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Saharanpur News: नर्सरियां विकसित करने को प्रशिक्षति होंगे स्वयं सहायता समूह
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सहारनपुर। ग्राम पंचायतों में विकसित की जाने वाली नर्सरियों के लिए स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके तहत कृषि वैज्ञानिक इनको प्रशिक्षित करेंगे। इसके लिए जल्द प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन होगा।
दरअसल, जनपद की ग्राम पंचायतों में नर्सरियां बनाई जानी है। पहले चरण में 210 ग्राम पंचायतों में नर्सरियां विकसित की जाएंगी। इसकी जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को दी गई हैं। इसके तहत उद्यान विभाग की ओर से स्वयं सहायता समूहों को बीज भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस कार्य को मनरेगा में भी शामिल किया गया है।
नर्सरियों में औषधीय और फूलों एवं सब्जी के पौधे तैयार करने के लिए स्वयं सहायता समूहों को कृषि वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इनको कृषि वैज्ञानिक प्रशिक्षित करेंगे। ताकि स्वयं सहायता समूह के सदस्य अच्छी पौध तैयार कर सकें। पौध बिकने पर होने वाला मुनाफा भी स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा।
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यह पौध होंगी तैयार
आम, अमरूद, नींबू, लीची, आडू, शहतूत, चीकू, बरगद, गेंदा, गुलाब, सदा बहार, सूरजमुखी, चमेली का फूल, तुलसी, अश्वगंधा, नीम, आंवला, अदरक, संतरा सहित अनेक प्रजातियों की पौध तैयार की जाएगी।
ग्राम पंचायतों में नर्सरियां विकसित की जानी है। इसकी जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। इन समूूहों के सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। - विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी
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दरअसल, जनपद की ग्राम पंचायतों में नर्सरियां बनाई जानी है। पहले चरण में 210 ग्राम पंचायतों में नर्सरियां विकसित की जाएंगी। इसकी जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को दी गई हैं। इसके तहत उद्यान विभाग की ओर से स्वयं सहायता समूहों को बीज भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस कार्य को मनरेगा में भी शामिल किया गया है।
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नर्सरियों में औषधीय और फूलों एवं सब्जी के पौधे तैयार करने के लिए स्वयं सहायता समूहों को कृषि वैज्ञानिकों से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इनको कृषि वैज्ञानिक प्रशिक्षित करेंगे। ताकि स्वयं सहायता समूह के सदस्य अच्छी पौध तैयार कर सकें। पौध बिकने पर होने वाला मुनाफा भी स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा।
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यह पौध होंगी तैयार
आम, अमरूद, नींबू, लीची, आडू, शहतूत, चीकू, बरगद, गेंदा, गुलाब, सदा बहार, सूरजमुखी, चमेली का फूल, तुलसी, अश्वगंधा, नीम, आंवला, अदरक, संतरा सहित अनेक प्रजातियों की पौध तैयार की जाएगी।
ग्राम पंचायतों में नर्सरियां विकसित की जानी है। इसकी जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। इन समूूहों के सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। - विजय कुमार, मुख्य विकास अधिकारी