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पिछले वर्ष की कर वसूली के आंकड़े तक पहुंचने में छूट रहे पसीने
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वर्ष 2021 में हुई थी 22.50 करोड़ की वसूली, इस बार 28 फरवरी तक मात्र 16 करोड़ ही वसूल सका नगर निगम
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कर वसूली के लिए नगर निगम कई तरीके अपना रहा है। एक ओर जहां 12 महीने काउंटर चलता है वहीं ऑनलाइन कर जमा कराने की सुविधा भी दी है। इसके अतिरिक्त कर वसूली को गति देने के लिए टीमें वार्डों में शिविर लगा रही हैं। अब कई माह से 50 हजार रुपये या उससे अधिक के बकायेेदारों के भवनों को सील करने तथा कुर्की नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की जा रही है। इन सबके बावजूद कर विभाग के अधिकारियों को बीते वर्ष के आंकड़े तक को छूने में पसीने छूट रहे हैं।
वर्ष 2021 में कर विभाग ने 22.50 करोड़ रुपये की वसूली की थी। इस बार अधिकारियों की संख्या बढ़ने के बावजूद 22.50 करोड़ तक पहुंचने में अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। निगम का लक्षय बीते वर्ष की तुलना में अधिक वसूली का रहता है। जिससे बकाया कम से कम रहे। तमाम प्रयास के बावजूद वसूली में गति नहीं आ रही है। 28 फरवरी 2022 तक कुल वसूली 16 करोड़ थी। विभाग मार्च में अधिक से अधिक वसूली के लिए अभियान में निरंतरता नहीं ला सका है। मार्च में मुश्किल से दस दिन अभियान चलाया गया है। ऐसे में 31 मार्च तक 22.50 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचना मुश्किल दिख रहा है। हालांकि अधिकारियों को भरोसा है कि वे 31 मार्च तक 22.50 करोड़ रुपये से अधिक तक वसूली कर लेंगे।
सर्वे के बाद बढ़ सकती है मकानों की संख्या
नगर निगम में महानगर के 1.38 लाख मकान पंजीकृत हैं। इन पर कर लगा है। बीते करीब डेढ़ वर्ष से एक निजी कंपनी से महानगर के भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। इसका मकसद कर का सही निर्धारण और जिन भवनों पर अभी तक कर नहीं लगा है उनको दायरे में लाना है। अभी तक कुल 70 में से करीब 31 ही वार्डों में सर्वे हो सका है।
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वर्जन
कर वसूली के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि पिछले वर्ष की तुलना में हम अधिक वसूली करेंगे। केवल 31 मार्च तक ही नहीं, उसके बाद भी अभियान जारी रहेगा। ऐसे में अपील है कि बकायेेदार यदि कार्रवाई से बचना चाहते हैं तो 31 मार्च से पहले कर जमा करा दें। -रवीश चौधरी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कर वसूली के लिए नगर निगम कई तरीके अपना रहा है। एक ओर जहां 12 महीने काउंटर चलता है वहीं ऑनलाइन कर जमा कराने की सुविधा भी दी है। इसके अतिरिक्त कर वसूली को गति देने के लिए टीमें वार्डों में शिविर लगा रही हैं। अब कई माह से 50 हजार रुपये या उससे अधिक के बकायेेदारों के भवनों को सील करने तथा कुर्की नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की जा रही है। इन सबके बावजूद कर विभाग के अधिकारियों को बीते वर्ष के आंकड़े तक को छूने में पसीने छूट रहे हैं।
वर्ष 2021 में कर विभाग ने 22.50 करोड़ रुपये की वसूली की थी। इस बार अधिकारियों की संख्या बढ़ने के बावजूद 22.50 करोड़ तक पहुंचने में अधिकारियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। निगम का लक्षय बीते वर्ष की तुलना में अधिक वसूली का रहता है। जिससे बकाया कम से कम रहे। तमाम प्रयास के बावजूद वसूली में गति नहीं आ रही है। 28 फरवरी 2022 तक कुल वसूली 16 करोड़ थी। विभाग मार्च में अधिक से अधिक वसूली के लिए अभियान में निरंतरता नहीं ला सका है। मार्च में मुश्किल से दस दिन अभियान चलाया गया है। ऐसे में 31 मार्च तक 22.50 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंचना मुश्किल दिख रहा है। हालांकि अधिकारियों को भरोसा है कि वे 31 मार्च तक 22.50 करोड़ रुपये से अधिक तक वसूली कर लेंगे।
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सर्वे के बाद बढ़ सकती है मकानों की संख्या
नगर निगम में महानगर के 1.38 लाख मकान पंजीकृत हैं। इन पर कर लगा है। बीते करीब डेढ़ वर्ष से एक निजी कंपनी से महानगर के भवनों का सर्वे कराया जा रहा है। इसका मकसद कर का सही निर्धारण और जिन भवनों पर अभी तक कर नहीं लगा है उनको दायरे में लाना है। अभी तक कुल 70 में से करीब 31 ही वार्डों में सर्वे हो सका है।
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कर वसूली के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि पिछले वर्ष की तुलना में हम अधिक वसूली करेंगे। केवल 31 मार्च तक ही नहीं, उसके बाद भी अभियान जारी रहेगा। ऐसे में अपील है कि बकायेेदार यदि कार्रवाई से बचना चाहते हैं तो 31 मार्च से पहले कर जमा करा दें। -रवीश चौधरी, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी