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Saharanpur News: महानगर में कुत्तों की नसबंदी, निकायों और ग्राम पंचायतों बजट का रोना
Sat, 21 Sep 2024 03:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 21 Sep 2024 03:46 AM IST
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खूंखार होते कुत्ते
सहारनपुर। आवारा कुत्ते लगातार खूंखार हो रहे हैं, जो लोगों खासकर बच्चों को निशाना बना रहे हैं। लेकिन संबंधित निकायों और ग्राम पंचायतों का इस पर ध्यान नहीं है। महानगर की बात करें तो नगर निगम द्वारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। बाकी निकायों और ग्राम पंचायतों के पास इसके लिए बजट ही नहीं है।
रामपुर मनिहारान के गांव मजरा काजीपुरा में दो दिन पहले कुत्तों ने एक बच्चे को नोचकर मार डाला था। यह पहली घटना नहीं है। बीते कुछ वर्षों में कुत्तों के हमले से जुड़ी डेढ़ दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकीं हैं। सरकारी अस्पताल का आंकड़ा उठाकर देखें तो प्रतिदिन 100 से अधिक लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं। महानगर में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम द्वारा बेहट रोड की शाकंभरी विहार कॉलोनी में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाया हुआ है।
कुत्तों की नसबंदी के लिए एक फर्म को ठेका दिया गया है। 2022 से अभी तक 15,000 से अधिक कुत्तों की नसबंदी महानगर में की जा चुकी है। वहीं, जनपद के बाकी निकाय बजट नहीं होने का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पीछा छुड़ा रहे हैं।
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- नकुड़ नगर पालिका के ईओ सुनील कुमार सरोज का कहना है कि कुत्तों की नसबंदी के लिए अनुबंध नहीं होने की वजह से अभी तक अभियान शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए बजट भी नहीं मिला है।
- देवबंद नगर पालिका के ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय का कहना है कि जब से वह यहां कार्यरत हैं किसी कुत्ते की नसबंदी नहीं हुई है। इसके लिए बजट भी नहीं है।
- तीतरों नगर पंचायत के मुख्य लिपिक राजकुमार ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए शासन से कोई बजट नहीं मिला है। बिना बजट के कुत्तों की नसबंदी कैसे कराएं।
- सरसावा नगर पालिका के ईओ राजीव कुमार ने बताया कि चार महीने से कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। नानौता और छुटमलपुर नगर पंचायतों के ईओ कमलाकांत राजवंशी ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए टीम की तलाश जारी है। उधर, ग्राम पंचायतों के पास भी कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण का कोई बजट नहीं है।
- महानगर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। ऐसे में नगर निगम ने नसबंदी का निर्णय लिया। नगर निगम द्वारा 2022 में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई। अभी तक 15,000 से अधिक कुत्तों की नसबंदी कराई जा चुकी है। - डॉ. संदीप मिश्रा, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम।
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रामपुर मनिहारान के गांव मजरा काजीपुरा में दो दिन पहले कुत्तों ने एक बच्चे को नोचकर मार डाला था। यह पहली घटना नहीं है। बीते कुछ वर्षों में कुत्तों के हमले से जुड़ी डेढ़ दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकीं हैं। सरकारी अस्पताल का आंकड़ा उठाकर देखें तो प्रतिदिन 100 से अधिक लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं। महानगर में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम द्वारा बेहट रोड की शाकंभरी विहार कॉलोनी में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाया हुआ है।
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कुत्तों की नसबंदी के लिए एक फर्म को ठेका दिया गया है। 2022 से अभी तक 15,000 से अधिक कुत्तों की नसबंदी महानगर में की जा चुकी है। वहीं, जनपद के बाकी निकाय बजट नहीं होने का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पीछा छुड़ा रहे हैं।
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- नकुड़ नगर पालिका के ईओ सुनील कुमार सरोज का कहना है कि कुत्तों की नसबंदी के लिए अनुबंध नहीं होने की वजह से अभी तक अभियान शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए बजट भी नहीं मिला है।
- देवबंद नगर पालिका के ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय का कहना है कि जब से वह यहां कार्यरत हैं किसी कुत्ते की नसबंदी नहीं हुई है। इसके लिए बजट भी नहीं है।
- तीतरों नगर पंचायत के मुख्य लिपिक राजकुमार ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए शासन से कोई बजट नहीं मिला है। बिना बजट के कुत्तों की नसबंदी कैसे कराएं।
- सरसावा नगर पालिका के ईओ राजीव कुमार ने बताया कि चार महीने से कुत्तों की नसबंदी की जा रही है। नानौता और छुटमलपुर नगर पंचायतों के ईओ कमलाकांत राजवंशी ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए टीम की तलाश जारी है। उधर, ग्राम पंचायतों के पास भी कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण का कोई बजट नहीं है।
- महानगर में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। ऐसे में नगर निगम ने नसबंदी का निर्णय लिया। नगर निगम द्वारा 2022 में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई। अभी तक 15,000 से अधिक कुत्तों की नसबंदी कराई जा चुकी है। - डॉ. संदीप मिश्रा, पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी, नगर निगम।