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हड़ताल से बिलबिला उठे मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 22 Sep 2016 01:03 AM IST
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जिला अस्पताल में हंगामा करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर जिला अस्पताल में कर्मचारियों की हड़ताल पर मरीजों और तीमारदारों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने अस्पताल परिसर में नारेबाजी करते हुए मेन गेट को बंद कर दिया।
तीमारदारों के गुस्से को देखते हुए कई कर्मचारी मौके से निकल लिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल मुख्य गेट को खुलवाया। बता दें कि उप्र प्रयोगशाला प्राविधिज्ञ संघ, ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन और डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारी मंगलवार और बुधवार को हड़ताल पर रहे।
हड़ताल के चलते जिला अस्पताल में ओपीडी तो चली, लेकिन बाकी सुविधाएं बंद रही। इसकी वजह से बेड पर पड़े मरीज बिलबिला उठे। कई मरीजों को समय से दवा और उपचार न मिलने के कारण हालत बिगड़ गई। इससे नाराज तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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देखते देखते तीमारदारों की संख्या सैकड़ों में बदल गई। हंगामा होता देख अन्य लोग भी उनके साथ हो लिए और जिला अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने अस्पताल के मुख्य गेट को बंद करते हुए ताला जड़ने का प्रयास किया।
लेकिन अन्य मरीजों की आवाजाही के चलते कुछ देर बाद गेट खोल देेना पड़ा। हंगामे की सूचना मिलते ही जनकपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत किया।
फार्मेसिस्ट और तीमारदार में हाथापाई ः जिला अस्पताल में स्टाफ की हड़ताल और मरीजों की भारी भीड़ के चलते अधिकारियों ने स्वयं मरीजों को दवाईयां वितरित की। इस बीच फार्मेसिस्ट और तीमारदारों में हाथापाई भी हुई।
प्रमुख चिकित्सा अधिक्षिका डा. आशा शर्मा ने ओपीडी के कमरा नंबर 24 और 25 में पहुंचकर दवाई लेने पहुंचे मरीजों को दवाईयां दिलवाई। यहां फार्मेसिस्ट और तीमारदारों के हंगामे के बीच उन्होंने अपने कक्ष में पहुंचकर मरीजों को दवाईयां दिलाई।
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तीमारदारों के गुस्से को देखते हुए कई कर्मचारी मौके से निकल लिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल मुख्य गेट को खुलवाया। बता दें कि उप्र प्रयोगशाला प्राविधिज्ञ संघ, ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन और डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारी मंगलवार और बुधवार को हड़ताल पर रहे।
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हड़ताल के चलते जिला अस्पताल में ओपीडी तो चली, लेकिन बाकी सुविधाएं बंद रही। इसकी वजह से बेड पर पड़े मरीज बिलबिला उठे। कई मरीजों को समय से दवा और उपचार न मिलने के कारण हालत बिगड़ गई। इससे नाराज तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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देखते देखते तीमारदारों की संख्या सैकड़ों में बदल गई। हंगामा होता देख अन्य लोग भी उनके साथ हो लिए और जिला अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने अस्पताल के मुख्य गेट को बंद करते हुए ताला जड़ने का प्रयास किया।
लेकिन अन्य मरीजों की आवाजाही के चलते कुछ देर बाद गेट खोल देेना पड़ा। हंगामे की सूचना मिलते ही जनकपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत किया।
फार्मेसिस्ट और तीमारदार में हाथापाई ः जिला अस्पताल में स्टाफ की हड़ताल और मरीजों की भारी भीड़ के चलते अधिकारियों ने स्वयं मरीजों को दवाईयां वितरित की। इस बीच फार्मेसिस्ट और तीमारदारों में हाथापाई भी हुई।
प्रमुख चिकित्सा अधिक्षिका डा. आशा शर्मा ने ओपीडी के कमरा नंबर 24 और 25 में पहुंचकर दवाई लेने पहुंचे मरीजों को दवाईयां दिलवाई। यहां फार्मेसिस्ट और तीमारदारों के हंगामे के बीच उन्होंने अपने कक्ष में पहुंचकर मरीजों को दवाईयां दिलाई।