यूपी के सहारनपुर में अनुसूचित जाति के छह लोगों ने अपनाया बौद्ध धर्म, इस बात से हैं नाराज
शब्बीरपुर गांव में अनुसूचित जाति के लोगों ने 25 फरवरी को संत गुरु रविदास की जयंती पर प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट से शोभायात्रा निकालने से इनकार किया है। इसको लेकर बीते दो वर्ष से वह नाराजगी जता रहे हैं, जबकि उससे पहले जब 2017 में जातीय हिंसा हुई थी तो प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट से ही दो साल तक शोभायात्रा निकाली गई थी।
प्रशासन का विरोध करते हुए अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों ने चेतावनी दी थी कि वह बौद्ध धर्म अपना लेंगे। इसी के चलते सोमवार को शब्बीरपुर में लोग रविदास मंदिर परिसर में इकट्ठा हुए। इस दौरान सुदेश, आयुष, अंजना, हरीश, नमन एवं विनय ने बौद्ध धर्म अपना लिया।
इस दौरान सुदेश, शिवकुमार, मनवीर, अग्नि भास्कर आदि के नेतृत्व में समाज के लोगों की बैठक हुई। धम्म भंते आनंद सागर और भंते बुद्ध घोष से आशीर्वाद लिया। दीक्षा लेने के उपरांत भीम नमो बुद्धाय का उद्घोष किया गया।
अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई: डीएम
जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा कि ग्राम शब्बीरपुर में संत रविदास जयंती के अवसर पर निकाली जाने वाली शोभायात्रा को वर्ष 2018 व उसके बाद निर्धारित मार्ग पर निकाले जाने के लिए पुलिस व प्रशासन ने अनुमति प्रदान की है। स्वीकृत मार्ग के अतिरिक्त गैर परंपरागत एवं अन्य मार्गों पर जुलूस/शोभायात्रा निकाले जाने की किसी भी दशा में अनुमति नहीं है।
डीएम ने कहा कि जनपद में संत रविदास की शोभा यात्राओं एवं विशेषकर ग्राम शब्बीरपुर की शोभायात्रा के संबंध में किसी भी प्रकार की अफवाहों पर आम जनता को ध्यान नहीं देना है। अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया में व्हाट्सएप, फेसबुक आदि पर विशेष निगरानी रखें। अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्राम शब्बीरपुर के आयोजकों द्वारा वर्ष 2018 से पूर्व निर्धारित मार्ग पर जुलूस/शोभायात्रा निकाले जाने के लिए पुलिस व प्रशासन द्वारा अनुमति प्रदान की गई है। शोभायात्रा के आयोजकों से समन्वय स्थापित करते हुए समय-समय पर शांति समिति की बैठक की गईं और निर्धारित मार्ग पर ही शोभायात्रा सकुशल एवं शांतिपूर्वक निकालने का अनुरोध किया गया है। शोभायात्रा के दौरान गड़बड़ी, अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। शांतिभंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।