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गन्ना पैदावार ने छह साल में दोगुना कर दी किसानों की आय

Wed, 04 Nov 2020 10:56 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 10:56 PM IST
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Sugarcane yield doubles farmers' income in six years
गन्ना पैदावार ने छह साल में दोगुना कर दी किसानों की आय
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2014-15 में 3328 करोड़ रुपये भुगतान मिला था
2019-20 में 6289 करोड़ रुपये बना गन्ना मूल्य भुगतान
2.84 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.17 लाख हेक्टेयर हुआ गन्ना क्षेत्रफल
757.89 लाख क्विंटल गन्ना पेराई पांच साल में बढ़ गई
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में किसानों की पहली पसंद गन्ने की खेती है। इसका अंदाज बीते छह साल में गन्ना क्षेत्रफल में लगातार हुई बढ़ोत्तरी से लगाया जा सकता है। क्षेत्रफल के साथ ही गन्ना पैदावार भी बंपर हुई। इससे आय भी करीब दोगुना तक हो गई। अकेले सहारनपुर मंडल के तीन जिलों में ही छह साल के अंतराल में 2960.95 करोड़ रुपये अधिक भुगतान किया गया।
दरअसल, सहारनपुर मंडल के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिले में गन्ने की खेती प्राथमिकता से की जाती रही है। साल दर साल किसानों में गन्ने की खेती के प्रति रुझान बढ़ा है। वर्ष 2014-15 में तीनों जिले में गन्ना क्षेत्रफल 2.84 लाख हेक्टेयर था, जो 2019-20 में बढ़कर 3.17 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया।
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कड़ी मेहनत से पाया सुभाष ने पहला स्थान
चिलकाना। पिछले दिनों ही गन्ना विभाग ने गन्ना (पेड़ी) उत्पादन में अव्वल रहने वाले किसानों की सूची जारी की, जिसमें जिले के चिलकाना क्षेत्र के गांव दास्सावाला निवासी किसान सुभाष वालिया को प्रदेश में पहला स्थान मिला। सुभाष का कहना है कि एक बीघा में करीब 155 क्विंटल गन्ने की पैदावार हुई। गन्ने की पैदावार के लिए गोबर की खाद को वरीयता दी गई। एक बीघा गन्ने में एक ट्राली गोबर की खाद डाली। इसके अलावा 35 किलो डाई, 25 किलो यूरिया, दो किलो सल्फर तथा जिंक का प्रयोग किया। गन्ने की बुवाई डबल कांछी डालकर की गई थी। गन्ने की ऊंचाई करीब 9 फुट होने के कारण सीढ़ी बनाकर गन्ने को बंधवाया गया। मजदूरों के साथ ही खुद भी खेत पर मेहनत की, जिसका परिणाम सामने है।
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बीते सीजन का 1200 करोड़ रुपये बकाया
पेराई सत्र 2019-20 में सहारनपुर मंडल का 6289.40 करोड़ रुपये भुगतान बना, जिसमें से करीब 1200 करोड़ रुपये चीनी मिलों पर बकाया हैं। वहीं, छह सालों के भीतर सिर्फ 2015-16 में गन्ना क्षेत्रफल कम रहा और गन्ना पेराई भी घटी। इसके अलावा अन्य सभी वर्षों में गन्ना क्षेत्रफल और उत्पादन बढ़ता रहा है।

छह साल में मंडल की स्थिति
वर्ष ------------ गन्ना क्षेत्रफल --------- गन्ना पेराई --------------- देय भुगतान
2014-15 --- 2.84 लाख हेक्टेयर --- 1197.70 लाख क्विंटल --- 3328.45 करोड़ रुपये
2015-16 ---- 2.66 लाख हेक्टेयर -- 980.69 लाख क्विंटल ---- 2742.26 करोड़ रुपये
2016-17---- 2.53 लाख हेक्टेयर --- 1391.81 लाख क्विंटल --- 4257.66 करोड़ रुपये
2017-18 --- 2.78 लाख हेक्टेयर --- 1753.41 लाख क्विंटल --- 5603.25 करोड़ रुपये
2018-19 -- 3.05 लाख हेक्टेयर --- 1707.60 लाख क्विंटल ----- 5479.90 करोड़ रुपये
2019-20 -- 3.17 लाख हेक्टेयर --- 1955.59 लाख क्विंटल ----- 6289.40 करोड़ रुपये
बकाया भुगतान के लिए चल रही कवायद: मंडलायुक्त
सहारनपुर मंडलायुक्त संजय कुमार का कहना है कि किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान दिलाने के लिए कवायद चल रही है। चीनी मिलों को दीपावली से पूर्व और दीपावली के बाद भुगतान का लक्ष्य निर्धारित किया है। जो चीनी मिल भुगतान समय पर नहीं करेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
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