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Saharanpur News: देवोत्थान एकादशी पर खूब बजेगा बैंडबाजा
Mon, 20 Nov 2023 12:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 20 Nov 2023 12:45 AM IST
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- 23 नवंबर से शुरू होगा शादियों का शुभ मुहूर्त
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। 23 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के साथ शादियों का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा। इस दिन जिले में 250 से अधिक शादियां होने का अनुमान है। शादियाें का शुभ मुहूर्त बसंत पंचमी तक रहेगा।
देवोत्थान एकादशी 23 नवंबर को है। यह दिन शादियों के लिए अति शुभ है। इस दिन से शादियों का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा। इसके बाद बसंत पंचमी तक शादियों की कई शुभ तिथियां रहेंगी। देवोत्थान एकादशी ऐसा शुभ मुहूर्त है, जिस दिन अधिक शादियां होंगीं। यह दिन संपूर्ण शुभ मुहूर्त हैं, जिन लोगों की शादी का शुभ मुहूर्त नहीं निकल पाता है। इस दिन उनके लिए भी अति शुभ मुहूर्त होता है। यह गृह प्रवेश व नए कारोबार की शुरुआत के लिए भी शुभ दिन है।
- मान्यता है कि, जागृत होते हैं देव
राधा विहार स्थित सिद्धपीठ श्री वैष्णवी महाकाली मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने बताया कि देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु चतुर्मास के बाद शयन से जागृत होते हैं। यह दिन शादी, गृह प्रवेश और नया कारोबार करने के लिए अति शुभ है। एक अनुमान के मुताबिक, इस दिन जिले भर में 250 से अधिक शादियां होंगीं।
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- शालीग्राम और तुलसी विवाह होगा
इन दिनों कार्तिक मास चल रहा है। भगवान विष्णु के स्वरूप शालीग्राम और तुलसी विवाह भी देवोत्थान एकादशी और द्वादशी पर होता है। ब्रह्मपुरी कॉलोनी स्थित श्री बगलामुखी मंदिर के अधिष्ठाता आचार्य रोहित वशिष्ठ ने बताया कि सनातन धर्म में कार्तिक मास और तुलसी विवाह अति महत्व है। देवोत्थान एकादशी के साथ सभी शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। 23 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के साथ शादियों का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा। इस दिन जिले में 250 से अधिक शादियां होने का अनुमान है। शादियाें का शुभ मुहूर्त बसंत पंचमी तक रहेगा।
देवोत्थान एकादशी 23 नवंबर को है। यह दिन शादियों के लिए अति शुभ है। इस दिन से शादियों का शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएगा। इसके बाद बसंत पंचमी तक शादियों की कई शुभ तिथियां रहेंगी। देवोत्थान एकादशी ऐसा शुभ मुहूर्त है, जिस दिन अधिक शादियां होंगीं। यह दिन संपूर्ण शुभ मुहूर्त हैं, जिन लोगों की शादी का शुभ मुहूर्त नहीं निकल पाता है। इस दिन उनके लिए भी अति शुभ मुहूर्त होता है। यह गृह प्रवेश व नए कारोबार की शुरुआत के लिए भी शुभ दिन है।
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- मान्यता है कि, जागृत होते हैं देव
राधा विहार स्थित सिद्धपीठ श्री वैष्णवी महाकाली मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी कालेंद्रानंद महाराज ने बताया कि देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु चतुर्मास के बाद शयन से जागृत होते हैं। यह दिन शादी, गृह प्रवेश और नया कारोबार करने के लिए अति शुभ है। एक अनुमान के मुताबिक, इस दिन जिले भर में 250 से अधिक शादियां होंगीं।
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- शालीग्राम और तुलसी विवाह होगा
इन दिनों कार्तिक मास चल रहा है। भगवान विष्णु के स्वरूप शालीग्राम और तुलसी विवाह भी देवोत्थान एकादशी और द्वादशी पर होता है। ब्रह्मपुरी कॉलोनी स्थित श्री बगलामुखी मंदिर के अधिष्ठाता आचार्य रोहित वशिष्ठ ने बताया कि सनातन धर्म में कार्तिक मास और तुलसी विवाह अति महत्व है। देवोत्थान एकादशी के साथ सभी शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे।