्धारित है। ऐसे में तारीख क्यों लगाई जा रही हैं? नायब तहसीलदार के विरुद्ध राजस्व परिषद को लिखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने उद्यानों की क्षतिपूर्ति के चेक किसानों को अब तक नहीं दिए जाने पर भी नाराजगी जताई। चेक वितरण के लिए गांवों में कैंप लगाने को कहा। एक सप्ताह के भीतर चेक वितरित करने के निर्देश एसडीएम और तहसीलदार को दिए गए।