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साहब ! ऐसा मिड-डे मील नहीं खा सकते
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 22 Sep 2015 11:55 PM IST
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साढ़ौली कदीम विकासखंड क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुर्तजापुर में मिड-डे मील की गुणवत्ता घटिया होने पर बच्चों ने उसे खाने से इंकार कर दिया। मंगलवार को परोसे गए दाल-चावल को लेकर सात बच्चे तहसील पहुंच गए और दाल-चावल तहसीलदार को दिखाया। यह देखकर तहसीलदार को भी गुस्सा आ गया।
उन्होंने तुरंत एबीएसए को फोन पर दफ्तर आने के लिए कहा। इस पर एबीएसए ने दो कर्मचारियों को तहसीलदार के पास भेजा गया। विद्यालय के हेडमास्टर को भी बुलाया गया। हेड मास्टर को हड़काते हुए तहसीलदार ने उनके खिलाफ डीएम को रिपोर्ट भेजने की बात कहकर बच्चों को वापस घर भेज दिया।
पूर्व माध्यमिक मुर्तजापुर तहसील मुख्यालय से मुश्किल से एक किमी की दूर पर है। मंगलवार की सुबह तकरीबन 11 बजे सात बच्चे थालियां हाथ में लेकर तहसील पहुंच गए। थालियों में दाल-चावल थे। चावल की गाठें थालियों में पड़ी थीं। दाल के नाम पर थाली में नमक का पानी भरा था।
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बच्चों ने पूछा उन्हें यह खाना किसी अधिकारी को दिखाना है। किसी ने उन्हें तहसीलदार दफ्तर का रास्ता दिखाया। सभी बच्चे तहसीलदार के दफ्तर में पहुंचे और थालियों को उनकी मेज पर रखकर बोले कि यह खाना उन्हें स्कूल में दिया जाता है। कक्षा 6 के सागर और उदय, कक्षा 7 के आलन और सन्नी, कक्षा 8 के अनिकेत और तुषार आदि ने बताया कि उन्हें विद्यालय में रोटी नहीं मिलती। दाल के नाम पर पानी और खिचड़ी से भी बदतर चावल दिया जाता है। लिखाई-पढ़ाई के नाम पर स्कूल में उनसे घास उखड़वाई जाती है।
तहसीलदार ने एबीएसए को फोन मिलाकर दफ्तर आने के लिए कहा। एबीएसए ने अपने दफ्तर से कुछ कर्मचारियों को मौके पर भेजा। इसके बाद विद्यालय के हेडमास्टर को भी बुलवा लिया गया। तहसीलदार ने हेडमास्टर को बच्चों को दिए जाने वाले राशन की गुणवत्ता पर जमकर हड़काया। कहा कि वह इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजेंगे। इसके बाद तहसीलदार ने बच्चों को वापस कर दिया।
यदि इस तरह की पुनरावृत्ति हुई तो हेड मास्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हेडमास्टर को बच्चों को गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। वह खुद विद्यालय जाकर बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को परखेंगे।
-लक्ष्मीकांत एबीएसए साढ़ौली कदीम
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उन्होंने तुरंत एबीएसए को फोन पर दफ्तर आने के लिए कहा। इस पर एबीएसए ने दो कर्मचारियों को तहसीलदार के पास भेजा गया। विद्यालय के हेडमास्टर को भी बुलाया गया। हेड मास्टर को हड़काते हुए तहसीलदार ने उनके खिलाफ डीएम को रिपोर्ट भेजने की बात कहकर बच्चों को वापस घर भेज दिया।
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पूर्व माध्यमिक मुर्तजापुर तहसील मुख्यालय से मुश्किल से एक किमी की दूर पर है। मंगलवार की सुबह तकरीबन 11 बजे सात बच्चे थालियां हाथ में लेकर तहसील पहुंच गए। थालियों में दाल-चावल थे। चावल की गाठें थालियों में पड़ी थीं। दाल के नाम पर थाली में नमक का पानी भरा था।
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बच्चों ने पूछा उन्हें यह खाना किसी अधिकारी को दिखाना है। किसी ने उन्हें तहसीलदार दफ्तर का रास्ता दिखाया। सभी बच्चे तहसीलदार के दफ्तर में पहुंचे और थालियों को उनकी मेज पर रखकर बोले कि यह खाना उन्हें स्कूल में दिया जाता है। कक्षा 6 के सागर और उदय, कक्षा 7 के आलन और सन्नी, कक्षा 8 के अनिकेत और तुषार आदि ने बताया कि उन्हें विद्यालय में रोटी नहीं मिलती। दाल के नाम पर पानी और खिचड़ी से भी बदतर चावल दिया जाता है। लिखाई-पढ़ाई के नाम पर स्कूल में उनसे घास उखड़वाई जाती है।
तहसीलदार ने एबीएसए को फोन मिलाकर दफ्तर आने के लिए कहा। एबीएसए ने अपने दफ्तर से कुछ कर्मचारियों को मौके पर भेजा। इसके बाद विद्यालय के हेडमास्टर को भी बुलवा लिया गया। तहसीलदार ने हेडमास्टर को बच्चों को दिए जाने वाले राशन की गुणवत्ता पर जमकर हड़काया। कहा कि वह इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजेंगे। इसके बाद तहसीलदार ने बच्चों को वापस कर दिया।
यदि इस तरह की पुनरावृत्ति हुई तो हेड मास्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हेडमास्टर को बच्चों को गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। वह खुद विद्यालय जाकर बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को परखेंगे।
-लक्ष्मीकांत एबीएसए साढ़ौली कदीम