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गन्ना समिति के विशेष सचिव को घेरा, प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, देवबंद
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:57 AM IST
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सहकारी गन्ना समिति में विशेष सचिव का घेराव करते किसान।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पेराई सत्र समाप्त होने के बाद भी बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न होने से नाराज किसानों ने बुधवार को सहकारी गन्ना समिति के विशेष सचिव का घेराव किया। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
भारतीय किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक अनिल सिंह के नेतृत्व में किसान सहकारी गन्ना समिति पहुंचे। जहां उन्होंने विशेष सचिव रामनरेश शर्मा का घेराव करते हुए बकाया गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की।
अनिल सिंह ने कहा कि चीनी मिलों में पेराई सत्र समाप्त हुए 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक चीनी मिलों ने बकाया भुगतान नहीं किया है। किसान परेशान हैं, क्योंकि गेहूं की फसल बारिश व ओलावृष्टि से नष्ट हो चुकी है। ऊपर से चीनी मिलों द्वारा भुगतान न किए जाने किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।
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जबकि, पेराई सत्र आरंभ होने से पूर्व मिलों व सरकार में समझौता हुआ था कि गन्ना खरीद के 14 दिन के भीतर 230 रुपये क्विंटल की दर से भुगतान चीनी मिलों द्वारा दिया जाएगा, जबकि अंतर भुगतान 60 रुपये क्विंटल मिल बंद होने के बाद होगा। तीसरी शर्त थी कि अगर चीनी 3200 रुपये कुंतल से कम बिकेगी तो सरकार चीनी मिलों को प्रोत्साहन देगी। साथ ही यदि चीनी के रेट बढ़ते हैं तो मिलों को ही भुगतान करना पड़ेगा।
अब बाजार में चीनी के भाव करीब 4000 रुपये क्विंटल हैं तो भी चीनी मिले भुगतान करने में आना कानी कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गन्ना समिति द्वारा किसानों को कृषि यंत्र अब तक मुहैया नहीं कराए गए हैं, जबकि गेहूं कटाई उपरांत खेती का कार्य सबसे अधिक चलता है। इसलिए तुरंत किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जाएं। चेतावनी दी यदि मांगे शीघ्र पूरी न हुई तो सोसाइटी प्रांगण में धरना दिया जाएगा।
विशेष सचिव को ज्ञापन व घेराव करने वालों में रामबीर सिंह, आशु, मदन सिंह, रामकुमार प्रधान, महीपाल सिंह, सत्यकुमार, हन्नी सिंह, किशोर कुमार, टीटू राणा, शिवकुमार सिंह, पंकज सैनी, राकेश सैनी आदि मौजूद रहे। उधर, विशेष सचिव रामनरेश शर्मा ने किसानों को मांगे पूरा कराने का आश्वासन दिलाया गया।
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भारतीय किसान मजदूर मोर्चा के संयोजक अनिल सिंह के नेतृत्व में किसान सहकारी गन्ना समिति पहुंचे। जहां उन्होंने विशेष सचिव रामनरेश शर्मा का घेराव करते हुए बकाया गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की।
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अनिल सिंह ने कहा कि चीनी मिलों में पेराई सत्र समाप्त हुए 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक चीनी मिलों ने बकाया भुगतान नहीं किया है। किसान परेशान हैं, क्योंकि गेहूं की फसल बारिश व ओलावृष्टि से नष्ट हो चुकी है। ऊपर से चीनी मिलों द्वारा भुगतान न किए जाने किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है।
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जबकि, पेराई सत्र आरंभ होने से पूर्व मिलों व सरकार में समझौता हुआ था कि गन्ना खरीद के 14 दिन के भीतर 230 रुपये क्विंटल की दर से भुगतान चीनी मिलों द्वारा दिया जाएगा, जबकि अंतर भुगतान 60 रुपये क्विंटल मिल बंद होने के बाद होगा। तीसरी शर्त थी कि अगर चीनी 3200 रुपये कुंतल से कम बिकेगी तो सरकार चीनी मिलों को प्रोत्साहन देगी। साथ ही यदि चीनी के रेट बढ़ते हैं तो मिलों को ही भुगतान करना पड़ेगा।
अब बाजार में चीनी के भाव करीब 4000 रुपये क्विंटल हैं तो भी चीनी मिले भुगतान करने में आना कानी कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गन्ना समिति द्वारा किसानों को कृषि यंत्र अब तक मुहैया नहीं कराए गए हैं, जबकि गेहूं कटाई उपरांत खेती का कार्य सबसे अधिक चलता है। इसलिए तुरंत किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जाएं। चेतावनी दी यदि मांगे शीघ्र पूरी न हुई तो सोसाइटी प्रांगण में धरना दिया जाएगा।
विशेष सचिव को ज्ञापन व घेराव करने वालों में रामबीर सिंह, आशु, मदन सिंह, रामकुमार प्रधान, महीपाल सिंह, सत्यकुमार, हन्नी सिंह, किशोर कुमार, टीटू राणा, शिवकुमार सिंह, पंकज सैनी, राकेश सैनी आदि मौजूद रहे। उधर, विशेष सचिव रामनरेश शर्मा ने किसानों को मांगे पूरा कराने का आश्वासन दिलाया गया।