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Saharanpur News: बस स्टैंड के लिए अतिरिक्त नहीं मिली छह एकड़ सरकारी भूमि
Tue, 14 May 2024 02:34 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 14 May 2024 02:34 AM IST
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सहारनपुर। महानगर में अंतरराज्यीय बस स्टैंड के लिए युद्धस्तर पर तैयारी चल रही है। परिवहन निगम व आवास विकास परिषद की भूमि का मूल्यांकन कर लिया है। लेकिन, बस स्टैंड के अतिरिक्त दिल्ली रोड पर छह एकड़ सरकारी भूमि नहीं मिली है। ऐसे में अब प्रशासन ने प्राइवेट भूमि की तलाश शुरू करा दी है। क्योंकि 15 मई को शासन स्तर पर बैठक होगी। जिसमें पांच बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी।
दरअसल, महानगर में स्थायी बस स्टैंड नहीं है। रेलवे रोड, कांशीराम कॉलोनी व मानकमऊ से रोडवेज की बसें संचालित होती हैं। तीनों बस स्टैंड अलग-अलग स्थानों पर होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंतरराज्यीय बस स्टैंड के लिए जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व, सहायक महानिरीक्षक निबंधन, एसडीएम सदर, परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक, आवास विकास के अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, नगर निगम के अधिशासी अभियंता की टीम गठित की थी। इसके बाद टीम ने परिवहन निगम व आवास विकास परिषद जमीनों का निरीक्षण कर मूल्यांकन किया था। क्योंकि, जमीन की अदला-बदली होनी है। परिवहन निगम जमीन की कीमत 192 करोड़ तो आवास विकास परिषद जमीन 158 करोड़ रुपये दर्शायी गई है।
जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर व परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को दिल्ली रोड पर ही बस स्टैंड की भूमि के अतिरिक्त छह एकड़ जमीन तलाशने के निर्देश दिए थे। दोनों अधिकारियों ने दिल्ली रोड पर सर्वे किया। लेकिन, छह एकड़ सरकारी भूमि नहीं मिली है। इसको लेकर आख्या भी दे दी गई है। अब प्राइवेट भूमि की तलाश में अधिकारी जुटे हुए हैं। यहीं नहीं 2031 मास्टर प्लान के तहत आवास विकास परिषद की जमीन आवासीय और परिवहन निगम की भूमि बस टर्मिनल में दर्ज है। 15 मई को लखनऊ में होने वाली बैठक के लिए मंडलायुक्त को रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है। बैठक में पांच बिंदुओं पर चर्चा होगी। इस बैठक में अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर निर्णय लिया जाएगा।
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दरअसल, महानगर में स्थायी बस स्टैंड नहीं है। रेलवे रोड, कांशीराम कॉलोनी व मानकमऊ से रोडवेज की बसें संचालित होती हैं। तीनों बस स्टैंड अलग-अलग स्थानों पर होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंतरराज्यीय बस स्टैंड के लिए जिलाधिकारी ने एडीएम वित्त एवं राजस्व, सहायक महानिरीक्षक निबंधन, एसडीएम सदर, परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक, आवास विकास के अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, नगर निगम के अधिशासी अभियंता की टीम गठित की थी। इसके बाद टीम ने परिवहन निगम व आवास विकास परिषद जमीनों का निरीक्षण कर मूल्यांकन किया था। क्योंकि, जमीन की अदला-बदली होनी है। परिवहन निगम जमीन की कीमत 192 करोड़ तो आवास विकास परिषद जमीन 158 करोड़ रुपये दर्शायी गई है।
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जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर व परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को दिल्ली रोड पर ही बस स्टैंड की भूमि के अतिरिक्त छह एकड़ जमीन तलाशने के निर्देश दिए थे। दोनों अधिकारियों ने दिल्ली रोड पर सर्वे किया। लेकिन, छह एकड़ सरकारी भूमि नहीं मिली है। इसको लेकर आख्या भी दे दी गई है। अब प्राइवेट भूमि की तलाश में अधिकारी जुटे हुए हैं। यहीं नहीं 2031 मास्टर प्लान के तहत आवास विकास परिषद की जमीन आवासीय और परिवहन निगम की भूमि बस टर्मिनल में दर्ज है। 15 मई को लखनऊ में होने वाली बैठक के लिए मंडलायुक्त को रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है। बैठक में पांच बिंदुओं पर चर्चा होगी। इस बैठक में अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर निर्णय लिया जाएगा।
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