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Saharanpur News: 10 दिन में अनुपालन आख्या न मिलने पर रुकेगा वेतन
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सहारनपुर। सहारनपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के चेयरमैन मंडलायुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने परियोजनाओं की निरीक्षण रिपोर्ट के बाद अनुपालन आख्या प्रस्तुत नहीं करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ऐसी कार्यदायी संस्थाओं का भुगतान तक रोकने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
वह शनिवार को सर्किट हाउस में सहारनपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक ले रहे थे।
अमर उजाला ने 21 से 25 दिसंबर तक अभियान चलाकर स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के निर्माण की धीमी गति से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। शनिवार को स्मार्ट सिटी सहारनपुर के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में उक्त सभी बिंदुओं को लिया गया।
सीईओ नगरायुक्त संजय चौहान ने बोर्ड सदस्यों को अवगत कराया कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की संस्था भारतीय गुणवत्ता परिषद को स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के लिए तीसरे पक्ष के रूप में एजेंसी नामित किया है। एजेंसी की और से अभी तक 12 बार विभिन्न परियोजनाओं पर 80 निरीक्षण किए गए हैं लेकिन कार्यदायी संस्थाओं से अनुपालन आख्या प्राप्त नहीं हुई है। इस पर चेयरमैन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए दस दिन में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। ऐसा न होने पर संबंधित कार्यदायी संस्थाओं का भुगतान रोकने के निर्देश दिए हैं। सीईओ ने बोर्ड को यह भी अवगत कराया गया कि समय से कार्य पूर्ण न करने के कारण 16 परियोजनाओं से संबद्ध कार्यदायी संस्थाओं व ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जा चुका है।
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चेयरमैन ने हैबिटेट सेंटर और कनवेंशन हॉल सहित राजस्व देने वाली परियोजनाओं का रेवेन्यू मॉडल विकसित करने पर जोर दिया। संस्थाओं के अधिकारियों ने मार्च 2025 तक सभी परियोजनाएं पूरी करने का आश्वासन दिया।
यह भी बताया कि स्टेडियम की सभी 15 परियोजनाएं पूरी कर ली गई हैं और खेल विभाग को हस्तांतरित कर दी गई हैं। चेयरमैन ने ढमोला नदी पर निर्माणाधीन पुल, राकेश सिनेमा के पीछे बनी 100 दुकानों, बस चार्जिंग सेंटर, जीआईसी में बने बहुउद्देशीय हॉल आदि की भी जानकारी ली। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कई सुझाव दिए।
वह शनिवार को सर्किट हाउस में सहारनपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक ले रहे थे।
अमर उजाला ने 21 से 25 दिसंबर तक अभियान चलाकर स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के निर्माण की धीमी गति से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। शनिवार को स्मार्ट सिटी सहारनपुर के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में उक्त सभी बिंदुओं को लिया गया।
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सीईओ नगरायुक्त संजय चौहान ने बोर्ड सदस्यों को अवगत कराया कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय की संस्था भारतीय गुणवत्ता परिषद को स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं के लिए तीसरे पक्ष के रूप में एजेंसी नामित किया है। एजेंसी की और से अभी तक 12 बार विभिन्न परियोजनाओं पर 80 निरीक्षण किए गए हैं लेकिन कार्यदायी संस्थाओं से अनुपालन आख्या प्राप्त नहीं हुई है। इस पर चेयरमैन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए दस दिन में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। ऐसा न होने पर संबंधित कार्यदायी संस्थाओं का भुगतान रोकने के निर्देश दिए हैं। सीईओ ने बोर्ड को यह भी अवगत कराया गया कि समय से कार्य पूर्ण न करने के कारण 16 परियोजनाओं से संबद्ध कार्यदायी संस्थाओं व ठेकेदारों पर जुर्माना लगाया जा चुका है।
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चेयरमैन ने हैबिटेट सेंटर और कनवेंशन हॉल सहित राजस्व देने वाली परियोजनाओं का रेवेन्यू मॉडल विकसित करने पर जोर दिया। संस्थाओं के अधिकारियों ने मार्च 2025 तक सभी परियोजनाएं पूरी करने का आश्वासन दिया।
यह भी बताया कि स्टेडियम की सभी 15 परियोजनाएं पूरी कर ली गई हैं और खेल विभाग को हस्तांतरित कर दी गई हैं। चेयरमैन ने ढमोला नदी पर निर्माणाधीन पुल, राकेश सिनेमा के पीछे बनी 100 दुकानों, बस चार्जिंग सेंटर, जीआईसी में बने बहुउद्देशीय हॉल आदि की भी जानकारी ली। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कई सुझाव दिए।