{"_id":"5734cf804f1c1b374191a759","slug":"the-discomfort-increased-gas-leakage-in-hospital","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में गैस रिसाव ने बढ़ाई बैचेनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में गैस रिसाव ने बढ़ाई बैचेनी
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 13 May 2016 12:16 AM IST
विज्ञापन
Gas leak on Timardar delusional.
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर के जिला अस्पताल में हावी अव्यवस्थाएं एक बार फिर वहां भर्ती मरीजों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया था। बुधवार की रात जिला अस्पताल के महिला वार्ड के पास अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया।
एक बार इस रिसाव को बंद कर दिया गया, लेकिन देर रात दोबारा गैस के रिसाव से पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। रात में करीब तीन घंटे तक रिसाव होता रहा।
इस पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मी पूरी मशक्कत की, मगर तीन घंटे तक रिसाव से वहां मौजूद मरीज और तिमारदारों में दहशत का माहौल रहा। इस दौरान गैस के चलते कई वार्ड के मरीजों का आनन-फानन में वहां से बेड निकालना पड़ा।
विज्ञापन
इमरजेंसी के गैलरी में मरीजों ने पहुंचकर अपनी जान बचाई। हालांकि इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दरअसल, रात करीब 10 बजे जिला अस्पताल में सीएमओ कार्यालय के पास रखे क्लोरीन के सिलेंडर्स में अचानक रिसाव शुरू हो गया।
इसका सबसे ज्यादा असर सीएमओ कार्यालय के पीछे महिला और बच्चा वार्ड की ओर ज्यादा था। हालांकि सूचना पर तत्काल ही अस्पताल प्रबंधन ने दमकल को इसकी सूचना दी और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने इस रिसाव को बंद करा दिया।
इसके बाद रात करीब एक बजे दोबारा गैस रिसाव शुरू हुआ। इस बार रिसाव न सिर्फ बहुत तेज था बल्कि उसका तेजी से असर महिला वार्ड में दिखाई देने लगा। देखते ही देखते पूरे वार्ड और अन्य जगहों पर गैस भर गई।
वहां मौजूद मरीजों का दम घुटने लगा। सूचना पर अस्पताल के डॉक्टर्स मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। इस बीच पूरे अस्पताल में अफरातफरी मची रही।
अस्पताल स्टाफ और तिमारदारों की मदद से महिला वार्ड के मरीजों को बेड सहित बाहर निकाला गया। उनके बेड इमरजेंसी वार्ड की गैलरी और अन्य जगहों पर लगाया।
दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद उस गैस रिसाव को बंद किया। वहीं अस्पताल में गैस रिसाव के बाद अफवाहों का भी बाजार खूब गर्म रहा।
खुले आसमान में प्रसव और मरीजों के गंभीर होने की अफवाह से भी अफसरों में हड़कंप मचा रहा। हालांकि सीएमएस ने इन अफवाहों से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि एक सिलेंडर में लीकेज से रिसाव हुआ था। मरीजों को गैलरी और अन्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था।
विज्ञापन
एक बार इस रिसाव को बंद कर दिया गया, लेकिन देर रात दोबारा गैस के रिसाव से पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। रात में करीब तीन घंटे तक रिसाव होता रहा।
विज्ञापन
इस पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मी पूरी मशक्कत की, मगर तीन घंटे तक रिसाव से वहां मौजूद मरीज और तिमारदारों में दहशत का माहौल रहा। इस दौरान गैस के चलते कई वार्ड के मरीजों का आनन-फानन में वहां से बेड निकालना पड़ा।
विज्ञापन
इमरजेंसी के गैलरी में मरीजों ने पहुंचकर अपनी जान बचाई। हालांकि इस पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दरअसल, रात करीब 10 बजे जिला अस्पताल में सीएमओ कार्यालय के पास रखे क्लोरीन के सिलेंडर्स में अचानक रिसाव शुरू हो गया।
इसका सबसे ज्यादा असर सीएमओ कार्यालय के पीछे महिला और बच्चा वार्ड की ओर ज्यादा था। हालांकि सूचना पर तत्काल ही अस्पताल प्रबंधन ने दमकल को इसकी सूचना दी और फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने इस रिसाव को बंद करा दिया।
इसके बाद रात करीब एक बजे दोबारा गैस रिसाव शुरू हुआ। इस बार रिसाव न सिर्फ बहुत तेज था बल्कि उसका तेजी से असर महिला वार्ड में दिखाई देने लगा। देखते ही देखते पूरे वार्ड और अन्य जगहों पर गैस भर गई।
वहां मौजूद मरीजों का दम घुटने लगा। सूचना पर अस्पताल के डॉक्टर्स मौके पर पहुंचे और इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई। इस बीच पूरे अस्पताल में अफरातफरी मची रही।
अस्पताल स्टाफ और तिमारदारों की मदद से महिला वार्ड के मरीजों को बेड सहित बाहर निकाला गया। उनके बेड इमरजेंसी वार्ड की गैलरी और अन्य जगहों पर लगाया।
दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद उस गैस रिसाव को बंद किया। वहीं अस्पताल में गैस रिसाव के बाद अफवाहों का भी बाजार खूब गर्म रहा।
खुले आसमान में प्रसव और मरीजों के गंभीर होने की अफवाह से भी अफसरों में हड़कंप मचा रहा। हालांकि सीएमएस ने इन अफवाहों से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना है कि एक सिलेंडर में लीकेज से रिसाव हुआ था। मरीजों को गैलरी और अन्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था।