{"_id":"5d13c6e78ebc3e3ced106cdb","slug":"the-accident-happened-in-uttarakhand-maacha-kohram-in-saharanpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड में हुआ हादसा, सहारनपुर में मची चित्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड में हुआ हादसा, सहारनपुर में मची चित्कार
Thu, 27 Jun 2019 12:56 AM IST
Prag Gupta
ब्यूरो, सहारनपुर
ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: Prag Gupta
Updated Thu, 27 Jun 2019 12:56 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर में शव पहुंचने पर विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
उत्तराखंड के टिहरी में कार खाई में गिरने से चार बच्चों सहित एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत होने की खबर जैसे ही छुटमलपुर में पहुंची तो हर कोई सकते में आ गया। लोग पीड़ित के घर की तरफ दौड़ पड़े। वहां वृद्ध दंपती के अलावा कोई नहीं था। परिवार के सभी लोग शादी में शामिल होने के लिए उत्तरकाशी गए थे। पड़ोसियों ने हिम्मत कर वृद्ध दंपती को यह सूचना दी। बेटों का परिवार उजड़ने की खबर सुनकर दंपती पर कहर टूट पड़ा। पड़ोसियों ने किसी तरह उन्हें संभाला।
छुटमलपुर की मुस्लिम कालोनी के सईद अहमद के दो बेटे सरफराज और शहनवाज कसबे में मंदिर मस्जिद के बीच की मार्केट में मुमताज डीजे के नाम से डीजे की दुकान चलाते थे। दोनों भाई अलग अलग कारों से अपनी बहन की बेटियों की शादी में भात भरने के लिए बुधवार की सुबह अपने बच्चों के साथ उत्तरकाशी के लिए रवाना हुए थे। सुबह चार बजे यह परिवार घर से निकला था।
इनके साथ इनके ताऊ का बेटा सहारनपुर की लोहानी सराय निवासी अलाउद्दीन पुत्र खुर्शीद और उसका परिवार भी था। एक कार में सरफराज और अलाउद्दीन का परिवार था, जबकि दूसरी में शाहनवाज और उसका परिवार था। देहरादून सुवाखोली मोटर मार्ग पर मोरियाणा टाप के पास सरफराज की कार हादसे का शिकार हो गई। इसमें छह बच्चे और चार बड़े सवार थे।
विज्ञापन
इनमें से छह की मौत हो गई। दोपहर करीब 12 बजे जब यह मनहूस खबर 70 वर्षीय सईद के घर पहुंची तो वह सकते में आ गए। परिवार के सभी सदस्य शादी में गए थे और वृद्ध दंपति ही घर पर थे। सईद दिव्यांग हैं। वर्षों पहले उसका आधा शरीर लकवे से ग्रस्त हो गया था। उनकी पत्नी तो बहुओं और पोते पोतियों की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गई। पड़ोसियों ने किसी तरह उन्हें संभाला। इसके बाद पड़ोसियों और रिश्तेदारों का पहुंचना शुरू हुआ। दर्दनाक हादसे से मुस्लिम कालोनी में चूल्हा तक नहीं जला।
सरफराज का हो गया पूरा परिवार खत्म
छुटमलपुर। हादसे में सरफराज का पूरा परिवार खत्म हो गया। उसकी पत्नी 32 वर्षीय तहरीन, 15 साल की बेटी रीजा, नौ साल की नताशा और ढाई साल का मासूम समी तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद वह सदमे में है। हादसे के बाद घटना स्थल पर पहुंचे परिजन उसे ढांढ़स बंधाने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। उनकी समझ में ही नहीं आ रहा था कि वे क्या कह कर उसे सांत्वना दें। उसका सभी कुछ तो एक झटके साथ खत्म हो गया। रोते हुए हिचकियों के बीच सरफराज उस मनहूस घड़ी को कोस रहा था जब वह कार पर नियंत्रण नहीं रख सका और वह उसके परिवार को लेकर गहरी खाई में समा गई।
- अलाउद्दीन की पत्नी और बच्ची ने छोड़ा साथ
