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अचानक तहसील पहुंचे कमिश्नर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 21 May 2016 12:07 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर की देवबंद तहसील में शुक्रवार को निरीक्षण के लिए पहुंचे। उन्हें देख अधिकारी और कर्मचारी सकपका गए। कमिश्नर के आने का पता चलते ही तहसील में हड़कंप मच गया।
मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने रिकॉर्ड आदि की जांच की। साथ ही अधिकारियों को पुराने रिकॉर्ड के रखरखाव को दिशा निर्देश दिए। शुक्रवार को मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल और डीएम पवन कुमार तहसील कार्यालय पहुंचे।
जहां उन्होंने बारीकी से तहसील के समस्त रिकॉर्डों का निरीक्षण किया। वसूली और दूसरे कार्यों की बाबत अधिकारियों से पूछताछ की। तहसील कार्यालय के बराबर में कुछ कमरों की जर्जर हालत को देखकर मंडलायुक्त ने उन्हें ठीक कराने के आदेश दिए।
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तहसीलदार आलोक कुमार ने बताया कि मंडलायुक्त ने दस वर्ष पुराने रिकॉर्ड को खराब होने से बचाने के लिए उनकी फीडिंग कराने के साथ ही वसूली पत्रों को कंप्यूटर में चढ़ाए जाने के दिशा निर्देश दिए हैं।
शाम करीब पांच बजे मंडलायुक्त के जाने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। एडीएम (ई) ओमप्रकाश वर्मा, सीडीओ दीपक मीणा, एसडीएम भानू प्रताप यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी योगेंद्र सिंह और कोतवाल विजय प्रकाश मौजूद रहे।
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मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने रिकॉर्ड आदि की जांच की। साथ ही अधिकारियों को पुराने रिकॉर्ड के रखरखाव को दिशा निर्देश दिए। शुक्रवार को मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल और डीएम पवन कुमार तहसील कार्यालय पहुंचे।
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जहां उन्होंने बारीकी से तहसील के समस्त रिकॉर्डों का निरीक्षण किया। वसूली और दूसरे कार्यों की बाबत अधिकारियों से पूछताछ की। तहसील कार्यालय के बराबर में कुछ कमरों की जर्जर हालत को देखकर मंडलायुक्त ने उन्हें ठीक कराने के आदेश दिए।
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तहसीलदार आलोक कुमार ने बताया कि मंडलायुक्त ने दस वर्ष पुराने रिकॉर्ड को खराब होने से बचाने के लिए उनकी फीडिंग कराने के साथ ही वसूली पत्रों को कंप्यूटर में चढ़ाए जाने के दिशा निर्देश दिए हैं।
शाम करीब पांच बजे मंडलायुक्त के जाने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। एडीएम (ई) ओमप्रकाश वर्मा, सीडीओ दीपक मीणा, एसडीएम भानू प्रताप यादव, पुलिस क्षेत्राधिकारी योगेंद्र सिंह और कोतवाल विजय प्रकाश मौजूद रहे।