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जिले के सौ गांवों में होगा आबादी भूमि का सर्वे
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सहारनपुर। गांवों में आबादी और कृषि भूमि का सर्वे अभियान चलाकर कराया जाएगा। साथ ही भू-अभिलेखों, खसरा खतौनी आदि की त्रुटियों को भी दुरुस्त किया जाएगा। जिले में इसके लिए 100 गांवों को चिन्हित किया गया है। प्रत्येक तहसील के 20 गांव शामिल हैं। खास बात यह है कि इसके लिए ड्रोन तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा।
गांवों में आबादी से लेकर कृषि भूमि तक पर अवैध कब्जों को लेकर आए दिन तकरार रहती है। कई बार रिकार्ड की गलतियां भी इसके लिए जिम्मेदार होती हैं। इसके चलते केंद्र सरकार ने ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में सर्वे करने का निर्णय लिया है। भारत सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से इसके लिए ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसमें व्यक्तिगत ग्रामीण सम्पत्ति के सीमांकन के अलावा, ग्राम पंचायत एवं सामुदायिक सम्पत्तियों जैसे गांव की सडकें, तालाब, नहरें, खुले स्थान, स्कूल, आंगनवाडी केंद्र, स्वास्थ्य उप केंद्र आदि का सर्वेक्षण भी होगा और जीआईसी मानचित्र भी बनाए जाएंगे। इससे संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा संबंधित गांवों में रहने वाले गृहस्वामियों को अधिकार अभिलेख भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जिसका ग्रामीण बैंकों से ऋण लेने से लेकर अन्य वित्तीय लाभ के लिए उपयोग कर सकेंगे।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसबी सिंह ने बताया कि इस योजना के लिए जनपद में सौ गांवों का चयन किया है। इनमें सभी तहसीलों के 20 गांवों को शामिल किया गया है। इन चयनित गांवों की सूची को मुख्यालय भेज दिया गया है। वहां से निर्देश के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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गांवों में आबादी से लेकर कृषि भूमि तक पर अवैध कब्जों को लेकर आए दिन तकरार रहती है। कई बार रिकार्ड की गलतियां भी इसके लिए जिम्मेदार होती हैं। इसके चलते केंद्र सरकार ने ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में सर्वे करने का निर्णय लिया है। भारत सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से इसके लिए ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसमें व्यक्तिगत ग्रामीण सम्पत्ति के सीमांकन के अलावा, ग्राम पंचायत एवं सामुदायिक सम्पत्तियों जैसे गांव की सडकें, तालाब, नहरें, खुले स्थान, स्कूल, आंगनवाडी केंद्र, स्वास्थ्य उप केंद्र आदि का सर्वेक्षण भी होगा और जीआईसी मानचित्र भी बनाए जाएंगे। इससे संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा संबंधित गांवों में रहने वाले गृहस्वामियों को अधिकार अभिलेख भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जिसका ग्रामीण बैंकों से ऋण लेने से लेकर अन्य वित्तीय लाभ के लिए उपयोग कर सकेंगे।
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अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसबी सिंह ने बताया कि इस योजना के लिए जनपद में सौ गांवों का चयन किया है। इनमें सभी तहसीलों के 20 गांवों को शामिल किया गया है। इन चयनित गांवों की सूची को मुख्यालय भेज दिया गया है। वहां से निर्देश के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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