सरफराज के ताऊ के लड़के लाउद्दीन की पत्नी 28 वर्षीय शहजादी और सात माह की बच्ची अतिया भी इस हादसे में मौत का शिकार बन गए। उसके दो बच्चे पांच साल की तुबा और तीन साल की मलाईका गंभीर घायल हुए हैं।
- घंटों तक हादसे की तस्वीर नहीं हुई साफ
छुटमलपुर में करीब 11 बजे हादसे की खबर पहुंच गई थी। लेकिन यह पता नहीं चल सका कि मरने वाले किस परिवार से हैं। काफी देर बाद पता चला कि हादसा मुमताज डीजे के परिवार के साथ हुआ है। इसके बाद परिजन और पड़ोसी कार सवारों की हालत की जानकारी लेने के लिए इधर उधर फोन घुमाते रहे। नजदीकी दोस्त, पड़ोसी और रिश्तेदार खबर मिलते ही घटना स्थल के लिए निकल पड़े।
छुटमलपुर की मुस्लिम कालोनी के सईद अहमद के दो बेटे सरफराज और शहनवाज कसबे में मंदिर मस्जिद के बीच की मार्केट में मुमताज डीजे के नाम से डीजे की दुकान चलाते थे। दोनों भाई अलग अलग कारों से अपनी बहन की बेटियों की शादी में भात भरने के लिए बुधवार की सुबह अपने बच्चों के साथ उत्तरकाशी के लिए रवाना हुए थे। सुबह चार बजे यह परिवार घर से निकला था।
विज्ञापन
इनके साथ इनके ताऊ का बेटा सहारनपुर की लोहानी सराय निवासी अलाउद्दीन पुत्र खुर्शीद और उसका परिवार भी था। एक कार में सरफराज और अलाउद्दीन का परिवार था, जबकि दूसरी में शाहनवाज और उसका परिवार था। देहरादून सुवाखोली मोटर मार्ग पर मोरियाणा टाप के पास सरफराज की कार हादसे का शिकार हो गई। इसमें छह बच्चे और चार बड़े सवार थे।
विज्ञापन
इनमें से छह की मौत हो गई। दोपहर करीब 12 बजे जब यह मनहूस खबर 70 वर्षीय सईद के घर पहुंची तो वह सकते में आ गए। परिवार के सभी सदस्य शादी में गए थे और वृद्ध दंपति ही घर पर थे। सईद दिव्यांग हैं। वर्षों पहले उसका आधा शरीर लकवे से ग्रस्त हो गया था। उनकी पत्नी तो बहुओं और पोते पोतियों की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गई। पड़ोसियों ने किसी तरह उन्हें संभाला। इसके बाद पड़ोसियों और रिश्तेदारों का पहुंचना शुरू हुआ। दर्दनाक हादसे से मुस्लिम कालोनी में चूल्हा तक नहीं जला।
सरफराज का हो गया पूरा परिवार खत्म
छुटमलपुर। हादसे में सरफराज का पूरा परिवार खत्म हो गया। उसकी पत्नी 32 वर्षीय तहरीन, 15 साल की बेटी रीजा, नौ साल की नताशा और ढाई साल का मासूम समी तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद वह सदमे में है। हादसे के बाद घटना स्थल पर पहुंचे परिजन उसे ढांढ़स बंधाने की भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। उनकी समझ में ही नहीं आ रहा था कि वे क्या कह कर उसे सांत्वना दें। उसका सभी कुछ तो एक झटके साथ खत्म हो गया। रोते हुए हिचकियों के बीच सरफराज उस मनहूस घड़ी को कोस रहा था जब वह कार पर नियंत्रण नहीं रख सका और वह उसके परिवार को लेकर गहरी खाई में समा गई।
- अलाउद्दीन की पत्नी और बच्ची ने छोड़ा साथ
सरफराज के ताऊ के लड़के लाउद्दीन की पत्नी 28 वर्षीय शहजादी और सात माह की बच्ची अतिया भी इस हादसे में मौत का शिकार बन गए। उसके दो बच्चे पांच साल की तुबा और तीन साल की मलाईका गंभीर घायल हुए हैं।
- घंटों तक हादसे की तस्वीर नहीं हुई साफ
छुटमलपुर में करीब 11 बजे हादसे की खबर पहुंच गई थी। लेकिन यह पता नहीं चल सका कि मरने वाले किस परिवार से हैं। काफी देर बाद पता चला कि हादसा मुमताज डीजे के परिवार के साथ हुआ है। इसके बाद परिजन और पड़ोसी कार सवारों की हालत की जानकारी लेने के लिए इधर उधर फोन घुमाते रहे। नजदीकी दोस्त, पड़ोसी और रिश्तेदार खबर मिलते ही घटना स्थल के लिए निकल पड़े।