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Saharanpur News: स्टाफ की कमी के लिए शासन से बात करिए
Fri, 28 Mar 2025 12:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:41 AM IST
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सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में इलाज की व्यवस्था बदहाल है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल का लाइव किया तो बदहाली की पोल खुल गई। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर अजीबो-गरीब नोटिस चस्पां कर दिया कि स्टाफ की कमी के लिए शासन से बात करिए। चिकित्सकों की खाली कुर्सी और कक्ष के बाहर मरीज कराहते मिले। एचआईवी जांच बंद है। ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने से मरीज परेशान हैं।
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर व्यवस्था उलट है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं का लाइव किया। ओपीडी में सभी चिकित्सकों के कक्ष खुले मिले। उनके बाहर मरीजों की कतार मिली। अल्ट्रासाउंड कक्ष से लेकर डिजिटल और सामान्य एक्सरे कराने के लिए मरीज बाहर बैठे मिले। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर दो नोटिस चस्पां मिले। जिन पर स्टाफ की कमी के लिए शासन से बात करें लिखा था। इसके साथ ही उन पर चिकित्सक एक और खाली पद तीन, एक्सरे टैक्नीशियन समस्त पद खाली, डार्क रूम टैक्नीशियन एक पद, बाकी समस्त पद खाली, अल्ट्रासाउंड समय सुबह से 11 बजे तक भी लिखा था।अजीबों-गरीब नोटिस देखकर मरीज और उनके तीमारदार हैरान रह गए। यानी मरीजों को स्टाफ के लिए शासन में बात करनी पड़ेगी। इस फरमान से मरीज परेशान है। यहां तैनात महिला कर्मचारी से पूछा तो उन्होंने बताया कि डॉक्टर छुट्टी पर हैं।
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-- किट खत्म तो जांच बंद
जिला अस्पताल में आईसीटीसी सेंटर संचालित होता है। इस सेंटर पर मरीजों की एचआईवी जांच होती है। यहां पिछले करीब तीन दिन से एचआईवी जांच के लिए किट खत्म है। ऐसे में एचआईवी जांच बंद का नोटिस चस्पा कर दिया है। किट आने पर एक अप्रैल से जांच शुरू की जाएगी।ऑपरेशन से पहले एचआईवी जांच कराने वाले मरीजों को परेशानी हो रही।
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-- डॉक्टर नहीं मिले तो थककर बैठ गए मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं मिले तो मरीज थककर नीचे बैठ गए। पूछने पर स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि चिकित्सक अभी ऑपरेशन करने के लिए गए हुए हैं। मेवा देवी व सुभाष ने बताया कि जब वह ओपीडी में आए थे, तब चिकित्सक बैठे थे, लेकिन थोड़ी देर बाद ही चिकित्सक उठ गए थे। वह आधे घंटे तक बैठे रहे थे।
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एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का दावा किया जाता है, लेकिन धरातल पर व्यवस्था उलट है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं का लाइव किया। ओपीडी में सभी चिकित्सकों के कक्ष खुले मिले। उनके बाहर मरीजों की कतार मिली। अल्ट्रासाउंड कक्ष से लेकर डिजिटल और सामान्य एक्सरे कराने के लिए मरीज बाहर बैठे मिले। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर दो नोटिस चस्पां मिले। जिन पर स्टाफ की कमी के लिए शासन से बात करें लिखा था। इसके साथ ही उन पर चिकित्सक एक और खाली पद तीन, एक्सरे टैक्नीशियन समस्त पद खाली, डार्क रूम टैक्नीशियन एक पद, बाकी समस्त पद खाली, अल्ट्रासाउंड समय सुबह से 11 बजे तक भी लिखा था।अजीबों-गरीब नोटिस देखकर मरीज और उनके तीमारदार हैरान रह गए। यानी मरीजों को स्टाफ के लिए शासन में बात करनी पड़ेगी। इस फरमान से मरीज परेशान है। यहां तैनात महिला कर्मचारी से पूछा तो उन्होंने बताया कि डॉक्टर छुट्टी पर हैं।
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जिला अस्पताल में आईसीटीसी सेंटर संचालित होता है। इस सेंटर पर मरीजों की एचआईवी जांच होती है। यहां पिछले करीब तीन दिन से एचआईवी जांच के लिए किट खत्म है। ऐसे में एचआईवी जांच बंद का नोटिस चस्पा कर दिया है। किट आने पर एक अप्रैल से जांच शुरू की जाएगी।ऑपरेशन से पहले एचआईवी जांच कराने वाले मरीजों को परेशानी हो रही।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं मिले तो मरीज थककर नीचे बैठ गए। पूछने पर स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि चिकित्सक अभी ऑपरेशन करने के लिए गए हुए हैं। मेवा देवी व सुभाष ने बताया कि जब वह ओपीडी में आए थे, तब चिकित्सक बैठे थे, लेकिन थोड़ी देर बाद ही चिकित्सक उठ गए थे। वह आधे घंटे तक बैठे रहे थे।