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स्टोन क्रेशर पर मजदूर की मौत, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:59 PM IST
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स्टोन क्रेशर पर ग्रामीण की मौत के बाद विलाप करते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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बिहारीगढ़ में थाना क्षेत्र के गांव नौरगंपुर के निकट शुक्रवार की देर रात अवैध रूप से चल रहे एक स्टोन क्रेशर पर कार्य कर रहे एक श्रमिक की ट्रैक्टर ट्राली व जेसीबी मशीन के बीच दबने से मौत हो गई। श्रमिक की मौत के बाद परिजनों ने ग्रामीणों के साथ क्रेशर पर हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंच मामले को शांत कराया।
हिंडन नदी पर स्थित इस स्टोन क्रेशर पर यहीं का रहने वाला सेवाराम दो माह से कार्य कर रहा था। शुक्रवार की देर रात वह ट्रैक्टर ट्राली व जेसीबी के बीच आ गया और भिंचने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन फानन में क्रेशर पर काम कर रहे अन्य लोग उसे सहारनपुर ले कर गए जहां उसकी मौत हो गई। सेवाराम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों के साथ स्टोन क्रेशर पर पहुंचे ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सेवाराम मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था। उसकी मौत के बाद सारी जिम्मेदारी पत्नी रेखा के कंधों पर आ गई है। मृतक अपने पीछे चार बेटियां और दो बेटे छोड़ गया है। सबसे बड़े बच्चे की उम्र मात्र 15 साल है।
ग्रामीण नीटू सैनी, जाकिर, नाजिम, जुुगेंद्र, सोम, शाजिद, तारिफ, श्यामलाल आदि का आरोप है कि जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्रेशर बंद हैं, तो रात में इन्हें किस आधार पर चलाया जा रहा है? प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है?
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उधर, बिहारीगढ़ थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर संजय वर्मा का कहना है कि मृतक के भाई रूग्गा की तहरीर पर इत्तफाकिया हादसे की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। रही बात रात में स्टोन क्रेशर चलने के आरोपों की तो इसकी जांच कराई जा रही है, यदि आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
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हिंडन नदी पर स्थित इस स्टोन क्रेशर पर यहीं का रहने वाला सेवाराम दो माह से कार्य कर रहा था। शुक्रवार की देर रात वह ट्रैक्टर ट्राली व जेसीबी के बीच आ गया और भिंचने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन फानन में क्रेशर पर काम कर रहे अन्य लोग उसे सहारनपुर ले कर गए जहां उसकी मौत हो गई। सेवाराम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों के साथ स्टोन क्रेशर पर पहुंचे ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सेवाराम मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था। उसकी मौत के बाद सारी जिम्मेदारी पत्नी रेखा के कंधों पर आ गई है। मृतक अपने पीछे चार बेटियां और दो बेटे छोड़ गया है। सबसे बड़े बच्चे की उम्र मात्र 15 साल है।
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ग्रामीण नीटू सैनी, जाकिर, नाजिम, जुुगेंद्र, सोम, शाजिद, तारिफ, श्यामलाल आदि का आरोप है कि जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्रेशर बंद हैं, तो रात में इन्हें किस आधार पर चलाया जा रहा है? प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है?
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उधर, बिहारीगढ़ थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर संजय वर्मा का कहना है कि मृतक के भाई रूग्गा की तहरीर पर इत्तफाकिया हादसे की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। रही बात रात में स्टोन क्रेशर चलने के आरोपों की तो इसकी जांच कराई जा रही है, यदि आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई की जाएगी।